Ganesh Visarjan Subh Muhurt, Puja Vidhi, Mantra, Aarti, Bhog Or Bhajan: गणपति भगवान के भक्त दस दिवसीय गणेशोत्सव के बाद 6 सितंबर को बप्पा को विदाई देंगे। इस दिन भारत के कोने-कोने में गणेश विसर्जन किया जाएगा। भक्त गणेश विसर्जन से पहले विधि-विधान से बप्पा की पूजा करते हैं। ऐसे में आज हम आपको बताने वाले हैं कि गणेश विसर्जन के दिन पूजा का शुभ मुहूर्त कब रहेगा, विसर्जन के लिए कौन सा समय सही है और इस दिन किस विधि से आपको पूजा करनी चाहिए।
गणेश विसर्जन के दिन पूजा का शुभ मुहूर्त
- ब्रह्मा मुहूर्त- सुबह 04:51 AM से 05:38 AM तक
- प्रात: कालीन संध्या- सुबह 05:14 AM से 06:24 AM तक
- अभिजीत मुहूर्त- दोपहर 12:12 PM से 01:01 PM तक
- साय: कालीन संध्या- शाम 06:49 PM से 07:57 PM तक
गणेश विसर्जन के लिए शुभ मुहूर्त
- उषाकाल के समय- 04:37 AM से 06:02 AM तक
- सुबह के समय- 07:36 AM से 09:11 AM तक
- दोपहर के समय- दोपहर 12:17 PM से शाम 04:59 PM तक
- शाम के समय- 06:37 PM से 01:45 AM ( 7 सितंबर) तक
- रात्रि के समय- 09:28 PM से 08:02 PM तक
गणेश विसर्जन के दिन ऐसे करें बप्पा की पूजा
अगर आपने घर पर गणेश जी की प्रतिमा स्थापित के है तो गणेश विसर्जन के दिन आपको पूरे परिवार के साथ विधि-विधान से बप्पा की पूजा करनी चाहिए। गणेश पूजन के दौरान आपको नीचे बताई गई सामग्री को अवश्य शामिल करना चाहिए।
गणेश जी की पूजा के लिए आवश्यक सामग्री- गंगाजल, घी का दीपक, हल्दी, कुमकुम, मोदक, दुर्वा, अक्षत, धूप, कपूर, अगरबत्ती, फूल माला, नारियल, केला अमरूद, दूध, दही घी, पंचमेवा, मिठाई आदि।
बप्पा को लगाएं इन चीजों का भोग- बप्पा को गणेश विसर्जन के दिन आपको मोदक, मोतीचूर के लड्डू, गुड़ के लड्डू, पूरण पोली, श्रीखंड, और केले आदि का भोग लगाना चाहिए। ये चीजें गणेश जी को अतिप्रिय हैं।
गणेश पूजन विधि
गणेश विसर्जन करने से पहले आपको बप्पा की प्रतिमा की विधि पूर्वक पूजा करनी चाहिए। बप्पा की विदाई से पहले आपको घर में या पंडाल में गणेश जी को ले जाने वाले मार्ग पर अक्षत बिखरने चाहिए। इसके बाद बप्पा की पूजा आपको करनी चाहिए। धूप दीप जलाकर बप्पा के मंत्रों का जप आप कर सकते हैं। इसके बाद पूजा के दौरान बप्पा को मिठाई, मोदक, फल आदि का भोग लगाना चाहिए। पूजा के अंत में बप्पा की आरती आपको करनी चाहिए। इसके बाद विसर्जन के लिए गणेश जी मूर्ति को आपको ले जाना चाहिए। गणेश विसर्जन के दिन आपको व्रत धारण करना चाहिए और बप्पा की मूर्ति को नंगे पांव विसर्जन के स्थान तक ले जाना चाहिए। इस पूरे दिन सात्विक जीवन आपको जीना चाहिए।
गणेश जी की आरती
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
एकदन्त, दयावन्त, चार भुजा धारी।
माथे पर तिलक सोहे, मूषक की सवारी॥
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
अंधन को आँख देत, कोढ़िन को काया।
बाँझन को पुत्र देत, निर्धन को माया॥
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
हार चढ़े, फूल चढ़े और चढ़े मेवा।
लड्डूवन का भोग लगे, संत करें सेवा॥
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
दीनन की लाज रखो, शम्भु सुतवारी।
कामना को पूरा करो, जाऊं बलिहारी॥
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
गणेश जी को प्रसन्न करने के लिए मंत्र
- ॐ गं गणपतये नमः।
- ॐ श्रीं गं सौभाग्य गणपतये वर वरद सर्वजनं में वशमानय स्वाहा:
- वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ।
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥ - विघ्नेश्वराय वरदाय सुरप्रियाय लंबोदराय सकलाय जगद्धिताय।
नागाननाथ श्रुतियज्ञविभूषिताय गौरीसुताय गणनाथ नमो नमस्ते॥: