Malmas/Adhikmas 2023: आज यानी मंगलवार से अधिकमास शुरू हो रहा है। इसे पुरुषोत्तम मास और मलमास के नाम से भी जाना जाता है। अधिकमास के दौरान बहुत से कामों की मनाही होती है। लेकिन इस माह में पूजा-पाठ का विशेष महत्व है। अधिकमास के दौरान पूजा करने वाले लोगों को आर्थिक समस्याओं से मुक्ति मिलती है और उनके घर में सुख-शांति बनी रहती है। इस माह में विष्णु जी का पूजा का विधान है। अधिकमास या मलमास के समय विष्णु मंत्रों का जाप करने से शुभकारी परिणाम मिलते हैं। आपको बता दें कि अधिकमास जुलाई से शुरू होकर 16 अगस्त 2023 तक रहेगा
मलमास के दौरान शहद, चौलाई, उड़द, राई, प्याज, लहसुन, गोभी, गाजर, मूली, दाल, तिल का तेल और नागरमोथा आदि का त्याग करना चाहिए। इन सब चीजों का सेवन इस महीने के दौरान आपके द्वारा किए गए पुण्य को समाप्त कर देगा। अधिक मास के दौरान इन सब चीजों सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए।
हिंदू धर्म में मलमास को शुभ समय नहीं माना जाता है। ऐसे में मलमास के दौरान किसी भी तरह के मांगलिक कार्य पूरी तरह से वर्जित होते हैं। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, मलमास में मुंडन, विवाह, गृहप्रवेश, नया घर खरीदना, नामकरण या किसी भी तरह की नई चीज नहीं खरीदनी चाहिए।
मलमास में पूजा पाठ का खास महत्व होता है, इसलिए इस माह में तामिसक चीजों से दूर रहना चाहिए। मलमास के दौरान लहसुन, प्याज, मांस, मछली, शराब समेत किसी भी तरह के नशीली चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए।
तुलसी के पत्ते के बिना विष्णु जी की पूजा अधूरी होती है। भगवान नारायण को तुलसी अति प्रिय है, इसलिए अधिकमास के दौरान तुलसी से जुड़ी गलतियां भूलकर भी न करें। मलमास के दौरान तुलसी की पूजा काफी फलदायी मानी जाती है।
कहते हैं मलमास में कोई भी शुभ या नए कार्य को आरंभ नहीं करना चाहिए। ऐसे ही मलमास के दौरान किसी भी तरह का व्रत शुरू नहीं करें और नहीं न व्रत का उद्यापन करें। वरना आपको पूजा और व्रत का उचित फल नहीं मिलेगा।
मलमास में नया कारोबार बिल्कुल भी न शुरू करें। वरना आपको लाभ की जगह बड़ी हानि हो सकती है। इसके अलावा मलमास में किसी भी तरह के निवेश करने से भी बचें।
मलमास में नया घर खरीदने से भी बचना चाहिए। इसके साथ ही जमीन को खरीदना और बेचना भी मलमास में शुभ नहीं माना जाता है। तो इस माह के दौरान न घर खरीदे और न उसका निर्माण शुरू करें।
मलमास के दौरान नीचे भूमि पर सोना फलदायी माना जाता है। तो इस अवधि में बिस्तर यानी बेड पर सोने से बचें। वहीं कहते हैं कि मलमास में केवल एक ही समय भोजन करना चाहिए। ऐसे में संभव हो तो एक बार भोजन करें।
मलमास में अशुभ प्रभावों से बचने के लिए दान-पुण्य करें। वहीं किसी भी व्यक्ति के लिए अपने मन में कोई भी गलत विचार न लाएं। मलमास के दौरान जितना संभव हो जरूरतमंदों की मदद करें। सच्चे मन वालों पर ईश्वर की कृपा हमेशा बनी रहती है।
मलमास के दौरान बासी भोजन का सेवन भी नहीं करना चाहिए। मलमसा दौरान गेहूं, चावल, सफेद धान, मूंग, जौ, तिल, मटर, बथुआ, सामक, ककड़ी, केला, घी, कटहल, आम, पीपल, जीरा, सोंठ, इमली, सुपारी, आंवला, सेंधा नमक आदि का सेवन करना चाहिए।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। इंडिया टीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है।)
अधिकमास को क्यों कहा जाता है पुरुषोत्तम मास? कितने साल बाद लगता है मलमास, यहां जानें पूरी डिटेल्स
सावन में इन बातों का रखें खास ख्याल, वरना भगवान शिव के क्रोध का भी करना पड़ सकता है सामना
संपादक की पसंद