कोलकाता: बीजेपी ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कराने की मांग चुनाव आयोग से की है। पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष और भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि हमने भाजपा विधायकों और भाजपा नेताओं के साथ यहां मार्च किया। बिहार में जो कवायद (SIR) हो रही है, वह यहां भी होनी चाहिए।
सुवेंदु अधिकारी का दावा वोटर लिस्ट में है लाखों रोहिंग्या
सुवेंदु अधिकारी भाजपा विधायकों के साथ राज्य विधानसभा से मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय तक मार्च निकाला। उन्होंने सीईओ मनोज कुमार अग्रवाल से घर-घर जाकर सर्वेक्षण करने का आग्रह किया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची रोहिंग्या घुसपैठियों से मुक्त हो। अधिकारी ने संवाददाताओं से कहा कि पश्चिम बंगाल में लगभग हर जगह रोहिंग्या मुसलमान हैं। हमने सीईओ से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि मतदाता सूची किसी भी रोहिंग्या घुसपैठिए से मुक्त हो। अगर बिहार में रोहिंग्याओं को मतदाता सूची से हटाया गया है, तो बंगाल में भी ऐसा ही किया जाना चाहिए।
50 प्रतिशत केंद्र के कर्मचारी तैनात करने की मांग
सुवेंदु अधिकारी ने दावा किया कि लाखों रोहिंग्या मुसलमानों के नाम यहां की मतदाता सूची में हैं, उन्हें हटाया जाना चाहिए। यह बंगालियों या बंगाली भाषा का सवाल नहीं है। यह राष्ट्रीय हित का सवाल है। बंगाल को बचाना है। अधिकारी ने सीईओ से पारदर्शी संचालन सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया और कहा कि सीईओ को राज्य सरकार और केंद्र सरकार के 50 प्रतिशत कर्मचारियों को प्रतिनियुक्ति पर रखने का अनुरोध करना चाहिए।
ममता बनर्जी ने किया विरोध मार्च
वहीं, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को भाजपा नीत केंद्र सरकार पर देश भर में बांग्ला भाषी लोगों को परेशान करने और उनके साथ दुर्व्यवहार करने की नीति पर चलने का आरोप लगाया और चेतावनी दी कि अगर उसने इस तरह की कार्रवाइयों पर तत्काल रोक नहीं लगाई तो उसे गंभीर राजनीतिक परिणाम भुगतने होंगे। बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार राज्यों में अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए “निर्वाचन आयोग को प्रभावित कर रही है।वह भाजपा शासित राज्यों में बांग्ला भाषी लोगों पर कथित अत्याचार के खिलाफ यहां वर्षा के दिन विरोध मार्च निकालने के बाद एक जनसभा को संबोधित कर रही थीं।
तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो बनर्जी ने रैली में आरोप लगाया, ‘‘मैं केंद्र सरकार के उन नोटिसों को चुनौती दूंगी जो बांग्ला भाषी लोगों को परेशान करने और मामूली संदेह पर उन्हें हिरासत में लेने के लिए भाजपा शासित राज्यों को गुप्त रूप से भेजे गए थे। यह रैली मध्य कोलकाता के डोरीना क्रॉसिंग पर समाप्त हुई।
(इनपुट- एएनआई और पीटीआई इनपुट के साथ)