भारत के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई ने अहम टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि वह रिटायरमेंट के बाद कोई पद स्वीकार नहीं करेंगे।
सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई ने तलाक के एक मामले को सुनते हुए तल्ख टिप्पणी की है। महिला द्वारा तलाक की एवज में जो डिमांड की गई उसे सुनकर मुख्य न्यायाधीश भी हैरान रह गए और जानेंगे तो आप भी हैरान रह जाएंगे।
भारत के मुख्य न्यायाधीश भूषण रामकृष्ण गवई नागपुर पहुंचे। यहां वह उस समय भावुक हो गए जब उन्होंने अपने माता-पिता के संघर्षों को याद किया। उन्होंने बताया कि कैसे पिता का सपना पूरा करने के लिए उन्होंने वकील बनने का निर्णय लिया।
मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई ने बुधवार को कहा कि भारत का संविधान सबसे ऊपर है और लोकतंत्र के तीनों अंग उसी के अधीन काम करते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग संसद को सर्वोपरि मानते हैं, लेकिन यह हकीकत नहीं है।
चीफ जस्टिस बीआर गवई शुक्रवार को प्रयागराज पहुंचे। यहां उन्होंने शनिवार को एडवोकेट चैंबर और मल्टीलेवल पार्किंग का उद्धघाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि मैंने प्रयागराज में अपना पहला कार्यक्रम अटेंड किया, मेरे लिए यह खुशी की बात है।
मुंबई में एक सम्मान समारोह में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई पहुंचे लेकिन वहां आला अफसरों की अनुपस्थिति पर उन्होंने इशारों में कहा कि प्रोटोकॉल के बारे में खुद ही सोचना चाहिए।
वक्फ कानून के खिलाफ दायर याचिकाओं पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सीजेआई बीआर गवई और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने मामले की सुनवाई की।
मनोनीत प्रधान न्यायाधीश बीआई गवई ने कहा कि युद्ध निरर्थक है। उन्होंने रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष का उदाहरण देते हुए कहा कि इससे कोई ठोस लाभ नहीं होने वाला है।
सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा कदम उठाते हुए जजों की संपत्ति का ब्यौरा सार्वजनिक कर दिया है। आइए जानते हैं कि सबसे अमीर जज के रूप में कौन से जज का नाम सामने आया है।
जस्टिस बीआर गवई मूल रूप से महाराष्ट्र के अमरावती जिले के रहने वाले हैं। गवई के करियर के उल्लेखनीय फैसलों में जम्मू कश्मीर के अनुच्छेद 370 को हटाना और इसे दो केंद्रशासित प्रदेशों में विभाजित करना शामिल हैं।
वक्फ संशोधन कानून की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली 70 से ज्यादा याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में आज दूसरे दिन सुनवाई हुई। यह कानून 8 अप्रैल, 2025 को लागू हुआ था।
वक्फ बिल को लेकर घमासान मचा हुआ है। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान बेंच और सॉलिसिटर जनरल के बीच तब तीखी नोकझोंक हुई जब न्यायाधीशों ने वक्फ प्रशासन में गैर-मुस्लिमों को अनुमति देने के पीछे के तर्क पर सवाल उठाया।
न्यायमूर्ति भूषण रामकृष्ण गवई सुप्रीम कोर्ट के अगले चीफ जस्टिस बनने जा रहे हैं। बता दें कि 14 मई को वह मुख्य न्यायाधीश के पद की शपथ लेंगे। उनका कार्यकाल नवंबर 2024 तक रहेगा।
सुपीम कोर्ट में वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई हुई। सीजेआई संजीव खन्ना, जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस केवी विश्वनाथन की तीन जजों की बेंच ने मामले की सुनवाई की।
CAG के चयन पैनल में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया को शामिल करने की मांग की गई है। याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है।
जज संजीव खन्ना का आज सीजेआई के तौर पहला दिन रहा। सोमवार को ही संजीव खन्ना को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारत के 51वें प्रधान न्यायाधीश की शपथ दिलाई। इसके बाद वह सुप्रीम कोर्ट पहुंच कर मामलों की सुनवाई की।
डीवाई चंद्रचूड़ रिटायरमेंट के बाद तमाम काम कर सकते हैं लेकिन एक काम करने के लिए उन पर प्रतिबंध है। दरअसल ये प्रतिबंध सभी सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों के लिए होता है।
जस्टिस संजीव खन्ना ने राष्ट्रपति भवन में पद और गोपनीयता की शपथ ली है। संजीव खन्ना दिल्ली के एक प्रतिष्ठित परिवार से ताल्लुक रखते हैं।
दिल्ली के एक प्रतिष्ठित परिवार से ताल्लुक रखने वाले न्यायमूर्ति खन्ना दिल्ली उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति देव राज खन्ना के बेटे और शीर्ष न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश एच आर खन्ना के भतीजे हैं। न्यायमूर्ति संजीव खन्ना को 18 जनवरी 2019 को उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया था।
देश के 50वें CJI के तौर पर तैनात डीवाई चंद्रचूड़ का कार्यकाल 10 नवंबर 2024 को पूरा होगा मगर उनका अंतिम कार्य दिवस 8 नवंबर था। इस मौके पर एक विदाई समारोह आयोजित किया गया जहां अगले CJI जस्टिस संजीव खन्ना ने भाषण देते हुए उनके योगदान की सराहना की।
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