नागपुर सहित पुरे विदर्भ के अधिकांश जिलों का पर 44 से 46 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच रहा है। चंद्रपुर का नाम देश के सबसे गर्म जिलों के नाम में रिकॉर्ड किया गया है। यहां का तापमान बीते दिन 45.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। नागपुर के चिड़ियाघर में जानवरों के पिंजरे में कलर लगाया गया है। उन्हें विटामिन और मिनरल्स दिया गया है और पिंजरों में पानी का छिड़काव किया जा रहा है। 24 तारीख तक मौसम विभाग ने विदर्भ के अधिकांश जीलो मे हीट वेव का अलर्ट जारी कर दिया है।
नागपुर सहित पूरे विदर्भ में अप्रैल महीने में ऐसा लग रहा है की सूरज आग उगलने लगा है। गर्मी से लोग बेहाल हो गए हैं। विदर्भ का चंद्रपुर सोमवार को देश का सबसे गर्म जिला (45.6 डिग्री सेल्सियस) था। नागपुर सहित विदर्भ के अधिकांश जिलों का तापमान 43 डिग्री सेल्सियस से लेकर 46 डिग्री सेल्सियस के बीच में है। नागपुर ,चंद्रपुर, अमरावती ,अकोला, यवतमाल का तापमान 43/45 डिग्री के बीच में रह रहा है। नागपुर में पिछले चार दिनों से तापमान 44 और 45 डिग्री सेल्सियस के बीच में रिकॉर्ड किया जा रहा है। मौसम विभाग ने 24 तारीख तक हीट अलर्ट जारी किया हुआ है।
नागपुर और विदर्भ में पिछले एक सप्ताह से तापमान में अप्रत्यशित बढ़ोतरी देखी जा रही है। दिन का अधिकतम तापमान 45 के करीब पहुंच चुका है। आदमी गर्मी से बचने के लिए अलग-अलग उपाय कर लेता है, लेकिन जानवरों के लिए बढ़ता तापमान काफी मुश्किल भरा रहता है। इस कारण नागपुर के महाराज बाग चिड़ियाघर में जानवरों के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। जानवरों को पिंजरों में कूलर लगा दिए गए हैं। उनके पिंजरों में पानी का छिड़काव किया जा रहा है। भालू के ऊपर हर 2 घंटे बाद पानी का छिड़काव किया जाता है। तेंदुए के पिंजरे में कुलर लगने के साथ-साथ ग्रीन नेट लगाया गया है। दो-दो घंटे में पानी का छिड़काव किया जा रहा है।
महाराज बाग चिड़ियाघर के डॉक्टर एबी मोटघरे ने बताया कि पक्षियों के पिंजरे में भी कुलर की व्यवस्था की गई है, ग्रीन नेट लगाए गए हैं, खाने पीने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जानवरों के साथ पशु पक्षियों को ठंडा पदार्थ खाने को दिया जा रहा है। पशु पक्षियों को ठंडा फल खाने को दिए जा रहे हैं। विटामिन और मिनरल इन जानवरों को दिया जा रहा है। वेटरनरी डाँक्टर समय-समय पर इन जानवरों के स्वास्थ्य की जानकारी हासिल कर रहे हैं। तापमान इसी तरह बढ़ता रहा तो पिंजरों में पानी के छिड़काव की मात्रा की अवधि ज्यादा बढ़ा दी जाएगी। हिरण, नीलगाय इन जानवरों के खाने में विटामिन और ग्लूकोज मिलाकर दिया जा रहा है ताकि उन्हें धूप से बचाया जा सके।
नागपुर की सड़क पूरी तरीके से सुनसान हो गई है, कुछ ही लोग सड़कों पर दिखते हैं। जिन्हें जरूरी काम होता है, वही बाहर निकलते हैं और जो निकलते भी है उनके शरीर ऊपर से नीचे तक ढके रहते हैं।
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