भारतीय टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने टेस्ट क्रिकेट से रिटायरमेंट लेकर अचानक संन्यास का ऐलान कर दिया। उन्होंने यह फैसला ऐसे समय में लिया है, जब टीम इंडिया को अगले महीने इंग्लैंड दौरे पर जाना है। कई क्रिकेट पंडित उनके जल्दी संन्यास लेने की वजह से हैरान हैं। कोहली ने अपने लंबे टेस्ट करियर में 9000 से ज्यादा रन बनाए और 30 शतक लगाए।
खराब फॉर्म से गुजर रहे हैं विराट कोहली
विराट कोहली पिछले कुछ समय से बहुत ही खराब फॉर्म से जूझ रहे थे और उनके बल्ले से रन निकलना मुश्किल हो गए थे। कोहली के लिए साल 2014 से लेकर 2019 तक गोल्डन पीरियड था, जब उन्होंने दुनिया के हर मैदान पर रन बनाए। लेकिन इसके बाद वह अपनी लय खोते चले गए। बीच-बीच में उनके बल्ले से एक दो अच्छी पारियां देखने को मिली, लेकिन ज्यादातर मौकों पर वह विफल ही रहे। जनवरी 2020 से लेकर उन्होंने 39 टेस्ट मैचों में कुल 2028 रन बनाए। इस दौरान उनका औसत सिर्फ 30.72 का रहा और उनके बल्ले से सिर्फ तीन शतक ही निकले।
न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन टेस्ट मैचों में बनाए थे सिर्फ 93 रन
घर पर वह न्यूजीलैंड के खिलाफ भी रन बनाने के लिए जूझते नजर आए। तब तीन मैचों में उन्होंने सिर्फ 93 रन बनाए। उनके खराब फॉर्म का खामियाजा टीम इंडिया को मैच हारकर चुकाना पड़ा। भारतीय टीम घर पर न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज 0-3 से हार गई। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के पहले मैच में तो उन्होंने शतक लगाया था, लेकिन इसके बाद उनकी गाड़ी पटरी से उतर गई और वह रन बनाने में विफल रहे। अब उनके जल्दी संन्यास लेने की वजह उनकी खराब फॉर्म भी मानी जा रही है।
भारतीय टीम अगले महीने इंग्लैंड के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की सीरीज खेलेगी। इसी के साथ भारत के लिए वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 के चक्र की शुरुआत होगी। अब WTC के नए चक्र से पहले विराट कोहली ने संन्यास ले लिया, ताकि नए प्लेयर्स को ज्यादा से ज्यादा मौका मिल सके। अब कोहली की जगह नए आने वाले प्लेयर्स के लिए पूरे इंग्लैंड दौरे पर खुद को साबित करने का मौका है। कोहली पहले भी बीसीसीआई से कह चुके थे कि वह टेस्ट फॉर्मेट से संन्यास लेना चाहते हैं।