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ऑस्ट्रेलिया में रहस्यमयी तरीके से मर गईं 14 स्पर्म व्हेल, करोड़ों में बिकती है इनकी उल्टी

Edited By: Sushmit Sinha @sushmitsinha_ Published : Sep 21, 2022 07:22 pm IST, Updated : Sep 21, 2022 07:22 pm IST

ऑस्ट्रेलिया के तस्मानिया में रहस्यमयी तरीके से एक साथ 14 दुर्लभ प्रजाति की स्पर्म व्हेल मछलियां मर गईं। यहां के किंग आइलैंड पर जब सुबह लोग समुद्र के किनारे टहलने आए तो उन्होंने देखा कि एक साथ कई मछलियां किनारे पर मरी पड़ी हैं। हालांकि, अभी तक इनकी मौत की वजह लोगों को पता नहीं चल पाई है।

sperm whales mysteriously died in Australia- India TV Hindi
Image Source : FILE PHOTO sperm whales mysteriously died in Australia

Highlights

  • ऑस्ट्रेलिया में रहस्यमयी तरीके से मर गईं 14 स्पर्म व्हेल
  • करोड़ों में बिकती है इनकी उल्टी
  • मौत के कारणों का नहीं चला पता

ऑस्ट्रेलिया के तस्मानिया में रहस्यमयी तरीके से एक साथ 14 दुर्लभ प्रजाति की स्पर्म व्हेल मछलियां मर गईं। यहां के किंग आइलैंड पर जब सुबह लोग समुद्र के किनारे टहलने आए तो उन्होंने देखा कि एक साथ कई मछलियां किनारे पर मरी पड़ी हैं। हालांकि, अभी तक इनकी मौत की वजह लोगों को पता नहीं चल पाई है। लेकिन वैज्ञानिक लगे हुए हैं कि किसी भी तरह से इन मछलियों के मौत का कारण पता कर सकें। अंदेशा है कि जिस तरह से इन मछलियों की मौत हुई है आगे  भी हो सकती है। इसलिए वैज्ञानिक अब हर पहलू पर अपनी नजर बनाए हुए हैं। 

क्या कहते हैं जानकार

अभी तक इन मछलियों की मौत का स्पष्ट कारण तो नहीं पता चला है, लेकिन विदेशी मीडिया में छपी खबरों के मुताबिक वहां के जीव विज्ञानी बताते हैं कि इसके पीछे एक मुख्य कारण हो सकता है स्पर्म व्हेल का किनारे पर आकर उथले पानी में फंस जाना। जीव विज्ञानी मानते हैं कि ये बड़ी मछलियां शिकार के लिए किनारे की ओर आई होंगी, लेकिन पानी उतरने के बाद वह किनारे के उथले पानी में फंस गईं, जिसके बाद उनकी मौत हो गई।

स्पर्म व्हेल की उल्टी

स्पर्म व्हेल एक दुर्लभ प्रजाति की मछली है। इसके शरीर का हर हिस्सा ब्लैक मार्केट में ऊंचे दामों में बिकता है। यही वजह है कि दुनिया भर में अवैध तरीके से इन व्हेल मछलियों का शिकार हो रहा है। इस समय पूरी दुनिया में इन मछलियों की तादाद करीब तीन लाख है। इन व्हेल मछलियों के शरीर के अंग का एक-एक हिस्सा तो बिकता ही है, लेकिन इनकी उल्टी की कीमत भी लाखों-करोड़ों में होती है।

उल्टी इतनी महंगी क्यों?

एम्बरग्रीस को फ्लोटिंग गोल्ड या तैरता हुआ सोना भी कहा जाता है। स्पर्म व्हेल की उल्टी करोड़ों में बिकती है इसके आगे सोना और हीरा भी सस्ते पड़ जाते हैं। एम्बरग्रीस स्पर्म व्हेल की आंतों से निकलने वाला एक पदार्थ है, जो मोम की तरह होता है। जल-जीवो के विशेषज्ञ इसे व्हेल मछली का मल बताते हैं। विशेषज्ञ बताते हैं कि समुद्र में कई प्रकार के ऐसे वस्तुएं हैं जो व्हेल निगल तो लेता है लेकिन पचा नहीं पाता है जिसके कारण वो कुछ ऐसे पदार्थों को उगल देता है। इनमे व्हेल की उल्टी भी शामिल होता है। यह स्लेटी रंग का होता है। इसके मल से कॉस्मेटिक क्रीम बनाए जाते हैं जो कि काफी महंगे बिकते हैं।

इसके मल को दवाई बनाने वाली कंपनियां भी अधिक मात्रा में खरीदती है। इसके अलावा महंगे इत्र बनाने वाली कंपनियां भी मल का प्रयोग अपने प्रोडक्टों में करती है। पुराने समय से व्हेल की उल्टीओं का डिमांड रहा है। सेक्स विशेषज्ञ बताते हैं कि सबसे अधिक सेक्स से संबंधित दवाइयां बनाने में इसका प्रयोग किया जाता है। यह दुर्लभ और महंगी चीज है। जिसके लिए करोड़ों रुपया लोग देने के लिए तैयार होते हैं।

कितनी है इसकी कीमत 

अगर इसकी कीमत की बात करें तो इंटरनेशनल मार्केट में 2 किलो एम्बरग्रीस का दाम 2 करोड़ होता है। जिन आरोपियों के पास से एम्बरग्रीस को जब्त किया गया, उनके पास 4 किलो 120 ग्राम था। एम्बरग्रीस फ्रांसीसी वर्ड है। आमतौर पर एम्बरग्रीस मरी हुई स्पर्म व्हेल के पेट से निकाला जाता है।

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