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महाराष्ट्र: उद्धव ठाकरे को फिर झटका, कल्याण में तमाम पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने पार्टी छोड़ी, शिंदे गुट में हुए शामिल

 Written By: Rituraj Tripathi @riturajfbd
 Published : Jun 25, 2025 11:09 pm IST,  Updated : Jun 26, 2025 12:29 am IST

महाराष्ट्र के ठाणे में उद्धव ठाकरे गुट को बड़ा झटका लगा है और तमाम पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उनका साथ छोड़ दिया है। ये लोग अब शिंदे गुट में हुए शामिल हो गए हैं।

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उद्धव ठाकरे गुट छोड़कर शिंदे गुट में शामिल हुए तमाम कार्यकर्ता Image Source : INDIA TV

ठाणे: महाराष्ट्र के ठाणे से एक बड़ी खबर सामने आई है। यहां के कल्याण शहर में शिवसेना ठाकरे गुट को बड़ा झटका लगा है। ठाकरे गुट के कई पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने पार्टी छोड़ दी है और वह शिवसेना शिंदे गुट में शामिल हुए हैं। विधायक विश्वनाथ भोईर की मौजूदगी में पार्टी में सैकड़ों लोग शामिल किए गए हैं। 

शिंदे का ऑपरेशन टाइगर हो रहा लोकप्रिय

दरअसल महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के ऑपरेशन टाइगर के तहत कई लोग शिंदे गुट में शामिल रहे हैं। कल्याण में तमाम लोगों द्वारा शिंदे गुट ज्वाइन करने पर विधायक विश्वनाथ भोईर का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा, 'कल्याण के बहुत से UBT के पदाधिकारी और कार्यकर्ता, एकनाथ शिंदे और उनके बेटे की कार्यशैली को देखकर शिंदे गुट में शामिल हो गए हैं। हम सभी का स्वागत और अभिनंदन करते हैं और आगे के कार्य के लिए शुभेच्छा देते हैं।' 

18 जून को कांग्रेस को झटका लगा था

इससे पहले 18 जून 2025 को कांग्रेस को झटका लगा था। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता वसंत दादा पाटिल की बहू जयश्री पाटिल ने सांगली जिले के सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ बीजेपी ज्वाइन की थी। इस दौरान महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस और महाराष्ट्र बीजेपी प्रमुख चंद्रशेखर बावनकुले भी मौजूद रहे थे।

वसंतदादा पाटिल की बहू के कांग्रेस छोड़ने से पश्चिमी महाराष्ट्र में बीजेपी की ताकत बढ़ेगी और खासकर मराठा वोट बैंक बीजेपी की तरफ आएगा। गौरतलब है कि वसंत दादा पाटिल महाराष्ट्र के एक प्रमुख राजनेता थे, वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रमुख नेता थे। वह महाराष्ट्र के सीएम और राजस्थान के राज्यपाल भी रहे थे। उन्हें 1967 में उन्हें पद्मभूषण से सम्मानित किया गया था। 

महाराष्ट्र की सियासत में हालही में हुईं ये 2 घटनाएं चर्चा का विषय बन रही हैं। एक तरफ शिंदे गुट मजबूत होता दिख रहा है और दूसरी तरफ बीजेपी का वोट बैंक बढ़ता दिखाई दे रहा है। (कल्याण से सुनील शर्मा)

 

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