डीवाई पाटिल स्टेडियम में बाद में बल्लेबाजी करना आसान
मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में ही पहले आईपीएल यानी आईपीएल 2008 का फाइनल खेला गया था। हालांकि वहां पर कम ही मैच होते हैं। इस बार आईपीएल के अच्छे खासे मैच वहां हो रहे हैं। अभी तक इस सीजन के छह मैच डीवाई पाटिल स्टेडियम में खेले गए हैं। आपको जानकर ताज्जुब होगा कि इन छह मैचों में से चार बार वो टीम जीती है, जिसने बाद में बल्लेबाजी की है। वहीं दो बार पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम जीती है। जब दो बार पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम जीती है, उसमें से एक मैच दिन में यानी साढ़े तीन बजे से खेला गया था। शाम के मैच में केवल एक ही बार ऐसा हुआ है कि बाद में बल्लेबाजी करने वाली टीम हारी हो। लखनऊ सुपर जाएंट्स और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच मैच में एलएसजी ने पहले बल्लेबाजी कर 169 रन बनाए थे, लेकिन सनराइसर्ज हैदाबाद की टीम 157 रन ही बना सकी और मैच हार गई। यानी आज भी जो कप्तान टॉस जीतेगा, संभावना इसी बात की है कि वो पहले गेंदबाजी का ही फैसला करेगा और जो भी टारगेट मिलेगा, उसका पीछा करेगा।
बड़ा स्कोर बना तो चेज करना हो जाएगा मुश्किल काम
हालांकि ये भी ध्यान रखना पड़ेगा कि अगर पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम ने 170 या 180 से ज्यादा रन बना लिए तो फिर इस स्कोर का पीछा करना आसान नहीं होने वाला। हालांकि मैच रात का है, इसलिए ओस का भी असर देखने के लिए मिलेगा। वहीं आज के मैच को लेकर बात करें तो ये पिच गेंदबाजों की मददगार हो सकती है। तेज गेंदबाजों को बाउंस यानी उछाल मिलने की संभावना है और स्पिनर्स भी अपनी घूमती हुई गेंदों से बल्लेबाज को परेशानी में डाल सकते हैं।
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