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‘वन-टाइम टैक्स’ सिस्टम से जुड़ी हर शंका होगी हल, UP में 20-21 फरवरी को हर जिले में परिवहन मेला लगाकर दी जाएगी जानकारी

Edited By: Vinay Trivedi Published : Feb 14, 2026 10:22 pm IST, Updated : Feb 14, 2026 10:22 pm IST

यूपी सरकार ने ‘वन-टाइम टैक्स’ सिस्टम लागू कर दिया गया है, जिससे बार-बार टैक्स भरने के झंझट से छुट्टी मिल जाएगी। ट्रांसपोर्ट टैक्स सिस्टम में 20-21 फरवरी को सभी जिलों के RTO-ARTO में परिवहन मेले लगाए जाएंगे, जहां गाड़ी मालिकों की दुविधा का मौके पर ही हल किया जाएगा।

up transport fairs- India TV Hindi
Image Source : PTI (प्रतीकात्मक फोटो) यूपी में परिवहन मेला लगाकर दी जाएगी ‘वन-टाइम टैक्स’ सिस्टम के बारे में जानकारी।

लखनऊ: यूपी सरकार ने परिवहन कर व्यवस्था में बदलाव करते हुए ‘वन-टाइम टैक्स’ सिस्टम लागू की है। इसका मकसद टैक्स भुगतान प्रक्रिया को आसान बनाना और राजस्व को बढ़ाना है। गाड़ी मालिकों को नए सिस्टम की जानकारी देने और उनकी शंकाओं का हल करने के लिए 20 और 21 फरवरी 2026 को उत्तर प्रदेश के सभी जिला क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों यानी RTO और सहायक क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों यानी ARTO में परिवहन मेले आयोजित किए जाएंगे।

मौके पर ही समाधान और आयुक्त की अपील

इन मेलों के दौरान, अफसर टैक्स की गणना, भुगतान प्रक्रिया, आखिरी तारीख, रजिस्ट्रेशन, व्हीकल कैटेगरी चेंज और समायोजन से जुड़ी दिक्कतों का तुरंत समाधान करेंगे। परिवहन आयुक्त किंजल सिंह ने सारे गाड़ी स्वामियों और परिवहन व्यापार से जुड़े लोगों से अनुरोध किया है कि वे इन मेलों में भाग लेकर नए सिस्टम का फायदा उठाएं। यह सिस्टम अब वाहन पोर्टल पर लाइव है, जिससे डिजिटल भुगतान आसान और पारदर्शी तरीके से किया जा सकता है।

सार्वजनिक सेवा और व्यावसायिक वाहन भी शामिल

पिछले महीने उत्तर प्रदेश मोटर व्हीकल टैक्सेशन एक्ट, 1997 की धारा 4 में संशोधन कर किराया/भाड़े पर चलने वाली गाड़ियों को भी वन-टाइम टैक्स के दायरे में लाया गया है। इसमें दोपहिया वाहन, थ्री-व्हीलर मोटर कैब, 10 लाख रुपये तक और उससे ज्यादा कीमत की मोटर कैब (थ्री-व्हीलर को छोड़कर), मैक्सी कैब, निर्माण उपकरण वाहन, विशेष प्रयोजन वाहन, 3 हजार किलोग्राम तक और 3 हजार-7 हजार 500 किलोग्राम तक के मालवाहक वाहन व राज्य परिवहन की सार्वजनिक सेवा वाहन शामिल हैं।

इस नए सिस्टम के तहत बार-बार कर भुगतान की कठिन प्रक्रिया की जगह वाहन के मूल्य या कैटेगरी के आधार पर एकमुश्त शुल्क लिया जाएगा, जिससे पारदर्शिता और दक्षता को बढ़ावा मिलेगा।

इसके प्रमुख उद्देश्य और लाभ

इस पहल का मकसद गाड़ी स्वामियों को जटिल आवर्ती कर प्रणाली से छूट देना, प्रशासनिक प्रक्रिया को आसान बनाना और राजस्व संग्रह को मजबूत करना है, खासतौर पर ऐसे वक्त में जब ईवी सब्सिडी की वजह से बजट पर दबाव है। परिवहन मेलों में ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन फिटनेस से जुड़े केस का भी मौके पर हल किया जाएगा।

यह स्टेप गैर-परिवहन वाहनों के लिए पहले लागू वन-टाइम टैक्स सिस्टम के विस्तार के तौर पर देखा जा रहा है, जिससे यूपी डिजिटल और उपयोगकर्ता-अनुकूल कर प्रणाली अपनाने वाले अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है।

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