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छत्तीसगढ़ में नक्सली हमला: बिजापुर में IED विस्फोट, CRPF के दो जवान घायल, सर्च ऑपरेशन तेज

 Edited By: Pankaj Yadav @ThePankajY
 Published : Jul 08, 2025 11:56 pm IST,  Updated : Jul 08, 2025 11:56 pm IST

नक्सली अक्सर जंगल के कच्चे रास्तों पर IED लगाकर सुरक्षाकर्मियों को निशाना बनाते हैं। ये विस्फोटक कई बार महीनों पहले लगाए जाते हैं, जिन्हें पेड़ों और मिट्टी के नीचे छिपाया जाता है।

छत्तीसगढ़ में नक्सलियों ने किया IED ब्लास्ट (सांकेतिक तस्वीर)- India TV Hindi
छत्तीसगढ़ में नक्सलियों ने किया IED ब्लास्ट (सांकेतिक तस्वीर) Image Source : SOCIAL MEDIA

छत्तीसगढ़ के बिजापुर जिले में एक नक्सली हमले ने प्रशासन को हिला कर रख दिया। मुरदंडा और तिमापुर के बीच सर्च ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों ने IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) विस्फोट और फायरिंग की, जिसमें CRPF के दो जवान घायल हो गए। यह घटना मंगलवार शाम की है, और घायल जवानों को तुरंत रायपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि जवान खतरे से बाहर हैं, और सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है।

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क्या हुआ घटनास्थल पर?

पुलिस के अनुसार, यह घटना बिजापुर जिले के आवापल्ली पुलिस स्टेशन क्षेत्र के अंतर्गत तिमापुर-मुरदंडा रोड पर हुई। CRPF की 229वीं बटालियन के जवान रोड सिक्योरिटी ऑपरेशन (RSO) पर तैनात थे, जब नक्सलियों ने पहले से लगाए गए IED को विस्फोट कर दिया। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि दो जवान गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, नक्सलियों ने जंगल के कच्चे रास्तों पर यह विस्फोटक लगाया था, जो सुरक्षा बलों को निशाना बनाने की उनकी पुरानी रणनीति का हिस्सा है। घायल जवानों को तत्काल प्राथमिक उपचार दिया गया और फिर उन्हें बेहतर इलाज के लिए बिजापुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।

सरकार और सुरक्षा बलों की प्रतिक्रिया

छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इस हमले की निंदा की और घायल जवानों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने कहा, “हमारे सुरक्षा बल नक्सलियों के खिलाफ लगातार ऑपरेशन चला रहे हैं। नक्सलियों की यह हताशा उनकी कमजोरी दिखाती है।” केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी बार-बार नक्सलियों से हथियार छोड़कर मुख्यधारा में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त करने का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी इस घटना पर दुख जताया और कहा कि राज्य सरकार नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सड़क, बिजली, और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने नक्सलियों के लिए एक प्रभावी पुनर्वास नीति की भी बात की, ताकि आत्मसमर्पण करने वालों को समाज में शामिल किया जा सके।

आगे की कार्रवाई

इस हमले के बाद बिजापुर और आसपास के इलाकों में सर्च ऑपरेशन को और तेज कर दिया गया है। अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों को क्षेत्र में भेजा गया है, और संदिग्ध नक्सली ठिकानों की तलाशी ली जा रही है। पुलिस का मानना है कि नक्सली अपनी हार की बौखलाहट में इस तरह के हमले कर रहे हैं।

छत्तीसगढ़ में नक्सली हिंसा की स्थिति

छत्तीसगढ़ का बस्तर क्षेत्र, जिसमें बिजापुर, दंतेवाड़ा, और सुकमा जैसे जिले शामिल हैं, लंबे समय से नक्सली हिंसा का गढ़ रहा है। इस साल नक्सलियों के खिलाफ कई सफल ऑपरेशन किए गए हैं, जिसमें कई नक्सली ढेर हुए और हथियार बरामद किए गए। हाल ही में, 6 जुलाई को बिजापुर में एक सर्च ऑपरेशन के दौरान एक वर्दीधारी नक्सली मारा गया था। इसके बावजूद, नक्सली अपनी कायराना हरकतों से बाज नहीं आ रहे। इस साल जनवरी में बिजापुर में ही एक भीषण IED हमले में आठ सुरक्षाकर्मी और एक नागरिक ड्राइवर की जान चली गई थी, जो दो साल में सबसे घातक हमला था।

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