ठाणे: ISIS के आतंकी नेटवर्क के काले सच की परतें खुल रही हैं। भारत की सुरक्षा के लिए खतरा ISIS मॉड्यूल महज कट्टरपंथी गतिविधियों तक सीमित नहीं था, बल्कि टेरर फंडिंग के लिए जंगलों की लूट भी कर रहा था। ईडी की जांच में सामने आया कि महाराष्ट्र के ठाणे में एक्टिव कट्टरपंथी ISIS मॉड्यूल खैर की लकड़ी की अवैध कटाई करके उसकी तस्करी कर रहा था। इसके माध्यम से वह करोड़ों रुपये जुटा रहा था, जिसका उपयोग आतंकी साजिशों को अंजाम देने में किया जा रहा था।
लकड़ी चोरी में आया ISIS मॉड्यूल का नाम
बता दें कि टेरर फंडिंग से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले की ईडी की तरफ से की गई जांच से पता चला है कि ठाणे के पडघा गांव से ऑपरेशनल कथित आईएसआईएस मॉड्यूल, स्थानीय संरक्षित वनों से खैर की लकड़ी चुरा रहा था। वह अवैध कटाई करके तस्करी कर रहा था। इसको लेकर ईडी ने 11 दिसंबर को दिल्ली, हजारीबाग (झारखंड), कोलकाता और प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) में कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। इसके अलावा, बोरीवली-पडघा के जुड़वां गांवों में भी सर्च ऑपरेशन चलाया था।
छापेमारी में बरामद हुआ कैश और सोना-चांदी
मनी लॉन्ड्रिंग की यह पड़ताल नवंबर, 2023 में NIA की तरफ से पडघा स्थित बैन वैश्विक आतंकवादी संगठन ISIS के कट्टरपंथी मॉडयूल और भारत में इसके मर चुके स्वघोषित नेता साकिब नाचन के खिलाफ दर्ज मामले से जुड़ी है। छापेमारी के दौरान 3.70 करोड़ रुपये कैश के अलावा 6 करोड़ रुपये कीमत के सोने के आभूषण और सोना-चांदी सीज हुआ था।
कत्था बनाने वाली कंपनियों को सप्लाई कर रहे थे लकड़ी
ईडी के मुताबिक, जांच में मिला कि बोरीवली-पडघा ISIS मॉडयूल से जुड़े कई लोग उस इलाके के संरक्षित वन क्षेत्रों से खैर पेड़ों की अवैध कटाई करके उसकी स्मगलिंग करते थे। खैर नामक इस पेड़ से कत्था निकाला जाता है, जिसका पान में और आयुर्वेदिक दवाइयों में इस्तेमाल किया जाता है। ईडी ने जब कत्था बनाने वाली तमाम कंपनियों और संस्थाओं के परिसरों पर रेड मारी, जो संदिग्धों से लकड़ी की खरीद कर रही थीं।
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