बढ़ती महंगाई, ऊंची ब्याज दरें और आर्थिक अनिश्चितता के दौर में भारतीय परिवारों के लिए सोना एक बार फिर सबसे भरोसेमंद सहारा बनकर उभरा है। यही वजह है कि देश में सोने के आभूषण के बदले कर्ज यानी गोल्ड लोन का बाजार बीते दो वर्षों में रिकॉर्ड रफ्तार से बढ़ा है।
अगर आप घर खरीदने का प्लान कर रहे हैं और Bank of Baroda से ₹26 लाख का होम लोन 26 साल की अवधि के लिए लेने की सोच रहे हैं, तो सबसे पहला सवाल यही होता है कि हर महीने EMI कितनी देनी पड़ेगी। लोन की ब्याज दर, अवधि और EMI, तीनों का सीधा असर आपके मासिक बजट पर पड़ता है।
पैन नंबर के जरिये आप आसानी से घर बैठे या बैंक की मदद से अपने नाम से चल रहे लोन का पता तुरंत कर सकते हैं। समय-समय पर ऐसा करना बेहद जरूरी है।
लोन अमाउंट और EMI आपकी सैलरी के साथ-साथ क्रेडिट स्कोर और चुनी गई अवधि पर काफी हद तक निर्भर करती है। होम लोन लेने से पहले आपको इससे जुड़ा होम वर्क जरूर कर लेना चाहिए, ताकि लोन की ईएमआई के साथ-साथ घर का बजट संतुलित रह सके।
देश के लाखों गिग वर्कर्स के लिए सरकार एक बड़ी राहत लेकर आने वाली है। Swiggy, Zomato, Zepto, Blinkit जैसे प्लेटफॉर्म्स पर काम करने वाले डिलीवरी पार्टनर्स से लेकर घरेलू सहायकों तक, ऐसे लोग जो अब तक बैंकिंग सिस्टम से बाहर थे, उन्हें बिना किसी गारंटी के लोन मिलने का रास्ता खुलने जा रहा है।
इस प्रोडक्ट के तीन मुख्य भाग हैं- बैंकिंग, इंश्योरेंस और कार्ड, जो इसे कर्मचारियों के लिए एक ही जगह पर मिलने वाला वित्तीय समाधान बनाता है।
अगर लोन लेने के बाद किसी व्यक्ति की मौत हो जाए तो बैंक सबसे पहले उस लोन अकाउंट के को-ऐप्लिकैंट से संपर्क करेगा।
Personal Loan अप्लाई करने से पहले इन अहम पहलुओं पर ध्यान देकर न सिर्फ आप पैसे बचा सकते हैं, बल्कि भविष्य की वित्तीय परेशानियों से भी बच सकते हैं।
आरोपी पति ने कहा कि पत्नी के मरने से 35 लाख का लोन माफ हो जाएगा। इस वजह से उसने पत्नी को फिनायल पिला दिया। हालांकि, उसकी जान किसी तरह बच गई। पत्नी की शिकायत पर आरोपी पति के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
पंजाब नेशनल बैंक ने बताया कि SEFL से जुड़े मामले में 1,240.94 करोड़ रुपये और SIFL से संबंधित 1,193.06 करोड़ रुपये की राशि को उधार धोखाधड़ी के रूप में RBI को रिपोर्ट किया गया है।
अगर आप किसी भी वजह से होम लोन की एक भी ईएमआई भरने में चूक जाते हैं, तो सबसे पहले आपके क्रेडिट स्कोर पर इसका बुरा असर पड़ेगा।
भारतीय रिजर्व बैंक ने इस साल रेपो रेट में 5 बार में 1.25 प्रतिशत की कटौती की। रिजर्व बैंक ने इस साल रेपो रेट में सबसे पहले फरवरी में 0.25 प्रतिशत, अप्रैल में 0.25 प्रतिशत, जून में 0.50 प्रतिशत और फिर दिसंबर में 0.25 प्रतिशत की कटौती की।
महाराष्ट्र में एक किसान ने कर्ज से छुटकारा पाने के लिए अपनी जमीन, ट्रैक्टर और घर का सामान भी बेच दिया लेकिन फिर भी कर्ज नहीं उतरा। इसके बाद साहूकारों ने उसे किडनी बेचने को कहा।
IMF ने अब तक पाकिस्तान को 3.3 अरब डॉलर जारी किए हैं। पाकिस्तान को कुल 7 अरब डॉलर 39 महीनों की अवधि में मिलने हैं। पिछले डेढ़ साल में आईएमएफ द्वारा लगाए गए कुल शर्तों की संख्या अब 64 हो गई है।
आरोप है कि अनमोल अंबानी ने अपने समूह की एक कंपनी के माध्यम से बैंक से ऋण (लोन) लिया था और बाद में ऋण चुकाने में विफल रहे, जिससे बैंक को बड़ा वित्तीय नुकसान हुआ।
IMF बोर्ड ने पाकिस्तान के 7 अरब डॉलर के एक्सटेंडेड फंड फैसिलिटी (ईएफएफ) के तहत 1 अरब डॉलर और रेजिलिएंस एंड सस्टेनेबिलिटी फैसिलिटी (आरएसएफ) के तहत 200 मिलियन डॉलर जारी करने की मंजूरी दी।
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी ने शुक्रवार को रेपो रेट को 0.25 प्रतिशत घटाकर 5.25 प्रतिशत कर दिया था।
इंडियन बैंक के अलावा, पब्लिक सेक्टर के दो अन्य बैंक- बैंक ऑफ इंडिया और बैंक ऑफ बड़ौदा भी कर्ज की ब्याज दरों में कटौती कर चुके हैं।
RBI ने नीतिगत दर में कटौती का फैसला ऐसे समय में लिया है जब भारत को अमेरिका द्वारा भारतीय उत्पादों पर लगाए गए 50% की ऊंची टैरिफ दर जैसे वैश्विक आर्थिक दबावों का सामना करना पड़ रहा है।
अक्टूबर में खुदरा महंगाई (सीपीआई) घटकर 0.3% पर आ गई, जो पिछले एक दशक का सबसे निचला स्तर है। इससे आरबीआई को फैसला लेने में मदद मिलेगी। अगले 12 महीनों में औसत सीपीआई महंगाई लगभग 3.7% रहने की संभावना है।
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