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हैदराबाद: पीएम की चुनावी रैली में भावुक हुए एमआरपीएस प्रमुख मडिगा, मोदी ने गले लगाकर दी सांत्वना

 Edited By: Amar Deep
 Published : Nov 11, 2023 06:59 pm IST,  Updated : Nov 11, 2023 07:01 pm IST

तेलंगाना में विधानसभा चुनाव को लेकर पीएम मोदी एक चुनावी जनसभा को संबोधित करने हैदराबाद पहुंचे। यहां मंच पर मौजूद मडिगा रिजर्वेशन पोराटा समिति के प्रमुख उनसे बात करने के दौरान भावुक हो गए। वहीं मंच पर पीएम मोदी ने उनको गले लगाकर सांत्वना दी।

पीएम की रैली में भावुक हुए एमआरपीएस प्रमुख मडिगा।- India TV Hindi
पीएम की रैली में भावुक हुए एमआरपीएस प्रमुख मडिगा। Image Source : ANI

हैदराबाद: तेलंगाना में विधानसभा चुनाव को लेकर लगातार चुनावी रैलियां हो रही हैं। इसी को लेकर पीएम मोदी भी आज हैदराबाद में एक चुनावी रैली को संबोधित करने पहुंचे। पीएम मोदी के साथ इस सभा में एमआरपीएस (मडिगा रिजर्वेशन पोराटा समिति) के प्रमुख भी मौजूद रहे। वहीं रैली के बीच अचानक मंच पर बैठे एमआरपीएस के प्रमुख मंदा कृष्णा मडिगा भावुक हो गए। उनकी आंखों में आंसू देखकर पीएम मोदी ने उन्हें चुप कराया और गले लगाकर उन्हें सांत्वना दी। बता दें कि पीएम मोदी मंच पर एमआरपीएस नेता के साथ बात कर रहे थे। इसी दौरान मडिगा भावुक हो गए और उनकी आंखों में आंसू आ गए। 

2013 में मोदी के संपर्क में आए मडिगा

बता दें कि पीएम मोदी हैदराबाद में मडिगा रिजर्वेशन पोराटा समिति द्वारा आयोजित रैली को संबोधित करने पहुंचे थे। तेलगू राज्यों में मडिगा समुदाय को अनुसूचित जाति का सबसे बड़ा घटक माना जाता है। वहीं मडिगा समुदाय की आज की रैली का मडिगा समुदाय पर गहरा प्रभाव पड़ने वाला है।  एक बड़ी आबादी वाली इस दलित समुदाय का पारंपरिक कार्य लेदर का काम करना रहा है। साल 2013 में पीएम मोदी और मंडा कृष्णा मडिगा के बीच नजदीकियां देखी गईं। उस समय एमआरपीएस ने अनुसूचित जाति की श्रेणी में अंतरिम आरक्षण की मांग की थी।

1994 में हुई एमआरपीएस की स्थापना

वहीं 2014 में मंडा के साथ एक बैठक के बाद बीजेपी ने अपने घोषणा पत्र में मंडिगा समुदाय को अंतिरम आरक्षण देने का वादा भी किया था। बता दें कि एमआरपीएस की स्थापना मंडा कृष्णा मडिगा के नेतृत्व में जुलाई 1994 में आंध्र प्रदेश के परकासम जिले में एडुमिडी गांव में हुई थी। इसकी स्थापना का उद्देश्य अंतरिम आरक्षण को लागू करना था। बता दें कि तेलंगाना में 30 नवंबर को मतदान होना है। तेलंगाना में चुनाव की मतगणना 03 दिसंबर को होगी। इससे पहले चुनाव प्रचार में कोई भी दल किसी प्रकार की कसर नहीं छोड़ना चाहते।

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