प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर पहुंचे। यहां उन्होंने 5,400 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इसके साथ ही उन्होंने 2047 तक भारत को विकसित बनाने का और पश्चिम बंगाल को इस विकास यात्रा का इंजन बनाने का वादा किया। दुर्गापुर में जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि दुर्गापुर, स्टील सिटी होने के साथ ही भारत की श्रमशक्ति का भी एक बड़ा केंद्र है। भारत के विकास में दुर्गापुर की बहुत बड़ी भूमिका है और आज इसी भूमिका को मजबूत करने के लिए यहां 5,400 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास हुआ है। ये सभी परियोजनाएं यहां की कनेक्टिविटी को मजबूत करेंगी और गैस-आधारित परिवहन तथा अर्थव्यवस्था को बल देंगी।
पीएम मोदी ने कहा कि दुर्गापुर की धरती नैशनल गैस ग्रिड का हिस्सा बन गई है। गैस की उपलब्धता होने से यहां उद्योग बेहतर तरीके से आगे बढ़ेंगे। पाइपलाइन से 25-30 लाख घरों में सस्ती गैस पहुंचेगी। उन्होंने कहा कि 2047 तक भारत को विकसित बनाना है। ऐसे में हम पश्चिम बंगाल को भारत की विकास यात्रा का इंजन बनाकर रहेंगे।
प्रधानमंत्री ऊर्जा गंगा परियोजना से बढ़ रहा औद्योगिक विकास
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘आज पूरी दुनिया विकसित भारत के संकल्प पर चर्चा कर रही है। इसके पीछे भारत में दिख रहे बदलाव हैं, जिनपर विकसित भारत की इमारत खड़ी हो रही है। इन बदलावों का एक बड़ा पहलू भारत का बुनियादी ढांचा है।’’ मोदी ने अपनी सरकार के ‘एक राष्ट्र, एक गैस ग्रिड’ के दृष्टिकोण को दोहराते हुए कहा कि ‘प्रधानमंत्री ऊर्जा गंगा’ परियोजना की परिकल्पना समतापूर्ण ऊर्जा पहुंच सुनिश्चित करने और पूर्वी भारत में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए की गई थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड’ मंत्र वाली परियोजनाएं बंगाल की अर्थव्यवस्था को और विकसित करने में मदद करेंगी। इससे युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
बंगाल में रेल कनेक्टिविटी पर काम हुआ
पीएम मोदी ने कहा कि पश्चिम बंगाल सहित देश के सभी राज्य गरीबों के लिए चार करोड़ से अधिक पक्के मकान, करोड़ों शौचालय, हजारों किलोमीटर नई सड़कें और राजमार्ग, नई रेलवे लाइन, छोटे शहरों में हवाई अड्डे और गांवों में इंटरनेट संपर्क जैसी बुनियादी सुविधाओं से लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘बंगाल में रेल संपर्क के लिए काफी काम किया गया है और यह उन राज्यों में से एक है, जहां बड़ी संख्या में वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं और कोलकाता मेट्रो का तेजी से विस्तार हो रहा है।’’ मोदी ने कहा कि नई रेलवे लाइन बिछाई जा रही हैं, कई रेलवे स्टेशन का आधुनिकीकरण किया जा रहा है और रेलवे ऊपरगामी पुल बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘इन सबसे बंगाल के लोगों का जीवन आसान होगा।’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि बंगाल के हवाई अड्डों को उड़ान योजना से जोड़ा गया है, जिसमें पिछले एक साल में पांच लाख से अधिक यात्री यात्रा कर चुके हैं।
20417 तक विकसित भारत का लक्ष्य
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस गैस आपूर्ति परियोजना से बंगाल में 25 से 30 लाख घरों को सस्ती गैस मिलेगी और इससे दुर्गापुर और रघुनाथपुर के उद्योगों को सहूलियत होगी। उन्होंने कहा, ‘‘ये कारखाने अब विश्व के साथ प्रतिस्पर्धा करने में अधिक कुशल हो गए हैं।’’ प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि भारत 2047 तक एक विकसित देश बन जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘हमारा आगे का रास्ता विकास के माध्यम से सशक्तीकरण, रोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भरता और करुणा के माध्यम से सुशासन है। इन आदर्शों के साथ, हम निश्चित रूप से बंगाल को भारत के विकास का इंजन बनाएंगे।’’
इन परियोजनाओं का शिलान्यास
बंगाल में अपने कार्यक्रमों के तहत प्रधानमंत्री ने बांकुड़ा और पुरुलिया जिलों में भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) की 1,950 करोड़ रुपये की शहरी गैस वितरण परियोजना की आधारशिला रखी। उन्होंने प्रधानमंत्री ऊर्जा गंगा (पीएमयूजी) पहल के तहत बिछाई गई दुर्गापुर-हल्दिया प्राकृतिक गैस पाइपलाइन के 1,190 करोड़ रुपये की लागत वाले दुर्गापुर-कोलकाता खंड (132 किलोमीटर) को भी राष्ट्र को समर्पित किया। पूर्व बर्धमान, हुगली और नदिया जिलों से होकर गुजरने वाली इस पाइपलाइन से लाखों लोगों को प्राकृतिक गैस की निरंतर आपूर्ति होने की उम्मीद है। मोदी ने दामोदर घाटी निगम के अंतर्गत दुर्गापुर इस्पात ताप विद्युत केंद्र और रघुनाथपुर ताप विद्युत केंद्र में स्थापित फ्लू गैस डिसल्फराइजेशन (एफजीडी) प्रणालियों को राष्ट्र को समर्पित किया। कुल 1,457 करोड़ रुपये की लागत वाली प्रदूषण नियंत्रण ‘रेट्रोफिटिंग’ परियोजना से हवा साफ होने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री ने 36 किलोमीटर लंबी पुरुलिया-कोटशिला रेल लाइन के दोहरीकरण का उद्घाटन किया, जिसे 390 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से पूरा किया गया है।
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