लंबे इंतजार के बाद यह योजना अब लॉन्च की दहलीज पर है और जेवर एयरपोर्ट क्षेत्र में आवासीय विकास को नई रफ्तार दे सकती है। इस योजना को न सिर्फ घर बनाने वालों बल्कि निवेशकों के लिए भी आकर्षक विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है।
यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी यानी YEIDA अपने फैसले को बदलकर पहले वाला स्टेटस लागू करने जा रहा है।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होने से पहले ही यमुना एक्सप्रेसवे इलाके में रियल एस्टेट की रफ्तार तेज हो गई है। एयरपोर्ट, मेट्रो और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की वजह से यह इलाका निवेशकों और घर खरीदने वालों की पहली पसंद बनता जा रहा है।
अथॉरिटी ने बीते दिसंबर में इन आवासीय भूखंडों की योजना लॉन्च करने का फैसला किया था। जिन भूखंडों पर यह योजना प्रस्तावित है, वह जमीन किसानों से खरीदी जा चुकी है, लेकिन अब तक यीडा के नाम पर राजस्व अभिलेखों में रजिस्टर ही नहीं हो पाई है।
स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर के सुझावों पर जल्द ही सभी संबंधित पक्षों के साथ विचार-विमर्श किया जाएगा। व्यावहारिक और उपयोगी सुझावों को प्लान में शामिल कर इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। बोर्ड मंजूरी के बाद इसे राज्य सरकार को भेजा जाएगा।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास अपने आशियाने का सपना देखने वालों के लिए नया साल बड़ी खुशखबरी लेकर आ सकता है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) नए साल पर हजारों लोगों के सपनों को पंख देने की तैयारी में है।
अधिकारी ने बताया कि कि 74.3 किलोमीटर लंबे लिंक एक्सप्रेसवे को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से भी जोड़ा जाएगा।
दिल्ली-NCR में सस्ता इंडस्ट्रियल प्लॉट मिलना अब सपना नहीं, हकीकत बनने जा रहा है। यमुना प्राधिकरण (YEIDA) दिसंबर में ऐसी नई स्कीम लॉन्च करने जा रहा है, जिसने निवेशकों और छोटे उद्योगों के मालिकों में खास उत्साह पैदा कर दिया है।
यूपी में विकास की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। यमुना विकास प्राधिकरण ने हाथरस अर्बन सेंटर के लिए मास्टर प्लान तैयार करने की प्रक्रिया तेज कर दी है।
अथॉरिटी सीधे किसानों से बातचीत कर 10 एकड़ के भूखंडों में ज़मीन खरीदने की योजना पर काम कर रहा है। इन भूखंड की खरीद से सालों से लंबित कई प्रोजेक्ट अब गति पकड़ सकते हैं।
YEIDA की इंस्टीट्यूशनल प्लॉट स्कीम के तहत, हॉस्पिटल एंड चाइल्ड वेलफेयर एंड मैटरनिटी सेंटर खोलने के लिए प्लॉट्स के अलॉटमेंट के लिए 18 जून, 2025 को आवेदन शुरू हो गया था।
अथॉरिटी ने कहा है कि अवैध हाउसिंग प्रोजेक्ट्स के झांसे में न आएं, जो अल्पकालिक में अवास्तविक मुनाफे का वादा करते हैं। ऐसी योजनाओं में निवेश करने से बचना चाहिए, जिन्हें प्राधिकरण ने मंजूरी नहीं दी है।
यमुना एक्सप्रेसवे के सेक्टर 18 के पॉकेट 9B स्थित इस रेसिडेंशियल प्लॉट स्कीम के लिए यीडा को कुल 54,289 ऐप्लिकेशन प्राप्त हुए थे।
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण की इस स्कीम के तहत प्लॉट का अलॉटमेंट लीज डीड के निष्पादन की तारीख से 90 वर्ष की अवधि के लिए लीजहोल्ड आधार पर किया जाएगा।
अगर आप एजुकेशन सेक्टर से जुड़कर काम शुरू करना चाहते हैं तो आपके लिए सुनहरा मौका है। यमुना एक्सप्रेसवे अथॉरिटी नर्सरी स्कूल और क्रेच खोलने के लिए प्लॉट की स्कीम लेकर आया है।
अथॉरिटी ने इन प्लॉट का 29% उन लोगों के लिए रिजर्व किया है जो YEIDA क्षेत्र में स्थित परियोजनाओं में काम करते हैं, 5% रिटायर रक्षा कर्मियों के लिए रिजर्व हैं और 5% यीडा कर्मचारियों के लिए रिजर्व हैं।
जून 2023 में, यीडा ने घोषणा की थी कि वह बुलंदशहर में चोला रेलवे स्टेशन को जेवर से जोड़ने के लिए दो नए एक्सप्रेसवे और एक रेल लिंक बनाना चाहता है, जहां नोएडा इंटरनेशनल ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनाया जा रहा है।
यीडा के अधिकारी के अनुसार, हम किसानों से बात कर रहे हैं और जो इसे बेचने के इच्छुक हैं, उनसे भूमि ले रहे हैं। हमने पिछले पांच वर्षों में 5,200 एकड़ भूमि खरीदी है और भूमि खरीद जारी रहेगी।
फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर का एक विशेष रूप है, जिसमें बहुमंजिला इमारतें होती हैं, जिन्हें मैन्यूफैक्चरिंग, असेंबली और स्टोरेज ऑपरेशंस के लिए उपयुक्त इंडिविजुअल यूनिट्स में विभाजित किया जाता है।
ग्रीन कॉरिडोर के डेवलपमेंट में संगीतमय फव्वारे, बैठने की व्यवस्था, मूर्तियां और पैदल यात्री फुटपाथ के साथ थीम-आधारित भूनिर्माण शामिल होंगे। कॉरिडोर में विविध पौधों की प्रजातियों को पेश किया जाएगा।
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