Adhikmas Remedies: आज अधिक श्रावण शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि और मंगलवार का दिन है। प्रतिपदा तिथि आज देर रात 2 बजकर 10 मिनट तक रहेगी। आज से अधिक मास शुरू हो रहा है। अधिक मास को पुरुषोत्तम मास और मलमास के नाम से भी जाना जाता है। शास्त्रों में अधिक मास का बड़ा ही महत्व बताया गया है। मलमास के दौरान किसी भी तरह के शुभ कार्य करने की मनाही होती है। इस समय किसी भी तरह के शुभ कार्य, जैसे- मुंडन, विवाह, गृहप्रवेश, नामकरण या किसी भी तरह की नई चीज नहीं खरीदनी चाहिए। मलमास आज 18 जुलाई से शुरू होकर 16 अगस्त तक रहेगा।अधिक मास के दौरान विभिन्न शुभ फलों की प्राप्ति के लिए क्या उपाय करने चाहिए जानिए आचार्य इंदु प्रकाश से।
1. अगर आप अपने किसी विशेष कार्य की सफलता सुनिश्चित करना चाहते हैं तो अधिक मास के दौरान जल में कुछ बूंद दूध और केसर मिश्रित करके प्रतिदिन भगवान विष्णु को अर्पित करें और भी बेहतर होगा, अगर आप दक्षिणावर्ती शंख में डालकर भगवान को अर्पित करें।
2. अगर आप या आपके परिवार का कोई भी सदस्य कर्ज की किश्तों से परेशान हैं तो पुरुषोत्तम महीने के दौरान पड़ने वाले शनिवार के दिन स्नान आदि के बाद पीपल के पेड़ में जल डालें और साथ ही तेल का दीपक जलाएं।
3. जीवन में किसी भी प्रकार की परेशानियों से छुटकारा पाने के लिए आप इस दौरान श्री विष्णु सहस्त्रनाम् में दिये भगवान विष्णु के इस मंत्र का जप करें। मंत्र है- यस्य स्मरण मात्रेन जन्म संसार बन्धनात्। विमुच्यते नमस्तमै विष्णवे प्रभविष्णवे॥
4. अगर आपको अपनी नौकरी से संबंधित किसी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है या आपका प्रमोशन अटक गया है, तो पुरुषोत्तम महीने के दौरान अधिक श्रावण शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि यानि 27 जुलाई को घर पर पांच छोटी कन्याओं को भोजन के लिए आमंत्रित करें और उन्हें भोजन कराएं। भोजन में दूध, चावल से बनी खीर जरूर होनी चाहिए । भोजन कराने के बाद उनके पैर छूकर आशीर्वाद लेना न भूलें। लेकिन अगर किसी कारणवश कन्याएं आपके घर भोजन करने न आ सकें, तो उनके निमित्त एक थाली में भोजन निकालकर उनके घर दे आएं।
5. अगर आपका मन किसी बात को लेकर उलझा हुआ है, तो पुरुषोत्तम महीने के दौरान जब भी आपको मौका मिले, किसी धार्मिक स्थल की यात्रा पर जरूर जाएं। अगर आप कहीं बाहर धार्मिक यात्रा पर जाने में समर्थ नहीं हैं, तो घर के आस-पास किसी विष्णु मंदिर में जाकर या घर पर ही भगवान विष्णु की प्रतिमा के आगे हाथ जोड़कर प्रणाम करें।
6. किसी भी तरह के भय, बाधा आदि से छुटकारा पाने के लिए इस अधिक मास के दौरान श्री विष्णु सहस्त्रनाम् में रचित इस मंत्र का जप करें । मंत्र है-नमः समस्त भूतानां आदि भूताय भूभृते। अनेक रुप रुपाय विष्णवे प्रभविष्णवे॥
7. अपनी धन-संपदा में वृद्धि करना चाहते हैं, तो पुरुषोत्तम मास के दौरान श्री विष्णु के साथ-साथ माता महालक्ष्मी की भी उपासना करें । साथ ही माता के इस मंत्र का जप करें। मंत्र है- 'श्रीं ह्रीं श्रीं'।
8. अपने दांपत्य रिश्ते को मजबूत बनाये रखना चाहते हैं, तो अधिक मास के दौरान पड़ने वाली दोनों एकादशी तिथि में सवा किलो अनाज लेकर एक पीले रंग के कपड़े की पोटली में बांधकर विष्णु मंदिर में दान कर दें। आपको बता दें कि इस बीच एकादशी तिथि 29 जुलाई और 11 अगस्त को पड़ेंगी।
9. समाज में अपना नाम चमकाने के लिए, अपनी अलग पहचान बनाने के लिए आप श्री विष्णु सहस्त्रनाम् में दिये भगवान विष्णु के इस मंत्र का जप करें। मंत्र है- जगत्प्रभुं देव देव मनन्तं पुरुषोत्तमम्। स्तुवन् नाम सहस्त्रेण पुरुषः सत तोत्थितः।।
10. परिवार में सुख-शांति बनाये रखने के लिए पुरुषोत्तम मास के दौरान प्रतिदिन स्नान आदि के बाद भगवान विष्णु के सामने हाथ जोड़कर गायत्री मंत्र का पाठ करें। गायत्री मंत्र इस प्रकार है- ॐ भूर्भुव स्वः। तत् सवितुर्वरेण्यं। भर्गो देवस्य धीमहि। धियो यो नः प्रचोदयात्॥
11. आर्थिक तरक्की के साथ-साथ अच्छा स्वास्थ्य पाने के लिए अधिक मास के दौरान रविवार को छोड़कर बाकी दिनों में स्नान आदि के बाद तुलसी के पौधे में जल डालना चाहिए और शाम के समय घी का दीपक जलाना चाहिए।
12. अगर आप अपने करियर को एक ऊंचे मुकाम तक पहुंचाना चाहते हैं तो पुरुषोत्तम मास के दौरान प्रतिदिन इस मंत्र का जप करें। मंत्र है- ईशानः प्राणदः प्राणो ज्येष्ठः श्रेष्ठः प्रजापतिः। हिरण्यगर्भो भूगर्भो माधवो मधुसूदनः।।
(ज्योतिषी चिराग दारूवाला विशेषज्ञ ज्योतिषी बेजान दारूवाला के पुत्र हैं। उन्हें प्रेम, वित्त, करियर, स्वास्थ्य और व्यवसाय पर विस्तृत ज्योतिषीय भविष्यवाणियों के लिए जाना जाता है।)
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