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Ganesh Visarjan Subh Muhurt Or Puja Vidhi Live Updates: आज गणेश विसर्जन का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा, यहां जानिए पूजा विधि, मंत्र, आरती सबकुछ

Written By: Naveen Khantwal Updated : Sep 06, 2025 06:48 pm IST

Ganesh Visarjan Subh Pujan Muhurt Or Vidhi: दस दिवसीय गणेशोत्सव के बाद 6 सितंबर को गणेश विसर्जन किया जाएगा। इस दिन लोग विधि-विधान से पूजा करने के बाद बप्पा को विदाई देते हैं। ऐसे में आइए जान लेते हैं पूजा का शुभ मुहूर्त, विधि और मंत्र।

Ganesh Visarjan- India TV Hindi
Image Source : UNSPLASH गणेश विसर्जन

Ganesh Visarjan Subh Muhurt, Puja Vidhi, Mantra, Aarti, Bhog Or Bhajan: गणपति भगवान के भक्त दस दिवसीय गणेशोत्सव के बाद 6 सितंबर को बप्पा को विदाई देंगे। इस दिन भारत के कोने-कोने में गणेश विसर्जन किया जाएगा। भक्त गणेश विसर्जन से पहले विधि-विधान से बप्पा की पूजा करते हैं। ऐसे में आज हम आपको बताने वाले हैं कि गणेश विसर्जन के दिन पूजा का शुभ मुहूर्त कब रहेगा, विसर्जन के लिए कौन सा समय सही है और इस दिन किस विधि से आपको पूजा करनी चाहिए। 

गणेश विसर्जन के दिन पूजा का शुभ मुहूर्त 

  • ब्रह्मा मुहूर्त- सुबह 04:51 AM से 05:38 AM तक
  • प्रात: कालीन संध्या- सुबह 05:14 AM से 06:24 AM तक
  • अभिजीत मुहूर्त- दोपहर 12:12 PM से 01:01 PM तक
  • साय: कालीन संध्या- शाम 06:49 PM से 07:57 PM तक

गणेश विसर्जन के लिए शुभ मुहूर्त 

  • उषाकाल के समय- 04:37 AM से 06:02 AM तक
  • सुबह के समय- 07:36 AM से 09:11 AM तक
  • दोपहर के समय- दोपहर 12:17 PM से शाम 04:59 PM तक
  • शाम के समय- 06:37 PM से 01:45 AM ( 7 सितंबर) तक 
  • रात्रि के समय- 09:28 PM से 08:02 PM तक

गणेश विसर्जन के दिन ऐसे करें बप्पा की पूजा

अगर आपने घर पर गणेश जी की प्रतिमा स्थापित के है तो गणेश विसर्जन के दिन आपको पूरे परिवार के साथ विधि-विधान से बप्पा की पूजा करनी चाहिए। गणेश पूजन के दौरान आपको नीचे बताई गई सामग्री को अवश्य शामिल करना चाहिए। 

गणेश जी की पूजा के लिए आवश्यक सामग्री- गंगाजल, घी का दीपक, हल्दी, कुमकुम, मोदक, दुर्वा, अक्षत, धूप, कपूर, अगरबत्ती, फूल माला, नारियल, केला अमरूद, दूध, दही घी, पंचमेवा, मिठाई आदि। 

बप्पा को लगाएं इन चीजों का भोग- बप्पा को गणेश विसर्जन के दिन आपको मोदक, मोतीचूर के लड्डू, गुड़ के लड्डू, पूरण पोली, श्रीखंड, और केले आदि का भोग लगाना चाहिए। ये चीजें गणेश जी को अतिप्रिय हैं।  

गणेश पूजन विधि

गणेश विसर्जन करने से पहले आपको बप्पा की प्रतिमा की विधि पूर्वक पूजा करनी चाहिए। बप्पा की विदाई से पहले आपको घर में या पंडाल में गणेश जी को ले जाने वाले मार्ग पर अक्षत बिखरने चाहिए। इसके बाद बप्पा की पूजा आपको करनी चाहिए। धूप दीप जलाकर बप्पा के मंत्रों का जप आप कर सकते हैं। इसके बाद पूजा के दौरान बप्पा को मिठाई, मोदक, फल आदि का भोग लगाना चाहिए। पूजा के अंत में बप्पा की आरती आपको करनी चाहिए। इसके बाद विसर्जन के लिए गणेश जी मूर्ति को आपको ले जाना चाहिए। गणेश विसर्जन के दिन आपको व्रत धारण करना चाहिए और बप्पा की मूर्ति को नंगे पांव विसर्जन के स्थान तक ले जाना चाहिए। इस पूरे दिन सात्विक जीवन आपको जीना चाहिए। 

गणेश जी की आरती 

जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥

एकदन्त, दयावन्त, चार भुजा धारी।
माथे पर तिलक सोहे, मूषक की सवारी॥
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥

अंधन को आँख देत, कोढ़िन को काया।
बाँझन को पुत्र देत, निर्धन को माया॥
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥

हार चढ़े, फूल चढ़े और चढ़े मेवा।
लड्डूवन का भोग लगे, संत करें सेवा॥
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥

दीनन की लाज रखो, शम्भु सुतवारी।
कामना को पूरा करो, जाऊं बलिहारी॥
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥

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गणेश जी को प्रसन्न करने के लिए मंत्र 

  • ॐ गं गणपतये नमः।
  • ॐ श्रीं गं सौभाग्य गणपतये वर वरद सर्वजनं में वशमानय स्वाहा:
  • वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ।
    निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥
  • विघ्नेश्वराय वरदाय सुरप्रियाय लंबोदराय सकलाय जगद्धिताय।
    नागाननाथ श्रुतियज्ञविभूषिताय गौरीसुताय गणनाथ नमो नमस्ते॥:

 

Ganesh Visarjan Subh Muhurt Or Puja Vidhi: गणेश विसर्जन मुहूर्त, विधि, मंत्र, भजन, आरती, भोग

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  • 6:06 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    गणेश विसर्जन में कोई भूल हुई हो तो क्या करना चाहिए?

    अगर गणेश विसर्जन में आपसे कोई भूल हुई तो आपको बप्पा से क्षमा याचना करनी चाहिए। इसके लिए घर आकर आपको बप्पा की पूजा करनी चाहिए उन्हें मोदक, लड्डू आदि का भोग लगाना चाहिए। इसके बाद उनसे क्षमा याचना करनी चाहिए कि जो भी हुआ वह भूलवश हुआ और उसके लिए बप्पा हमें माफ करें। 

  • 5:38 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    गणेश विसर्जन के बाद जरूर करें ये काम

    गणेश विसर्जन के बाद आपको घर के पूजा स्थल पर गणेश जी की छोटी प्रतिमा स्थापित करनी चाहिए। इस प्रतिमा को आप वहां भी रख सकते हैं जहां गणपति महाराज को आपने स्थापित किया था। धार्मिक दृष्टि से ऐसा करना शुभ माना जाता है और इससे आपको घर में सकारात्मकता आती है। 

  • 5:00 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    गणेश विसर्जन के दिन इन चीजों का दिखना बेहद शुभ

    अगर आपको गणेश विसर्जन वाले दिन हाथी या फिर मूषक यानि चूहा दिख जाता है तो इसे बेहद शुभ संकेत माना जाता है। इसका अर्थ है कि बप्पा की कृपा आप पर बनी हुई है। गणपति विसर्जन वाली रात्रि में इन चीजों का सपने में आना भी बेहद शुभ होता है। 

  • 4:03 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    गणेश जी को विदा देने के बाद इन चीजों का दान करना बेहद शुभ

    गणेश विसर्जन के बाद अगर आप भगवान गणेश के प्रिय भोज्य पदार्थों जैसे- मोदक, नारियल, गुड़, लड्डू आदि का दान करते हैं तो शुभ फलों की आपको प्राप्ति होती है। इन चीजों को मंदिर, अनाथालय, वृद्धाश्रम में दान करना भी बेहद शुभ माना जाता है। 

  • 3:18 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    शाम में कितने बजे से शुरू होगा गणपति विसर्जन का शुभ समय?

    6 सितंबर की सुबह और दोपहर में जो लोग गणपति विसर्जन नहीं कर पाए हैं वो शाम और रात्रि के समय भी कर सकते हैं। शाम के समय 6 बजकर 37 मिनट से रात्रि 8 बजकर 2 मिनट तक गणपति विसर्जन के लिए समय शुभ रहेगा। 

  • 2:50 PM (IST) Posted by Laveena Sharma

    Ganesh Visarjan Bhog: गणेश विसर्जन भोग

    मोदक, नारियल लड्डू, बेसल लड्डू, खीर फल, पंचामृत।

  • 2:09 PM (IST) Posted by Laveena Sharma

    श्री गणेश चालीसा

  • 1:17 PM (IST) Posted by Laveena Sharma

    अनंत चतुर्दशी के उपाय

    स्नान कर शुद्ध वस्त्र पहनें और भगवान विष्णु के सामने घी का दीपक जलाकर यह मंत्र 108 बार जाप करें। मंत्र “ॐ अनन्ताय नमः। ऐसा करने से पुराने और जटिल रोगों से राहत मिलती है, शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

  • 11:34 AM (IST) Posted by Laveena Sharma

    Ganesh Visarjan 2025

  • 10:22 AM (IST) Posted by Laveena Sharma

    वक्रतुण्ड महाकाय मंत्र

    वक्रतुण्ड महाकाय
    सूर्यकोटि समप्रभ ।
    निर्विघ्नं कुरु मे देव
    सर्वकार्येषु सर्वदा ॥

  • 9:51 AM (IST) Posted by Laveena Sharma

    श्री लक्ष्मी माता की आरती (Laxmi Mata Ki Aarti Lyrics)

    ओम जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।

    तुमको निशिदिन सेवत, हरि विष्णु विधाता॥
    ओम जय लक्ष्मी माता॥

    उमा, रमा, ब्रह्माणी, तुम ही जग-माता।
    मैया तुम ही जग-माता।।

    सूर्य-चंद्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता॥
    ओम जय लक्ष्मी माता॥

    दुर्गा रुप निरंजनी, सुख सम्पत्ति दाता।
    मैया सुख सम्पत्ति दाता॥

    जो कोई तुमको ध्याता, ऋद्धि-सिद्धि धन पाता॥
    ओम जय लक्ष्मी माता॥

    तुम पाताल-निवासिनि, तुम ही शुभदाता।
    मैया तुम ही शुभदाता॥

    कर्म-प्रभाव-प्रकाशिनी, भवनिधि की त्राता॥
    ओम जय लक्ष्मी माता॥

    जिस घर में तुम रहतीं, सब सद्गुण आता।
    मैया सब सद्गुण आता॥

    सब सम्भव हो जाता, मन नहीं घबराता॥
    ओम जय लक्ष्मी माता॥

    तुम बिन यज्ञ न होते, वस्त्र न कोई पाता।
    मैया वस्त्र न कोई पाता॥

    खान-पान का वैभव, सब तुमसे आता॥
    ओम जय लक्ष्मी माता॥

    शुभ-गुण मंदिर सुंदर, क्षीरोदधि-जाता।
    मैया क्षीरोदधि-जाता॥

    रत्न चतुर्दश तुम बिन, कोई नहीं पाता॥
    ओम जय लक्ष्मी माता॥

    महालक्ष्मीजी की आरती, जो कोई जन गाता।
    मैया जो कोई जन गाता॥

    उर आनन्द समाता, पाप उतर जाता॥
    ओम जय लक्ष्मी माता॥

    ऊं जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।
    तुमको निशदिन सेवत, हरि विष्णु विधाता। ऊं जय लक्ष्मी माता।।

  • 8:57 AM (IST) Posted by Laveena Sharma

    क्या पंचक में गणेश विसर्जन कर सकते हैं?

    जी हां, पंचक में गणेश विसर्जन किया जा सकता है। पंडितों का मानना है कि अनंत चतुर्दशी का महत्व इतना बड़ा है कि पंचक इसके प्रभाव को निष्प्रभावी कर देता है. इसलिए इस दिन विसर्जन में कोई बाधा नहीं है।

  • 8:22 AM (IST) Posted by Laveena Sharma

    गणेश विसर्जन के दिन कौन सा त्योहार मनाया जाता है?

    गणेश विसर्जन के दिन अनंत चतुर्दशी मनाई जाती है। इस दिन भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की पूजा की जाती है।

  • 7:47 AM (IST) Posted by Laveena Sharma

    गणेश भगवान की चालीसा

  • 7:24 AM (IST) Posted by Laveena Sharma

    गणेश विसर्जन विधि

    • गणेश भगवान के विसर्जन से पहले उनकी विधिवत रूप से पूजा करें। 
    • उन्हें मोदक और फल का भोग अवश्य लगाएँ।
    • इसके बाद भगवान गणेश की आरती उतारें।
    • पूजा वाली जगह पर गणपति महाराज की प्रतिमा को सम्मान पूर्वक उठा लें। 
    • एक पटरे पर गुलाबी रंग का वस्त्र बिछा लें अब प्रतिमा को एक लकड़ी के पटरी पर धीरे से रख लें। 
    • गणेश मूर्ति के साथ-साथ फल, फूल, वस्त्र और मोदक की पोटली जरूर रख दें।
    • इसके अलावा एक पोटली में थोड़े से चावल, गेहूं और पांचों मेवे रखकर कुछ सिक्के भी इसमें डाल दें। 
    • अब इसे भी गणेश भगवान की प्रतिमा के पास रख दें। 
    • इसके बाद गणेश भगवान की मूर्ति को किसी बहते हुए जल में विसर्जित कर दें। 
    • विसर्जन करने से पहले उनकी आरती करें। 
  • 6:49 AM (IST) Posted by Laveena Sharma

    भगवान गणेश को किसका देवता कहा जाता है?

    भगवान गणेश को विद्या और बुद्धि का देवता माना गया है। साथ ही गणेश भगवान को सनातन धर्म में प्रथम पूजनीय का भी दर्जा दिया गया है।

     

  • 6:26 AM (IST) Posted by Laveena Sharma

    गणेश विसर्जन की पूजा के दौरान इन बातों का रखें विशेष ख्याल

    जब भी भगवान गणेश की पूजा करें कि तो उनकी पूजा में तुलसी का प्रयोग बिल्कुल भी नहीं करना है। पूजा में भगवान गणपति की ऐसी ही प्रतिमा लाएं जिससे गणेश भगवान की सूंड बाईं दिशा की तरफ घूम रही हो। गणेश जी को मोदक और मूषक दोनों ही बहुत प्रिय हैं इसलिए ऐसी मूर्ति का चयन करें जिसमें यह दोनों चीज हों।

  • 6:06 AM (IST) Posted by Laveena Sharma

    Ganesh Visarja Mantra: गणेश विर्सजन मंत्र

     - विसर्जन के दौरान मंत्र जप
    ॐ यान्तु देवगणा: सर्वे पूजामादाय मामकीम्।
    इष्टकामसमृद्धयर्थं पुनर्अपि पुनरागमनाय च॥

    -गच्छ गच्छ सुरश्रेष्ठ स्वस्थाने परमेश्वर।
    मम पूजा गृहीत्मेवां पुनरागमनाय च॥

  • 6:52 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    सुखकर्ता, दुःखहर्ता आरती

  • 6:13 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    गणेश पूजन में ये चीजें हैं वर्जित

    गणेश विसर्जन के दिन पूजा में कुछ चीजों का इस्तेमाल आपको गलती से भी नहीं करना चाहिए। ये चीजें हैं- तुलसी के पत्ते, केतकी का फूल, बासी फूल या फल, टूटे हुए अक्षत, सफेद चंदन और तामिसक चीजें। इन चीजों को बप्पा की पूजा में अर्पित करने से आपकी पूजा विफल हो सकती है। 

  • 5:14 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    शेंदुर लाल चढ़ायो अच्छा गजमुख को आरती

    शेंदुर लाल चढायो अच्छा गजमुख को
    दोन्दिल लाल बिराजे सूत गौरिहर को,
    हाथ लिए गुड लड्डू साई सुरवर को
    महिमा कहे ना जाय लागत हूँ पद को ॥1॥

    जय जय… जय जय…
    जय जय जी गणराज विद्यासुखदाता
    धन्य तुम्हारो दर्शन मेरा मत रमता
    जय देव जय देव ॥

    अष्ट सिधि दासी संकट को बैरी
    विघन विनाशन मंगल मूरत अधिकारी,
    कोटि सूरज प्रकाश ऐसे छबी तेरी
    गंडस्थल मद्मस्तक झूल शशि बहरी ॥2॥

    जय जय… जय जय…
    जय जय जी गणराज विद्यासुखदाता
    धन्य तुम्हारो दर्शन मेरा मत रमता
    जय देव जय देव ॥

    भावभगत से कोई शरणागत आवे
    संतति संपत्ति सबही भरपूर पावे,
    ऐसे तुम महाराज मोको अति भावे
    गोसावीनंदन निशिदिन गुण गावे ॥3॥

    जय जय… जय जय…
    जय जय जी गणराज विद्यासुखदाता
    धन्य तुम्हारो दर्शन मेरा मत रमता
    जय देव जय देव ॥

  • 4:38 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    गणेश विसर्जन के दिन पूजा के अंत में करें इस मंत्र का जप

    वर्णानामर्थसंघानां रसानां छन्दसामपि।
    मंगलानां च कर्त्तारौ वन्दे वाणीविनायकौ॥
    गजाननं भूत गणादि सेवितं,
    कपित्थ जम्बू फल चारू भक्षणम्।
    उमासुतं शोक विनाशकारकम्,
    नमामि विघ्नेश्वर पाद पंकजम्॥

  • 2:51 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    गणेश विसर्जन के दौरान करें इन मंत्रों का जप

    • ॐ श्री विघ्नराजाय नमः।

    • ॐ यान्तु देवगणा: सर्वे पूजामादाय मामकीम्।
      इष्टकामसमृद्धयर्थं पुनर्अपि पुनरागमनाय च।

    • गच्छ गच्छ सुरश्रेष्ठ, स्वस्थाने परमेश्वर।
      यत्र ब्रह्मादयो देवाः' तत्र गच्छ हुताशन। 

  • 2:17 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    गणपित विसर्जन के दिन करें गणेश अथर्वशीर्ष का पाठ

    श्री गणेश अथर्वशीर्ष 

    ॐ नमस्ते गणपतये।
    त्वमेव प्रत्यक्षं तत्वमसि
    त्वमेव केवलं कर्ताऽसि
    त्वमेव केवलं धर्ताऽसि
    त्वमेव केवलं हर्ताऽसि
    त्वमेव सर्वं खल्विदं ब्रह्मासि

    त्व साक्षादात्माऽसि नित्यम्।।1।।
    ऋतं वच्मि। सत्यं वच्मि।।2।।
    अव त्व मां। अव वक्तारं।
    अव श्रोतारं। अव दातारं।
    अव धातारं। अवानूचानमव शिष्यं।
    अव पश्चातात। अव पुरस्तात।
    अवोत्तरात्तात। अव दक्षिणात्तात्।
    अवचोर्ध्वात्तात्।। अवाधरात्तात्।।
    सर्वतो मां पाहि-पाहि समंतात्।।3।।
    त्वं वाङ्‍मयस्त्वं चिन्मय:।
    त्वमानंदमसयस्त्वं ब्रह्ममय:।
    त्वं सच्चिदानंदाद्वितीयोऽसि।
    त्वं प्रत्यक्षं ब्रह्मासि।
    त्वं ज्ञानमयो विज्ञानमयोऽसि।।4।।
    सर्वं जगदिदं त्वत्तो जायते।
    सर्वं जगदिदं त्वत्तस्तिष्ठति।
    सर्वं जगदिदं त्वयि लयमेष्यति।
    सर्वं जगदिदं त्वयि प्रत्येति।
    त्वं भूमिरापोऽनलोऽनिलो नभ:।
    त्वं चत्वारिवाक्पदानि।।5।।
    त्वं गुणत्रयातीत: त्वमवस्थात्रयातीत:।
    त्वं देहत्रयातीत:। त्वं कालत्रयातीत:।
    त्वं मूलाधारस्थितोऽसि नित्यं।
    त्वं शक्तित्रयात्मक:।
    त्वां योगिनो ध्यायंति नित्यं।
    त्वं ब्रह्मा त्वं विष्णुस्त्वं
    रूद्रस्त्वं इंद्रस्त्वं अग्निस्त्वं
    वायुस्त्वं सूर्यस्त्वं चंद्रमास्त्वं
    ब्रह्मभूर्भुव:स्वरोम्।।6।।
    गणादि पूर्वमुच्चार्य वर्णादिं तदनंतरं।
    अनुस्वार: परतर:। अर्धेन्दुलसितं।
    तारेण ऋद्धं। एतत्तव मनुस्वरूपं।
    गकार: पूर्वरूपं। अकारो मध्यमरूपं।
    अनुस्वारश्चान्त्यरूपं। बिन्दुरूत्तररूपं।
    नाद: संधानं। सं हितासंधि:
    सैषा गणेश विद्या। गणकऋषि:
    निचृद्गायत्रीच्छंद:। गणपतिर्देवता।
    ॐ गं गणपतये नम:।।7।।
    एकदंताय विद्‍महे।
    वक्रतुण्डाय धीमहि।
    तन्नो दंती प्रचोदयात।।8।।
    एकदंतं चतुर्हस्तं पाशमंकुशधारिणम्।
    रदं च वरदं हस्तैर्विभ्राणं मूषकध्वजम्।
    रक्तं लंबोदरं शूर्पकर्णकं रक्तवाससम्।
    रक्तगंधाऽनुलिप्तांगं रक्तपुष्पै: सुपुजितम्।।
    भक्तानुकंपिनं देवं जगत्कारणमच्युतम्।
    आविर्भूतं च सृष्टयादौ प्रकृ‍ते पुरुषात्परम्।
    एवं ध्यायति यो नित्यं स योगी योगिनां वर:।।9।।
    नमो व्रातपतये। नमो गणपतये।
    नम: प्रमथपतये।
    नमस्तेऽस्तु लंबोदरायैकदंताय।
    विघ्ननाशिने शिवसुताय।
    श्रीवरदमूर्तये नमो नम:।।10।।
    एतदथर्वशीर्ष योऽधीते।
    स ब्रह्मभूयाय कल्पते।
    स सर्व विघ्नैर्नबाध्यते।
    स सर्वत: सुखमेधते।
    स पञ्चमहापापात्प्रमुच्यते।।11।।
    सायमधीयानो दिवसकृतं पापं नाशयति।
    प्रातरधीयानो रात्रिकृतं पापं नाशयति।
    सायंप्रात: प्रयुंजानोऽपापो भवति।
    सर्वत्राधीयानोऽपविघ्नो भवति।
    धर्मार्थकाममोक्षं च विंदति।।12।।
    इदमथर्वशीर्षमशिष्याय न देयम्।
    यो यदि मोहाद्‍दास्यति स पापीयान् भवति।
    सहस्रावर्तनात् यं यं काममधीते तं तमनेन साधयेत्।13।।
    अनेन गणपतिमभिषिंचति
    स वाग्मी भवति
    चतुर्थ्यामनश्र्नन जपति
    स विद्यावान भवति।
    इत्यथर्वणवाक्यं।
    ब्रह्माद्यावरणं विद्यात्
    न बिभेति कदाचनेति।।14।।
    यो दूर्वांकुरैंर्यजति
    स वैश्रवणोपमो भवति।
    यो लाजैर्यजति स यशोवान भवति
    स मेधावान भवति।
    यो मोदकसहस्रेण यजति
    स वाञ्छित फलमवाप्रोति।
    य: साज्यसमिद्भिर्यजति
    स सर्वं लभते स सर्वं लभते।।15।।
    अष्टौ ब्राह्मणान् सम्यग्ग्राहयित्वा
    सूर्यवर्चस्वी भवति।
    सूर्यग्रहे महानद्यां प्रतिमासंनिधौ
    वा जप्त्वा सिद्धमंत्रों भवति।
    महाविघ्नात्प्रमुच्यते।
    महादोषात्प्रमुच्यते।
    महापापात् प्रमुच्यते।
    स सर्वविद्भवति से सर्वविद्भवति।
    य एवं वेद इत्युपनिषद्‍।।16।।

  • 1:50 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    गणेश विसर्जन के दिन क्या नहीं करना चाहिए

    • इस दिन बप्पा को भोग लगाए बिना मूर्ति का विसर्जन न करें। 
    • मालाओं के साथ मूर्ति का विसर्जन करना भी अच्छा नहीं माना जाता।
    • किसी भी रीति-रिवाज को गलत तरीके से न करें। 
    • गलत मुहूर्त पर विसर्जन न करें। 
    • विसर्जन वाले दिन तामसिक भोजन न करें। 
  • 1:16 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    गणेश विसर्जन के 20 प्रसिद्ध भजन

     यहां सुनें- तुम्हें दूर घर से कैसे करुं देवा और तेरा कैसे करुं विसर्जन मैं जैसे प्रसिद्ध गणेश विसर्जन के भजन। 

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