रिपोर्ट बताती है कि अब शॉर्ट-टर्म इंसेंटिव्स यानी परफॉर्मेंस से जुड़े बोनस पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में H-1B वीजा कार्यक्रम में व्यापक बदलाव किया है। ये कार्यक्रम अमेरिकी कंपनियों को विशिष्ट व्यवसायों में विदेशी पेशेवरों को नियुक्त करने की अनुमति देता है।
NITES के प्रतिनिधित्व के आधार पर केंद्रीय श्रम मंत्रालय ने महाराष्ट्र के श्रम सचिव को इस मामले में जरूरी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
ब्रोकरेज फर्मों का मानना है कि यह बढ़ोतरी आईटी कंपनियों के लिए एक चुनौती जरूर है, लेकिन उनकी मजबूत रणनीतियां और ऑपरेशनल मॉडल इस असर को काफी हद तक कम कर देंगे।
अमेरिका के संघीय आंकड़ों के अनुसार, भारत की टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) 2025 तक 5000 से ज्यादा स्वीकृत H-1B वीजा के साथ इस प्रोग्राम की दूसरी सबसे बड़ी लाभार्थी है।
पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन के कार्यकाल के दौरान उनके सलाहकार रहे और इमिग्रेशन पॉलिसी पर एशियाई-अमेरिकी समुदाय के नेता अजय भुटोरिया ने H-1B वीजा फीस बढ़ाने संबंधी ट्रंप की नई योजना से अमेरिकी आईटी सेक्टर की प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त पर संकट मंडराने की चेतावनी दी।
भारत लंबे समय से आईटी आउटसोर्सिंग और इससे जुड़ी सेवाओं का केंद्र रहा है, इसलिए इस बिल ने भारतीय आईटी इंडस्ट्री में चिंता पैदा कर दी है, जो रेवेन्यू के लिए अमेरिकी ग्राहकों पर बहुत ज्यादा निर्भर हैं।
Vibe Coding: सॉफ्टवेयर प्रोग्रामिंग का यह नया तरीका आईटी सेक्टर में चर्चा का विषय बना हुआ है। कोडिंग के इस नए तरीके को लेकर कई प्रोफेशनल खुशी मना रहे हैं तो कुछ लोगों का मानना है कि यह आने वाले दिनों में समस्या पैदा कर सकता है।
पिछले तीन दशकों में विघटनकारी प्रौद्योगिकियों - मेनफ्रेम से लेकर इंटरनेट, ई-कॉमर्स, डिजिटल और क्लाउड तक की बार-बार लहरें देखी गई हैं।
HCL Tech हैदराबाद में नए टेक्नोलॉजी सेंटर की शुरुआत करने जा रही है। इससे 5 हजार नई नौकरियां पैदा होंगी।
मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने बताया कि दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में प्रदर्शन आधारित बोनस औसतन करीब 90 प्रतिशत है, जबकि पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में कंपनी ने अपने कर्मचारियों को 80 प्रतिशत बोनस दिया था।
इंफोसिस ने शेयर बाजार एक्सचेंजों को सूचना देते हुए 17 अक्टूबर को डिविडेंड देने का ऐलान किया था। शेयर बाजार में जारी गिरावट के बीच गुरुवार को इंफोसिस के शेयरों में गिरावट देखने को मिल थी।
साल 2025 में सॉफ्टवेयर और बिजनेस सर्विस सेक्टर में सैलरी हाइक 9 प्रतिशत ही रहने का अनुमान है जो सामान्य इंडस्ट्री एवरेज 9.5 प्रतिशत से कम है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय कॉरपोरेट जगत 9.5 प्रतिशत की सैलरी हाइक के साथ पूरे सेक्टर में सबसे आगे है।
इंफोसिस (Infosys) और विप्रो (Wipro) जिसने पिछले तीन साल में कुल मिलाकर 2,08,000 इंजीनियरिंग ग्रेजुएट्स को हायर किया था,ने कहा है कि वह इस साल कैम्पस में बिल्कुल भी जाने का कोई इरादा नहीं रखती हैं।
कोरोना महामारी के बाद बढ़ी मांग को पूरा करने के लिए आईटी कंपनियों ने बड़ी संख्या में नई भर्तियां की थी। इससे आईटी सेक्टर में काम करने वालों की मांग तेजी से बढ़ी थी। हालांकि, वर्क फ्रॉम होम समाप्त होने से स्थिति बदली है। आईटी कंपनियों का काम नहीं मिल रहा है। इससे अब वह छंटनी समेत AI का इस्तेमाल भी शामिल है।
टीसीएस, इंफोसिस और एचसीएलटेक के नतीजे अगले सप्ताह आएंगे। विश्लेषकों ने कहा, "निवेशकों ने मान लिया है कि वित्त वर्ष 2024 बर्बाद हो गया है और उन्होंने अपना ध्यान वित्त वर्ष 2025 पर केंद्रित कर दिया है, जिससे उन्हें रिबाउंड की उम्मीद है।
सीईओ ने कहा, कुछ देशों में संभावित भूमिका प्रभाव के बारे में अधिसूचना सहित इस प्रक्रिया में ज्यादा समय लग सकता है।
बीते वित्त वर्ष में मॉरीशस, अमेरिका, नीदरलैंड, केमैन आइलैंड और जर्मनी से एफडीआई घटा है। राज्यों में महाराष्ट्र को पिछले वित्त वर्ष में 14.8 अरब डॉलर का एफडीआई मिला।
सिलिकॉन वैली से कुछ सांसदों के समूह ने अमेरिकी आव्रजन एजेंसी को पत्र लिखकर यह सुनिश्चित करने को कहा है कि नौकरी गंवाने के बाद भी बेहद दक्ष एच-1बी वीजाधारकों को देश में ही रोका जाए। भारतीय आईटी पेशेवरों में इस वीजा की काफी मांग है।
Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश में नौकरियों की भरमार लगने वाली है। प्रदेश सरकार आईटी सेक्टर की ओर तेजी से काम कर रही है। इसके लिए सरकार कई सारे प्रोजेक्ट के तहत प्रदेश में निवेश ला रही है।
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