गाजा में इजरायली सेना ने बड़ा हमला किया है। इस हमले में कम से कम 72 फिलिस्तीनी मारे गए हैं। साथ ही बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इस गोलीबारी की निंदा करते हुए तत्काल संघर्षविराम और मानवीय सहायता की मांग की है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाए जाने की संभावना जताई जा रही है।
इजराइली सेना के सैनिकों ने शिप में मौजूद सभी लोगों के फोन समुद्र में फिंकवा दिए हैं। शिप का रेडियो पहले ही जाम कर दिया गया था। ऐसे में शिप में मौजूद लोगों का संपर्क अन्य लोगों के साथ पूरी तरह खत्म हो चुका है।
इजरायली सेना ने रविवार को सुबह गाजा पर बहुत बड़ा हवाई हमला किया है। इस हमले में कम से कम 34 फिलिस्तीनियों के मारे जाने की खबर है। अलजजीरा की खबर के अनुसार इजरायली सेना का यह बेहद घातक हमला था। स्थानीय अस्पताल की ओर से लोगों की मौत की पुष्टि की गई है।
इजरायली सेना गाज़ा पर बड़ा सैन्य अभियान चला रही है। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, युद्धविराम समाप्त होने के बाद से इज़राइली हमलों में हजारों फिलीस्तीनी नागरिक मारे गए हैं, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे शामिल हैं।
गाजा में एक सहायता केंद्र ऐसा है, जहां जाने पर अगर गोलीबारी से बच गए तो भोजन मिलेगा और नहीं बचे तो हिस्से में मौत आएगी। गाजा में चलाए जा रहे सहायता केंद्र पर जाने वाले लोगों पर पिछले 3 दिनों से लगातार गोलीबारी में पचासों मौतें हो गई हैं। हालांकि इजरायल का कहना है कि वह केवल आतंकियों को टारगेट कर रहा है।
गाजा में इजरायली सेना ने एक और बड़ा हमला किया है। इसमें कम से कम 14 लोगों की जान चली गई है। मरने वालों में ज्यादातर महिलाएं और बच्चे शामिल हैं।
गाजा पट्टी में रविवार को सहायता वितरण स्थल पर भोजन का इंतजार कर रही भीड़ पर फिर हमला हुआ है। इस हमले में 31 फिलिस्तीनियों की जान चली गई। वहीं, 170 लोग घायल हो गए हैं। घायलों को नजदीकी खान यूनिस के नासिर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
गाजा पट्टी में भोजन की तलाश में जा रहे 30 लोगों को खाने-पीने का सामान तो नसीब नहीं हुआ, लेकिन उन्हें मौत जरूर मिल गई। रफह में हुई ये घटनाएं गाजा में चल रहे मानवीय संकट और संघर्ष की गंभीरता को दर्शाती हैं, जहां नागरिकों की सुरक्षा और सहायता वितरण पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
इजरायली सेना ने गाजा में एक बड़े हवाई हमले में हमास के टॉप लीडर मोहम्मद सिनवार को मार गिराया है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ट्वीट कर यह जानकारी दी है। आइये जानते हैं कि मोहम्मद सिनवार कौन था।
दक्षिणी गाजा में सहायता केंद्र तक पहुंचने की कोशिश कर रहे फिलिस्तीनियों की भीड़ के बीच इजरायली टैंक और गोलीबारी की आवाजें सुनी गईं।
इजरायली सेना ने रविवार को गाजा पट्टी पर बड़े हवाई हमले किए। इस दौरान 2 बच्चों समेत कुल 14 लोगों की मौत हुई।
इराक की राजधानी गाजा में अरब लीग शिखर सम्मेलन की शनिवार को शुरुआत हो गई। इसमें अरब के तमाम नेता हिस्सा ले रहे हैं। इस दौरान गाजा में शांति प्लान को लेकर चर्चा संभव है।
हमास को हलाल करने के लिए इजरायली सेना ने एआई का इस्तेमाल किया था। हालांकि माइक्रोसॉफ्ट ने कहा है कि युद्ध के बजाय सर्च अभियानों में इसका इस्तेमाल हुआ। माइक्रोसॉफ्ट के अलावा, गूगल, अमेजन, पैलंटिर और कई अन्य अमेरिकी प्रौद्योगिकी कंपनियों के साथ भी इजरायली सेना के AI और क्लाउड सेवाओं के अनुबंध हैं।
ट्रंप की क्षेत्रीय यात्रा संपन्न होने के बाद शुक्रवार को इजरायली स्ट्राइक में 82 लोगों के मारे जाने का दावा किया गया है। गाज़ा में इस समय हालात बेहद नाज़ुक हैं और यह स्पष्ट है कि यदि अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने शीघ्र हस्तक्षेप नहीं किया, तो यह संघर्ष और व्यापक मानव त्रासदी में बदल सकता है।
गाजा में हमास के खिलाफ इजरायल का अभियान लगातार जारी है। इस बीच इजरायल ने भीषण बमबारी कर दी है जिसमें 23 फिलिस्तीनियों की मौत हो गई है।
नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल हमास को पूरी तरह खत्म करने, बंधकों को रिहा करने और यह सुनिश्चित करने से पहले युद्ध खत्म नहीं करेगा कि यह इलाका इजरायल के लिए खतरा नहीं बने।
इजरायल की सेना ने गाजा में मोराग कोरिडोर का निर्माण पूरा कर लेने का दावा किया है। अभी हाल ही में इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने गाजा में नया सुरक्षा कोरिडोर बनाने का संकल्प लिया था।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गाजा में जमीनी अभियान के दौरान नया सुरक्षा गलियारा बनाने का ऐलान किया है। उन्होंने यह ऐलान तब किया, जब इजरायल की सेना ने गाजा में 32 फिलिस्तीनियों को एक हवाई हमले में ढेर कर दिया।
इजरायल ने गाजा पर बड़े हमले करने का संकेत दिया है। इजरायली सेना ने गाजावासियों से बुधवार को कई इलाका खाली करने का आदेश दिया है।
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