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लोगों ने सड़क की कर दी 'तेरहवीं', सफेद चादर से ढका, व्यंग्यात्मक श्रद्धांजलि भी दी; जानें क्या है पूरा मामला

 Published : Aug 13, 2025 02:05 pm IST,  Updated : Aug 13, 2025 02:05 pm IST

तेरहवीं से एक दिन पहले सोशल मीडिया पर एक व्यंग्यात्मक श्रद्धांजलि दी गई जिसमें कहा गया था, ''गहरे दुख के साथ हम आपको सूचित करते हैं कि हमारी प्यारी हकीकत नगर सड़क पिछले साल नगर निगम की इच्छा के अनुसार गोलोक के लिए प्रस्थान कर गई है।''

प्रतीकात्मक तस्वीर- India TV Hindi
प्रतीकात्मक तस्वीर Image Source : PIXABAY

यूपी के सहारनपुर जिले के हकीकत नगर में पिछले एक साल से सड़क की मरम्मत की बाट जोह रहे स्थानीय लोगों ने अपना इंतजार खत्म नहीं होते देख निराश होकर सड़क का 'तेरहवीं' संस्कार करके अपना विरोध दर्ज कराया। इस असामान्य विरोध प्रदर्शन की घोषणा एक दिन पहले सोशल मीडिया पर एक व्यंग्यात्मक श्रद्धांजलि के साथ की गई थी। इसमें कहा गया था, ''गहरे दुख के साथ हम आपको सूचित करते हैं कि हमारी प्यारी हकीकत नगर सड़क पिछले साल नगर निगम की इच्छा के अनुसार गोलोक के लिए प्रस्थान कर गई है। इस सड़क की आत्मा की शांति के लिए तेरहवीं की रस्म 12 अगस्त 2025, दिन मंगलवार को आयोजित की जाएगी।''

सड़क की बड़ी तस्वीर लेकर इकट्ठा हुए लोग

तेरहवीं एक ऐसी रस्म है जो खासकर हिंदू धर्म में किसी की मौत के 13वें दिन आयोजित की जाती है। योजना के तहत मंगलवार को स्थानीय लोग सड़क की एक बड़ी तस्वीर लेकर इकट्ठा हुए, उसे सफेद चादर से ढका और पुष्पांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में महिलाएं, वरिष्ठ नागरिक और व्यापारी भी शामिल हुए।

10 महीनों से बन रही थी सड़क, अचानक रोक दिया काम

हकीकत नगर व्यापार मंडल के अध्यक्ष अमित सेठी ने बताया कि कलेक्ट्रेट को दीवानी अदालत से जोड़ने वाली यह सड़क पिछले 10 महीनों से मुख्यमंत्री ग्रिड योजना के तहत बन रही थी। उन्होंने कहा कि हालांकि 31 जुलाई को निर्माण कंपनी को गुणवत्ता मानकों को पूरा न करने के आरोप में काली सूची में डाल दिए जाने के बाद काम अचानक रोक दिया गया। सेठी ने बताया, ''जब हमने महापौर और अधिकारियों के सामने यह मुद्दा उठाया, तो उन्होंने हमें आश्वासन दिया कि आठ दिनों के भीतर वे सड़क पर जमा हो रहे सीवेज के पानी के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करेंगे और सड़क पर एक पतली परत बिछा देंगे ताकि बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग घायल न हों। उन्होंने निर्माण मलबा हटाने का भी वादा किया। मगर 10 दिनों के बाद भी कोई काम नहीं होने पर हमने विरोधस्वरूप यह तेरहवीं का कार्यक्रम किया है, ताकि अधिकारियों की आंखें खुलें।''

20 करोड़ रुपये से ज्यादा का बजट हुआ था स्वीकृत

उन्होंने कहा कि यह सड़क एक प्रमुख मार्ग है जिसका उपयोग जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी नियमित रूप से करते हैं। उन्होंने कहा कि फिर भी 20 करोड़ रुपये से अधिक का बजट स्वीकृत होने के बावजूद इसे उपेक्षित किया गया है। (भाषा इनपुट्स के साथ)

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