मुंबई: मीठी नदी घोटाला केस में अभिनेता डिनो मोरिया से आर्थिक अपराध शाखा (EOW) पूछताछ कर रही है। पिछले 6 घंटे से डिनो मोरिया से इस मामले में पूछताछ हो रही हैं। सूत्रों के अनुसार डिनो मोरिया को कुछ दस्तावेजों के साथ बुलाया गया था, वे उन्हें लेकर आए हैं। सूत्रों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार जांच में मुख्य आरोपी केतन कदम और डिनो मोरया के बीच वित्तीय लेन-देन का पता चला है। इसीलिए डिनो मोरिया को जांच के लिए बुलाया गया है।
क्या कदम और मोरिया के बीच हुआ वित्तीय लेन-देन मीठी नदी से जुड़ा है? इस संबंध में भी जांच की जा रही है। सूत्रों का कहना है कि यह लेन-देन 2018 से 2022 के बीच हुए हैं। इस मामले में फिलहाल डिनो मोरिया और उनके भाई की जांच की जा रही है। मुख्य आरोपी केतन कदम और डिनो मोरिया एक दूसरे को पिछले 20 से 25 सालों से जानते हैं। डिनो मोरया का इन कंपनियों से कोई संबंध नहीं है, लेकिन केतन कदम और उनके बीच लेन-देन हुए हैं।
आर्थिक अपराध शाखा 20 से 22 बैंक खातों का ऑडिट करेगी। पुलिस सिर्फ धोखाधड़ी से जुड़े लेन-देन की जांच कर रही है। इस धोखाधड़ी से जुड़े कुछ अन्य लोगों को भी आर्थिक अपराध शाखा जल्द ही तलब कर पूछताछ के लिए बुलाएगी। इस मामले में अब तक नगर पालिका के 3 अन्य अधिकारियों से भी पूछताछ की जा चुकी है। नगर पालिका से अभी तक कोई दस्तावेज नहीं मिले हैं, उन दस्तावेजों को पुलिस से मांगा गया है।
विधानमंडल की आश्वासन कमिटी भी मीठी नदी घोटाला की जांच करेगी। यह जांच 8 दिनों में पूरी की जाएगी। बता दें कि उद्धव ठाकरे के कार्यकाल में मीठी नदी की सफाई का कॉन्ट्रैक्ट दिया गया था। वहीं इस मामले को लेकर राजनीति गरमा गई है। शिवसेना के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे और एक्टर डीनो मोरिया के बीच रिश्ते और घोटाले में शामिल होने के आरोप लग रहे हैं। EOW की एक विशेष जांच टीम ने इस महीने की शुरुआत में धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश के आरोपों पर पांच ठेकेदारों, तीन बीएमसी अधिकारियों, तीन बिचौलियों और दो निजी कंपनी के अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।
मामले को लेकर विधायक रवि राणा ने आरोप लगाया है कि मीठी नदी की सफाई का कॉन्ट्रैक्ट उद्धव ठाकरे के कार्यकाल में दिया गया था। रवि राणा ने बताया कि विधानमंडल की आश्वासन कमिटी 8 दिन में मीठी नदी घोटाले की जांच रिपोर्ट पेश करेगी और जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई होगी।
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