Sunday, March 01, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. विदेश
  3. एशिया
  4. स्वेज नहर में फंसा विशालकाय जहाज, हर घंटे हो रहा है 2800 करोड़ रुपये का नुकसान

स्वेज नहर में फंसा विशालकाय जहाज, हर घंटे हो रहा है 2800 करोड़ रुपये का नुकसान

Edited by: IndiaTV Hindi Desk Published : Mar 25, 2021 12:21 pm IST, Updated : Mar 25, 2021 12:21 pm IST

मिस्र की स्वेज नहर में मंगलवार को एक विशालकाय कार्गो कंटेनर शिप के फंसने के चलते भीषण जाम हो गया है।

Suez Canal Blocked, Suez Canal, Suez Canal Jam, Suez Canal Traffic Jam, Suez Canal Container Ship- India TV Hindi
Image Source : AP मिस्र की स्वेज नहर में मंगलवार को एक विशालकाय कार्गो कंटेनर शिप के फंसने के चलते भीषण जाम हो गया है।

दुबई: मिस्र की स्वेज नहर में मंगलवार को एक विशालकाय कार्गो कंटेनर शिप के फंसने के चलते भीषण जाम हो गया है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि इस शिप को जल्द से जल्द बाहर नहीं निकाला गया तो इस नहर के रास्ते होने वाली वैश्विक आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। बता दें कि भूमध्य सागर को लाल सागर से जोड़ने वाली स्वेज नहर के जरिए एशिया से यूरोप जाने में जहाजों को आसानी होती है और उन्हें पूरे अफ्रीकी महाद्वीप का चक्कर नहीं लगाना पड़ता है। इस शिप के फंसने से हर घंटे सैकड़ों करोड़ रुपये की आर्थिक क्षति भी हो रही है।

जहाज पर लगा है पनामा का झंडा

बता दें कि एमवी गिवन नाम के इस जहाज पर अमेरिकी देश पनामा का झंडा लगा है। यह कंटेनर शिप एशिया और यूरोप के बीच व्यापार करता है। इसके नहर में फंसने की वजह से दुनिया में कई जरूरी वस्तुओं की कीमतों में उछाल आ सकता है जिसमें पेट्रोलियम भी शामिल है। इस कंटेनर शिप की विशालता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह करीब 400 मीटर लंबा है और इसका वजह 2 लाख मीट्रिक टन है। इसको निकालने के काम में जो एक्सकैवेटर लगाया गया है, वह इस शिप के सामने खिलौने जैसा नजर आ रहा है। इस जहाज का संचालन एवरग्रीन मरीन कॉ‌र्प्स नामक ताइवान की एक शिपिंग कंपनी करती है।

Suez Canal Blocked, Suez Canal, Suez Canal Jam, Suez Canal Traffic Jam, Suez Canal Container Ship
Image Source : APयदि इस शिप को जल्द से जल्द बाहर नहीं निकाला गया तो इस नहर के रास्ते होने वाली वैश्विक आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।

हर घंटे लग रही है 40 करोड़ डॉलर की चपत
जहाज के नहर में फंसने के चलते हर घंटे करीब 40 करोड़ डॉलर (लगभग 2800 करोड़ रुपये) की चपत लग रही है। बता दें कि दुनिया में जितना व्यापार होता है, उसका 12 प्रतिशत इसी नहर के जरिए किया जाता है। 1869 में बनी यह नहर 193 किलोमीटर लंबी है और कुछ जगहों पर सिर्फ 205 मीटर तक चौड़ी है। ऐसे में इस विशालकाय शिप के फंसने के बाद बाकी जहाजों का आवागमन लगभग नामुमकिन हो गया है। बुधवार को लगभग 185 कंटेनर शिप नहर के रास्ते से निकलने के लिए इंतजार कर रहे हैं और ऐसे में इस इलाके में एक तरह से जहाजों का ट्रैफिक जाम हो गया है।


तेज हवाओं ने बिगाड़ा पूरा खेल
बता दें कि मंगलवार को इस इलाके में काफी तेज हवाएं चली थीं, जिससे नहर के आसपास काफी रेत उड़ रही थी। माना जा रहा है कि विजिबिलिटी कम होने के चलते यह जहाज स्वेज नहर के किनारे रेतीले हिस्से में जाकर फंस गया। इससे लगभग पूरी नहर ही ब्लॉक हो गई। इस जहाज को निकालने की कोशिशें तेज हो गई हैं लेकिन फिलहाल यह अपनी जगह से टस से मस नहीं हुआ है। फिलहाल इस विशालकाय कंटेनर शिप पर लदे सामान में से काफी चीजों को उतारने की कोशिश की जा रही है ताकि यह थोड़ा हलका हो जाए। हालांकि यदि इसे जल्द से जल्द नहर से नहीं निकाला गया तो वैश्विक आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हो सकती है।

Latest World News

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Asia से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश

Advertisement
Advertisement
Advertisement