पुलिस अधिकारियों ने आशंका जताई है कि इस घटना को नक्सलियों ने अंजाम दिया है, हालांकि घटनास्थल से कोई भी माओवादी पर्चा बरामद नहीं हुआ है।
छत्तीसगढ़ सरकार सरेंडर करने वाले नक्सलियों को घर, नौकरी जैसी मूलभूत सुविधाएं देती है। इससे उन्हें आम जीवन जीने में आसानी होती है। डिप्टी सीएम ने नक्सलियों ने हथियार छोड़ मुख्य धारा में शामिल होने की अपील की है।
ये टीम सोमवार सुबह जंगल में माओवादी अभियान के सफाए के लिए निकली थी। तभी एक जवान का पैर जंगल में बिछी बारूदी माइन पर आ गया। तभी जोर का धमाका होने से एक की जवान शहीद हो गया और 3 घायल हो गए।
बीजापुर जिले के दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र में माओवादियों की मौजूदगी की जानकारी मिलने पर सुरक्षाबलों को नक्सल विरोधी अभियान चलाया गया था। कई घंटों चली मुठभेड़ में 4 माओवादी मारे गए थे।
नक्सली अक्सर जंगल के कच्चे रास्तों पर IED लगाकर सुरक्षाकर्मियों को निशाना बनाते हैं। ये विस्फोटक कई बार महीनों पहले लगाए जाते हैं, जिन्हें पेड़ों और मिट्टी के नीचे छिपाया जाता है।
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सलियों ने एक ग्रामीण की धारदार हथियार से हत्या कर दी। अधिकारियों ने बताया कि जिले के उसूर थानाक्षेत्र अंतर्गत पेरमपल्ली गांव में नक्सलियों ने कवासी हुंगा (38) की धारदार हथियार से हत्या कर दी।
छत्तीसगढ़ में नक्स्ली ग्रामीणों को अपना शिकार बना रहे हैं। निर्दोष ग्रामीणों को नक्सली जान से मार दे रहे हैं। वहीं, सरकार भी चुन-चुन कर नक्सलियों का सफाया करने में लगी हुई है।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने युवाओं से मुलाकात की। ये सभी युवा बीजापुर जिले के सुदूर गांवों से पहली बार राजधानी रायपुर पहुंचे थे। यहां युवाओं ने सीएम से मुलाकात कर अपनी बात रखी।
छत्तीसगढ़ के बीजापुर में नक्सलियों ने भयानक आतंक मचाया है। नक्सलियों ने स्कूली छात्र समेत तीन लोगों की गला घोंटकर हत्या कर दी है। पुलिस ने गुरुवार को इस घटना के बारे में जानकारी दी है।
छत्तीसगढ़ के बीजापुर में 7 माओवादियों के शव और बड़ी मात्रा में हथियारों का जखीरा बरामद हुआ है। इसे माओवादियों के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है।
छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद पर कड़ा प्रहार लगातार जारी है। बुधवार को छत्तीसगढ़ में नारायणपुर-बीजापुर सीमा के पास हुए मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने 26 से अधिक नक्सलियों को मार गिराया है।
छत्तीसगढ़ के बीजापुर में जारी 'ऑपरेशन संकल्प' में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है। इस ऑपरेशन के तहत आज 22 नक्सलियों को मार गिराया गया है।
छत्तीसगढ़ के बीजापुर में नक्सलियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। इस दौरान हुई मुठभेड़ में 15 नक्सली मारे गए हैं।
बीजापुर में जारी एंटी-नक्सल अभियान के बीच सुरक्षा बलों ने करेगुट्टा पहाड़ी को नक्सल मुक्त कर अपने कब्जे में ले लिया है। इसके बाद करेगुट्टा पहाड़ी की चोटी पर तिरंगा फहराया गया।
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में 24 नक्सलियों ने सीआरपीएफ और पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया है। इनमें से 14 पर कुल 28.50 लाख रुपये का इनाम था। सरेंडर करने वाले नक्सलियों में 11 महिलाएं शामिल हैं।
सबसे बड़े ऑपरेशन के दौरान 40 से ज्यादा जवान डिहाइड्रेशन का शिकार हो गए हैं। बीजापुर और तेलंगाना सीमा पर नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन चलाया जा रहा था।
बीजापुर के जंगलों में सुरक्षा बलों ने नक्सलियों को चारों ओर से घेर लिया है और एनकाउंटर लगातार जारी है। अभी तक तीन नक्सली मारे गए हैं।
छत्तीसगढ़ के बीजापुर में जवानों ने सात नक्सलियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से भारी मात्रा में विस्फोटक सामान भी बरामद किया गया है। बता दें कि इससे पहले शनिवार को सुरक्षाबलों ने तीन नक्सलियों को ढेर किया था।
नक्सलियों और सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम के बीच मुठभेड़ जारी है। अब तक दो नक्सलियों के शव बरामद हुए हैं। किसी भी जवान के घायल होने की खबर नहीं है।
बीजापुर जिले में चार इनामी नक्सलियों समेत 22 माओवादियों ने सुरक्षाबलों के सामने सरेंडर किया। इनमें से चार 26 लाख रुपए के इनामी थे।
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