सर्दियों में ठंड की वजह से शरीर में दर्द, जोड़ों में दर्द और सूजन की समस्या बढ़ जाती है। गठिया के मरीज सर्दियों में सबसे ज्यादा परेशान रहते हैं। कई बार जोड़ों में दर्द के साथ सूजन भी आने लगती है। ये सिर्फ ठंड का असर नहीं बल्कि हाई यूरिक एसिड का भी लक्षण हो सकता है। जानें यूरिक एसिड बढ़ने पर शरीर में क्या लक्षण नजर आते हैं और इसे कैसे कम करें?
यूरिक एसिड शरीर में बनने वाला नेचुरल अपशिष्ट पदार्थ है। ये शरीर में प्यूरीन को तोड़ने पर बनता है। अब खाने में कुछ चीजें ऐसी होती हैं जो प्यूरीन ज्यादा बनाती हैं जिससे यूरिक एसिड बढ़ने लगता है। जैसे रेड मीट, सी फूड और शराब में पाए जाने वाले पदार्। आम तौर पर यूरिक एसिड खून में घुल जाता है और किडनी इसे फिल्टर करके टॉयलेट के जरिए निकाल देती है। इसके अलावा अतिरिक्त बिल्डअप हाइपरयूरिसीमिया का कारण बन सकता है, जो गाउट , गुर्दे की पथरी और सूजन का खतरा बढ़ाता है।
यूरिक एसिड के लक्षण
जोड़ों में दर्द और सूजन- यूरिक एसिड बढ़ने पर शरीर में यूरिक एसिड क्रिस्टल बन सकते हैं, जो जोड़ों में जमा हो जाते हैं। ऐसी स्थिति में तेज दर्द, लालिमा और सूजन आ जाती है। अंगूठा, घुटनों, टखनों और उंगलियों को ये प्रभावित कर सकता है।
जोड़ों में अकड़न- अगर सुबह जगने के बाद जोड़ों में अकड़न या बेचैनी रहती है तो इसे शरीर में यूरिक एसिड बढ़ने का भी लक्षण माना जा सकता है।
यूरिक एसिड क्रिस्टल- अगर यूरिक एसिड बढ़कर गंभीर स्थिति में पहुंच जाता है तो इसे क्रोनिक कंडीशन कहते हैं। ऐसी स्थिति में जोड़ों, कानों या उंगलियों के आसपास की त्वचा के नीचे गांठें बन जाती हैं। ये यूरिक एसिड के जमाव होते हैं और दर्दनाक हो सकते हैं।
गुर्दे की पथरी- कई बार यूरिक एसिड बढ़ने पर क्रिस्टल के रूप में गुर्दे में जमा होने लगता है, जिससे किडनी में पथरी बन सकती है। इससे तेज दर्द, मतली और पेशाब करने में परेशानी हो सकती है।
बार-बार पेशाब जाने की इच्छा- हाई यूरिक एसिड का एक ये भी लक्षण हैं कि आपको बार-बार पेशाब जाने की इच्छा होती है। इसका कारण ये है कि आपकी किडनी का फंक्शन प्रभावित होता है। जिससे रात में खासतौर से पेशाब जाने की इच्छा बढ़ जाती है।
जोड़ों की त्वचा लाल होना- अगर जोड़ों में दर्द और सूजन आ रही है। आसपास की त्वचा लाल दिख रही है और हल्की गर्माहट महसूस हो रही है तो ऐसा यूरिक एसिड के जमा होने की वजह से हो सकता है।
यूरिक एसिड को कम करने के उपाय
इसके लिए लाल मांस खाना छोड़ दें। सी फूड्स का सेवन न करें। खाने में हाई प्यूरीन वाली दालें जैसे उड़द, राजमा, चना और अरहर की दाल खाना कम कर दें। दिनभर में भरपूर मात्रा में पानी पीएं। मीठे पेय पदार्थ, मिठाई या किसी भी तरह के मीठे के सेवन से दूर रहें। फर्मेंटेड फूड भी कम खाएं। जंक फूड से एकदम दूर रहें।
Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)