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Somwati Amavasya 2024: सोमवती अमावस्या कब है? जानें सही तिथि, मुहूर्त, नियम और पूजा विधि

Written By: Vineeta Mandal Published : Apr 04, 2024 09:24 am IST, Updated : Apr 04, 2024 09:58 am IST

Somwati Amavasya 2024: शास्त्रों में सोमवती अमावस्या का खास महत्व बताया गया है। इस दिन स्नान-दान करना अत्यंत लाभकारी बताया गया है। इसके अलावा सोमवती अमावस्या के दिन विधिपूर्वक पूजा करने से सभी मनोकामनाओं की भी पूर्ति होती है।

Somwati Amavasya 2024- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV Somwati Amavasya 2024

Somwati Amavasya 2024: हिंदू धर्म में सोमवती अमावस्या का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यताओं के अनुसार, इस दिन स्नान-दान, पितरों का श्राद्ध आदि करने से पुण्य फलों की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही पितर प्रसन्न होते हैं और पूर्वजों के आशीर्वाद से सारे काम पूरे होते हैं। सोमवती अमावस्या के दिन किसी पवित्र तीर्थ स्थललों पर स्नान-दान करने से सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।

बता दें कि इस साल सोमवती अमावस्या 8 अप्रैल, 2024 को पड़ रही है। अगर आप इस दिन गंगा स्नान करने किसी तीर्थस्थल नहीं जा पा रहे हैं तो घर पर ही नहाने वाले पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान कर लें और कुछ न कुछ दान जरूर करें। इससे भी आपको लाभ होगा। तो आइए अब जानते हैं कि सोमवती अमावस्या के दिन शुभ मुहूर्त क्या रहेगा और किस विधि के साथ पूजा करना फलदायी रहेगा।

सोमवती अमावस्या 2024 शुभ महूर्त

  • चैत्र कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि आरंभ- 8 अप्रैल 2024  को सुबह 3 बजकर 21 मिनट से
  • चैत्र कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि समाप्त- 8 अप्रैल 2024  को रात 11 बजकर 25 मिनट पर 
  • सोमवती अमावस्या 2024 तिथि- 8 अप्रैल 2024

सोमवती अमावस्या पूजा विधि और महत्व

चैत्र महीने की अमावस्या सोमवार को पड़ रही है, इसलिए इस दिन भगवान भोलेनाथ और मां पार्वती की पूजा करने से कई गुना अधिक पुण्य फलों की प्राप्ति होगी। सोमवती अमावस्या के दिन प्रात:काल उठकर स्नान आदि कर साफ-सुथरे वस्त्र पहन लें। अगर घर में स्नान कर रहे हैं तो नहाने वाले पानी में गंगाजल मिला लें। वहीं अगर संभव हो तो अमावस्या के दिन गंगा नदी में स्नान करें। स्नान आदि के बाद भगवान सूर्य को अर्घ्य दें। इसके साथ ही भगवान शिव का पंचामृत से अभिषेक करें।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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