उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में मनरेगा में बड़ा घोटाला सामने आया है। दरअसल यहां बड़े रसूखदार लोगों ने मनरेगा का मजदूरी कार्ड बनवाकर सरकारी पैसों का गबन किया है। इसमें भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी की बहन व जीजा का नाम भी शामिल है। इस घटना के सामने आने के बाद मनरेगा योजना पर सवाल उठने लगे हैं। मनरेगा योजना में घोटाला सुनकर भारतीय किसान यूनियन (शंकर) ने कार्यवाही की बात करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। इस संबंध में अमरोहा की जिलाधिकारी का कहना है कि ग्राम प्रधान द्वारा मनरेगा के फंड्स को अपने निजी स्वजनों के खातों में डाला गया है, जिसकी जांच इसी मनरेगा के माध्यम से कराई जाएगी। जो शख्स जिस स्तर पर इस घपलेबाजी का दोषी है, उससे वसूली की जाएगी और उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
उत्तर प्रदेश के अमरोहा में मनरेगा के नाम पर हो रहा घपलेबाजी तब और ज्यादा बड़ा हो गया जब इसमें अमरोहा निवासी व भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी की बहन शबीना और उनके जीजा गजनवी का नाम सामने आया। इतना ही नहीं इनके खातों में मजदूरी की मोटी रकम भी ट्रांसफर हो चुकी है। ऐसे ही इलाके के बहुत लोग हैं, जिन्होंने मजदूरी कार्ड के माध्यम से मनरेगा के पैसे का गबन किया है। बताया जाता है कि प्रधान गुले आयशा शमी की बहन शबीना की सास हैं। अमरोहा के गांव पलौला के लोगों का कहना है कि उनकी किसी भी शिकायत पर ध्यान नहीं दिया जाता, क्योंकि प्रधान गुले आयशा मोहम्मद शमी की बहन की सास हैं। उन्होंने अपने रिश्तेदारों के, अपने परिवार वालों के बल्कि अपने सभी करीबियों के मनरेगा जॉब कार्ड बनवा रखे हैं।
गांव के ही रहने वाले इमरान ने बताया कि मोहम्मद शमी के रिश्तेदारों ने अपने चहेतों और अपने रिश्तेदारों और खानदान के लोगों के कार्ड बनवा रखे हैं। कई लोग ऐसे हैं जिनके खातों में पैसा डाला जाता है। उन्हें 200-200 रुपये दिए जाते हैं और बाकी पैसे खुद रख लिए जाते हैं। इसके लिए मोहम्मद शमी की पहुंच दिखाई जाती है। इलाके में विकास कार्य पहले प्रधान के हाथ के हैं। इनके तो आप देख सकते हैं। सब इनके घर के, फैमिली के लोग हैं, जबकि इनका एक लड़का वकालत करता है और एक एमबीबीएस कर रहा है। जब इनकी शिकायत करने हम लोग जाते हैं तो ये लोग सांठगांठ कर लेते हैं। जो पात्र हैं, उन्हें ये पैसा मिलना चाहिए। इसका दुरुपोग नहीं होना चाहिए। समाजवादी पार्टी हो, बहुजन समाज पार्टी हो या भाजपा, इनका संपर्क सभी से है। जो इनके खिलाफ बोलेगा, उसे ये झूठे मुकदमें में फंसवा देंगे।
अमरोहा की जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स का इस संबंध में कहना है कि ग्राम प्रधान ने मनरेगा के फंड्स को अपने निजी स्वजनों के खातों में डाला है। इसकी जांच इसी मनरेगा के माध्यम से कराई जाएगी। जिस लेवल पर जो दोषी है, उससे वसूली की जाएगी और उसके खिलाफ कार्यवाही भी करेंगे। अब उस प्रकरण की जांच परियोजना निदेशक अमरेंद्र प्रताप सिंह को सौंपी गई है, रिपोर्ट के आधार पर कार्यवाही की जायेगी।
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