मुंबई: महाराष्ट्र के डिप्टी सीएण अजित पवार ने अपने बेटे की कंपनी से जुड़े एक संदिग्ध जमीन सौदे के बाद एक कार्यकर्ता द्वारा इस्तीफे की मांग किए जाने पर बुधवार को कहा कि वह अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनकर फ़ैसला लेंगे। अजित पवार के बेटे पार्थ से जुड़ी एक निजी कंपनी पुणे के मुंधवा इलाके में एक सरकारी भूखंड से जुड़े 300 करोड़ रुपये के सौदे के केंद्र में है, जिसे अब रद्द कर दिया गया है।
सीनियर आईएएस करेंगे जांच
अनियमितताओं के आरोपों और विपक्ष की आलोचना के बाद, राज्य सरकार ने पिछले हफ्ते इस सौदे को रद्द कर दिया और राजस्व विभाग के एक सीनियर आईएएस अधिकारी की अध्यक्षता में जांच के आदेश दिए।
इस्तीफा मांगने पर क्या बोले पवार?
सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया ने कथित जमीन घोटाले को लेकर अजित पवार के इस्तीफ़े की मांग की है। दमानिया द्वारा इस्तीफा मांगे जाने के बारे में पूछे जाने पर, उप-मुख्यमंत्री ने पुणे में पत्रकारों से कहा, ‘‘मैं अपनी अंतरात्मा की आवाज़ पर फ़ैसला लूंगा।’’
अजित पवार ने अपने बेटे का बचाव करते हुए दावा किया कि पार्थ को इस बात की जानकारी नहीं थी कि कंपनी द्वारा खरीदी गई जमीन सरकार की है। दिल्ली में 10 नवंबर को हुए कार विस्फोट के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में अजित पवार ने कहा कि मंगलवार को मुंबई में सुरक्षा समीक्षा बैठक हुई और महाराष्ट्र को हाई अलर्ट पर रखा गया।
लैंड डील पर पवार ने क्या दलील दी?
इससे पहले भी अजित पवार कह चुके हैं कि उनके बेटे पार्थ और उनके कारोबारी सहयोगी को इस बात की जानकारी नहीं थी कि पुणे में उनकी कंपनी द्वारा खरीदी गई जमीन सरकारी है और अब इस विवादास्पद सौदे को रद्द कर दिया गया है। उन्होंने कहा था कि सौदे की जांच के लिए सरकार द्वारा नियुक्त समिति एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट देगी।सौदे से संबंधित दस्तावेज़ों का पंजीकरण रद्द कर दिया गया है और इस आशय का एक हलफनामा अधिकारियों को सौंप दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि इस सौदे में एक भी रुपये का लेन-देन नहीं हुआ है।
हमने कभी सत्ता का दुरुपयोग नहीं किया
पवार ने मुंबई में एक कार्यक्रम में कहा, “हमने कभी सत्ता का दुरुपयोग नहीं किया और न ही कभी अहंकार किया। सत्ता का दुरुपयोग ज़्यादा दिन नहीं चलता। जनता हमें आठ लाख वोटों से इसलिए चुनती है क्योंकि हम उनके लिए ईमानदारी से काम करते हैं। जनता और हमारे पार्टी कार्यकर्ताओं की बदौलत ही हम लगातार चुनाव जीतते आ रहे हैं।” (इनपुट-भाषा)



