एशेज सीरीज के पहले टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलियाई टीम ने इंग्लैंड को 8 विकेट से हरा दिया। मैच में ऑस्ट्रेलिया के लिए मिचेल स्टार्क ने कमाल की गेंदबाजी की और कुल 10 विकेट हासिल किए। वहीं ट्रेविस हेड ने शानदार शतक लगाया और जीत में अहम रोल प्ले किया। मैच में सिर्फ दो दिन ही हुए थे और इंग्लैंड को हार मिल गई। 104 साल बाद ऐसा हुआ है, जब एशेज सीरीज का कोई भी टेस्ट मैच दो दिनों में खत्म हो गया। इससे पहले 1921 में इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच एशेज सीरीज का टेस्ट मैच दो दिनों में खत्म हुआ था।
ट्रेविस हेड ने खेली दमदार पारी
ऑस्ट्रेलिया को पहले टेस्ट में जीतने के लिए 205 रनों का टारगेट मिला था, जिसे ऑस्ट्रेलिया ने ट्रेविड हेड की बदौलत आसानी से चेज कर लिया। हेड ने 83 गेंदों में कुल 123 रन बनाए, जिसमें 16 चौके और चार छक्के शामिल रहे। उनके अलावा मार्नस लाबुशेन ने 51 रनों की पारी खेली। जेक वेदराल्ड ने 23 रनों का योगदान दिया। इन प्लेयर्स की वजह से ही ऑस्ट्रेलियाई टीम जीतने में सफल रहे। दूसरी पारी में इंग्लैंड के गेंदबाज कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाए।
पहली पारी के आधार पर इंग्लैंड को मिली थी बढ़त
मैच में इंग्लैंड ने अपनी पहली पारी में 172 रनों का स्कोर खड़ा किया था, तब टीम के लिए हैरी ब्रूक ने दमदार 52 रनों की पारी खेली, लेकिन बाकी के बल्लेबाज फ्लॉप रहे। क्योंकि मिचेल स्टार्क ने घातक गेंदबाजी का नमूना पेश किया और पहली पारी में 7 विकेट अपने नाम किए। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाज भी पहली पारी में सिर्फ 132 रन बना सके। इंग्लैंड के लिए बेन स्टोक्स ने सबसे ज्यादा पांच विकेट अपने नाम किए। वहीं ब्रायडन कार्से ने तीन विकेट चटकाए। इन गेंदबाजों की वजह से ही ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज बड़ी पारियां नहीं खेल पाए। पहली पारी के आधार पर इंग्लैंड को 40 रनों की अहम बढ़त मिली।
दो दिनों में ही खत्म हुआ टेस्ट मैच
ऐसे में लगा था कि दूसरी पारी में इंग्लैंड के बल्लेबाज अच्छा खेल दिखाएंगे, लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात रहा। इंग्लैंड की टीम दूसरी पारी में सिर्फ 164 रन बना सकी और बढ़त के 40 रन जोड़ने के बाद ऑस्ट्रेलिया को जीतने के लिए 205 रनों का टारगेट मिला, जिसे ऑस्ट्रेलिया ने ट्रेविस हेड की बदौलत हासिल कर लिया।
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