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Sudan के तेल क्षेत्र पर सेना के ड्रोन ने किया बड़ा हमला, दर्जनों लोगों की मौत

 Published : Dec 10, 2025 04:50 pm IST,  Updated : Dec 10, 2025 04:59 pm IST

सूडान के तेल क्षेत्र पर कई बड़े ड्रोन हमले हुए हैं। इस हमले में कम से कम 1 दर्जन लोगों की मौत हो गई। इससे हाहाकार मच गया है।

सूडाने के तेल क्षेत्र पर हमले के बाद उठता काला धुआं (फाइल फोटो)- India TV Hindi
सूडाने के तेल क्षेत्र पर हमले के बाद उठता काला धुआं (फाइल फोटो) Image Source : AP

जुबा (दक्षिण सूडान): सूडानी सशस्त्र बलों (SAF) द्वारा मंगलवार शाम को सूडान के सबसे बड़े तेल प्रसंस्करण केंद्र हेग्लिग के पास बड़ा ड्रोन हमला किया गया है। इस ड्रोन हमले में दर्जनों लोग मारे गए। यह जानकारी अर्धसैनिक बल रैपिड सपोर्ट फो फोर्सेज (RSF) ने दी। बता दें कि 2023 से सूडानी सेना से लड़ रही RSF ने कहा कि दक्षिण सूडान की सीमा से सटे इस तेल क्षेत्र पर हमला तब हुआ जब RSF ने एक दिन पहले ही इस सुविधा पर कबेजा कब्जा कर लिया था। दोनों पक्षों ने एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि मारे गए और घायल लोगों की सटीक संख्या की तुरंत पुष्टि नहीं हो सकी।

आरएसएफ के दर्जनों लड़ाकों की मौत का दावा

स्थानीय समाचार माध्यमों के अनुसार इस ड्रोन हमले में सात जनजातीय नेता और RSF के “दर्जनों” लड़ाके मारे गए। RSF के अनुसार तुर्की निर्मित अकिन्जी ड्रोन से किए गए इस हमले में दक्षिण सूडानी सैनिक भी मारे गए। RSF ने इस हमले की निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया। दो सूडानी सैन्य अधिकारियों ने ड्रोन हमले की पुष्टि की और कहा कि इसका निशाना RSF लड़ाके थे। दक्षिण सूडान के यूनिटी राज्य की सरकार ने पुष्टि की कि तीन दक्षिण सूडानी सैनिक मारे गए।

हमले का प्रत्यक्षदर्शी एक दक्षिण सूडानी सैनिक (जिसने गुमनाम रहने की शर्त पर बात की) ने अनुमान लगाया कि करीब 25 लोग मारे गए।


आरएएसएफ ने एक दिन पहले किया छथा हेग्लिग पर कब्जा

दक्षिण सूडानी कमांडर जॉनसन ओलोनी ने बयान में कहा कि हेग्लिग पर कब्जे के बाद उसे सुरक्षित करने के लिए हो सकता है कि दक्षिण सूडानी सेना भेजी गई हो। दक्षिण सूडान की सेना के प्रवक्ता ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया ।दक्षिण सूडान अपने तेल निर्यात के लिए पूरी तरह सूडानी पाइपलाइनों पर निर्भर है और इस संघर्ष के कारण उसका तेल उत्पादन बार-बार बाधित हुआ है, जिससे उसकी आर्थिक संकट और गहरा गया है। सोमवार को सूडानी सैनिकों और तेल कर्मचारियों ने हेग्लिग खाली करना शुरू कर दिया था और RSF ने बिना किसी प्रतिरोध के इस सुविधा पर कब्जा कर लिया।

 

3900 सूडानी सैनिकों ने डाले हथियार

यूनिटी राज्य के सूचना मंत्रालय ने दावा कियाकि मंगलवार तक करीब 3,900 सूडानी सैनिकों ने रूबकोना काउंटी में दाखिल होकर दक्षिण सूडानी बलों के सामने हथियार डाल दिए। दक्षिण सूडान के सरकारी टीवी पर दिखाए गए वीडियो में टैंक, बख्तरबंद वाहन और तोपें उन हथियारों में शामिल थे जो सौंपे गए। दक्षिण सूडान सरकार ने कहा कि रविवार से हजारों सूडानी नागरिक सीमा पार करके दक्षिण सूडान में आ रहे हैं और बुधवार को भी आ रहे थे; सटीक संख्या अभी पता नहीं चली है।
दक्षिण सूडान जोर देता है कि वह इस संघर्ष में तटस्थ है, भले ही उस पर RSF का पक्ष लेने के आरोप लग रहे हों।


अब तक 2 साल में 1.5 लाख मौतें

हेग्लिग पर कब्जा RSF की लगातार क्षेत्रीय जीतों में सबसे नया है। इससे पहले अक्टूबर में उत्तरी दारफुर की राजधानी अल-फाशिर (दारफुर में सूडानी सेना का आखिरी गढ़) भी उसके हाथ आ गया था। अप्रैल 2023 में शुरू हुए इस युद्ध में अनुमानतः 1,50,000 लोग मारे जा चुके हैं, लाखों विस्थापित हुए हैं और कई क्षेत्रों में अकाल की स्थिति पैदा हो गई है। दोनों पक्षों पर अत्याचार के गंभीर आरोप हैं।विश्लेषकों के अनुसार, महत्वपूर्ण सरकारी संपत्ति हेग्लिग पर कब्जा RSF के लिए वार्ता में बड़ा दबाव बनाने वाला हथियार हो सकता है। लेकिन तेल वित्त की अपारदर्शी व्यवस्था के कारण यह पता लगाना मुश्किल है कि अल्पकाल में SAF, RSF या दक्षिण सूडान की अर्थव्यवस्था पर कितना असर पड़ेगा। (एपी)

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