दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए रणजी ट्रॉफी 2025-26 के मैच में जम्मू-कश्मीर ने दिल्ली को 7 विकेट से मात दी। रणजी ट्रॉफी के इतिहास में पहली बार जम्मू-कश्मीर की टीम पहली बार दिल्ली को हराने में कामयाब रही है। रणजी ट्रॉफी के इस सीजन में दिल्ली की ये पहली हार है। इससे पहले टीम ने चार मुकाबले खेले थे और चारों मैच ड्रॉ रहे थे। इस हार के बाद से टीम के एलीट ग्रुप से रेलीगेट होने का भी खतरा हो गया है। J&K के लिए यह इस सीजन की दूसरी जीत है।
जम्मू-कश्मीर के कप्तान पारस डोगरा ने पहली पारी में लगाया शतक
इस मुकाबले की बात करें तो पारस डोगरा की कप्तानी वाली टीम जम्मू-कश्मीर ने टॉस जीतकर गेंदबाजी का फैसला किया था। दिल्ली की टीम पहली पारी में बल्लेबाजी करते हुए 211 रन ही बना पाई। दिल्ली की तरफ से आयुष डोसेजा ने 65 रन और कप्तान आयुष बडोनी ने 64 रन बनाए। सुमित माथुर के बल्ले से 55 रन आए। पहली पारी में J&K के लिए आकिब नबी ने 5 विकेट निकाले थे, जबकि आबिद मुश्ताक और वंशज शर्मा ने 2-2 निकाले थे। इसके बाद जम्मू-कश्मीर की टीम बल्लेबाजी के लिए उतरी और 310 रन बनाने में सफल हुई। कप्तान पारस डोगरा ने 106 और अब्दुल समद ने 85 रन बनाए। सिमरजीत सिंह ने 6 विकेट निकाले।
कामरान इकबाल ने खेली मैच विनिंग पारी
पहली पारी के आधार पर जम्मू-कश्मीर को 99 रनों की बढ़त मिली। इसके बाद दिल्ली की टीम दूसरी पारी में बल्लेबाजी करने उतरी और 277 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। दिल्ली के लिए इस पारी में आयुष बडोनी ने 72, आयुष डोसेजा ने 62 और ओपनर अर्पित राणा ने 43 रन बनाए थे। सनत सांगवान और यश ढुल ने 34-34 रन की पारी खेली। इस पारी में वंशज शर्मा ने 5 विकेट निकाले। दिल्ली ने जम्मू-कश्मीर के सामने जीत के लिए 179 रन का टारगेट रखा था। टीम के लिए ओपनर कामरान इकबाल ने 133 रन की खेली। अंत में दिल्ली की टीम ने एक आसान जीत दर्ज की।
1999 में खेला गया था दोनों टीमों के बीच पहला मैच
बता दें कि अब तक रणजी ट्रॉफी में अब तक दिल्ली और जम्मू-कश्मीर के बीच सिर्फ 3 मुकाबले खेले गए हैं। पहली बार दिल्ली और जम्मू-कश्मीर का आमना-सामना 1999 में हुआ था। उस मैच में दिल्ली की टीम ने जीत दर्ज की थी, जबकि पिछले साल जनवरी में दोनों टीमों के बीच खेला गया मुकाबला ड्रॉ रहा था। इस बार दिल्ली की टीम को हार मिली है, जो जम्मू-कश्मीर के खिलाफ पहली हार है। जम्मू-कश्मीर की टीम ने पिछली बार मुंबई को भी हराया था, जिसके पास सबसे ज्यादा रणजी ट्रॉफी हैं।
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