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ततेंदा ताइबू ने खोला राज, इस अलग तकनीक की वजह से धोनी बने इतने सफल विकेटकीपर

 Written By: India TV Sports Desk
 Published : Jun 08, 2020 09:03 pm IST,  Updated : Jun 08, 2020 09:03 pm IST

जिम्बाब्वे के पूर्व कप्तान ततेंदा ताइबू का मानना है कि मानसिक मजबूती महेन्द्र सिंह धोनी को उनके समकक्ष खिलाड़ियों से अलग बनाती है।

MS Dhoni- India TV Hindi
MS Dhoni Image Source : IPLT20.COM

भारतीय क्रिकेट में बदलाव के लिए जहां कप्तान सौरव गांगुली को जाना जाता हैं वहीं टीम इंडिया को कामयाबी दिलाने के लिए महेंद्र सिंह धोनी को जाना जाता है। जिन्होंने आईसीसी टी20 विश्वकप 2007, आईसीसी विश्वकप 2011 और 2013 आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी जैसे बड़े टूर्नामेंट में भारत को जीत दिलाई। इस तरह धोनी की सफलताओं के कारवाँ को टीम इंडिया के लिए अब कप्तान विराट कोहली आगे बढ़ा रहे हैं। ऐसे में जिम्बाब्वे के पूर्व कप्तान ततेंदा ताइबू का मानना है कि मानसिक मजबूती महेन्द्र सिंह धोनी को उनके समकक्ष खिलाड़ियों से अलग बनाती है।

इस पूर्व विकेटकीपर-बल्लेबाज ने ‘स्पोर्ट्स रुलर यू-ट्यूब चैनल पर कहा, ‘‘ मैंने धोनी को पहली बार तब देखा था जब वह भारत ए टीम के साथ आये थे। मुझे लगा कि कार्तिक, धोनी से ज्यादा स्वाभाविक है। कार्तिक विकेटकीपिंग और बल्लेबाजी में अधिक स्वाभाविक लगते हैं।’’

ताइबू ने इसके बाद धोनी की तकनीकी क्षमता का जिक्र किया। उन्होंने कहा, ‘‘ धोनी जब विकेटकीपिंग करते हैं तब भी उनका तरीका थोड़ा अलग होता है। आमतौर पर कीपिंग के समय विकेटकीपरों की दोनों हाथों कि छोटी अंगुली एक साथ रहती है लेकिन धोनी के साथ ऐसा नहीं है। लेकिन अलग तकनीक के बाद भी वह कैच पकड़ते है और पलक झपकते ही गिल्लियां बिखेर देते है।’’

ताइबू ने कहा कि धोनी की बल्लेबाजी के साथ भी ऐसा ही है। उनकी तकनीक अलग है लेकिन आंख-हाथ का सामंजस्य और मानसिक मजबूती कमाल की है। उन्होंने कहा, ‘‘ आमतौर पर अगर आपका तरीका अलग है तो कोच बदलाव लाने के लिए कहते है लेकिन के आंकड़े सबको गलत साबित करते है।’’

ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज एडम गिलक्रिस्ट के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘ गिलक्रिस्ट नैसर्गिक बल्लेबाज थे लेकिन नैसर्गिक विकेटकीपर नहीं थे। वह बल्लेबाजी की तुलना में विकेटकीपिंग का अभ्यास ज्यादा करते थे।’’

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वहीं दूसरी तरफ क्रिकेट की बात करें तो कोरोना महामारी का खतरा इस साल होने वाले आईसीसी टी20 विश्वकप के उपर भी मंडरा रहा है। जिसके चलते आईसीसी ने टी20 के भविष्य को लेकर कोई भी फैसला लेने के लिए 10 जून तक का समय माँगा है। जबकि कई क्रिकेट पंडित और दिग्गजों का कहना है कि 18 अक्टूबर से 15 नवंबर के बीच होने वाले इस इस विश्वकप को रद्द या स्थगित करके दुनिया की सबसे बड़ी इंडियन प्रीमीयर लीग कराई जानी चाहिए। जिसके लिए बीसीसीआई भी 29 मार्च से स्थगित हुए आईपीएल को सितंबर से नवंबर के बीच कराने पर विचार कर रहा है।

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