महाराष्ट्र निकाय चुनाव के बीच अजित पवार की एनसीपी और बीजेपी के बीच तकरार बढ़ती जा रही है। दोनों पार्टियां राज्य में गठबंधन सरकार का हिस्सा हैं, लेकिन निकाय चुनाव में कई शहरों में एक-दूसरे के खिलाफ उम्मीदवार उतारे हैं। इसी वजह से यह दोनों पार्टियों के नेता एक-दूसरे पर हमले करने से पीछे नहीं हट रहे हैं। पहले अजित पवार ने कहा था कि वह उन्हीं लोगों के साथ हैं, जिन्होंने उन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए थे। इसके बाद महाराष्ट्र बीजेपी के अध्यक्ष रविन्द्र चौहान ने कहा है कि अगर वह बोलने लगे तो अजित दादा मुश्किल में पड़ जाएंगे।
उप मुख्यमंत्री अजित पवार ने पुणे की पिंपरी चिंचवड़ महानगरपालिका में भाजपा पर करप्शन, हफ्ता वसूली के आरोप लगाए थे। इस पर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष रविन्द्र चव्हाण ने कहा, “अगर हम बोलने लगेंगे, तो अजित दादा मुश्किल में पड़ जाएंगे। अजित पवार को पहले अपने गिरेबान में झांककर देखना चाहिए।”
अजित पवार को सावधानी बरतने की सलाह
रविन्द्र चव्हाण ने कहा कि अजित पवार जी का यह वक्तव्य चुनाव के मद्देनजर दिया गया है। मुझे लगता है कि अजित पवार को खुद के गिरेबान में झाककर देखना चाहिए। उन्हें देखना चाहिए कि वो किस पार्टी के बारे में कह रहे हैं। नरेंद्र मोदीजी के नेतृत्व वाली पार्टी के बारे में कह रहे हैं। देवेन्द्रजी के नेतृत्व वाली पार्टी के बारे में कह रहे हैं। सच कहूं तो आरोप-प्रत्यारोप कैसे किए जाने चाहिए, यह उन्हें तय करना चाहिए। अगर हम आरोप लगाने लग गए तो उनको बड़ी मुश्किल होगी। इस बात का ध्यान उन्हें रखना चाहिए और सावधानी बरतनी चाहिए।
अजित पवार ने क्या कहा था?
राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने सवाल किया था कि एनसीपी पुणे में आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों को मैदान में क्यों उतार रही है। इसके जवाब में अजित पवार ने भाजपा का नाम लिए बिना कहा कि वह उस सरकार का हिस्सा हैं, जिसने कभी उन पर सिंचाई घोटाले के आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा, "मैं उन लोगों से पूछना चाहता हूं जो हम पर सवाल उठा रहे हैं, उन्हें देखना चाहिए कि किसने किसी व्यक्ति (भगोड़े अपराधी) को भागने में मदद की और पिछले 15 वर्षों का रिकॉर्ड भी देखना चाहिए कि आपराधिक पृष्ठभूमि वाले कितने उम्मीदवारों को किसने नियुक्त किया है? अगर कल किसी के खिलाफ कोई अपराध दर्ज हो जाता है, तो क्या वह व्यक्ति अपराध साबित होने से पहले ही दोषी हो जाता है। मुझ पर भी 70,000 करोड़ रुपये के आरोप लगे थे, जिन लोगों ने मुझ पर ये आरोप लगाए थे, क्या वे सब आज मेरे साथ हैं या नहीं? मुझे बताइए।"
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