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बीजिंग ने खारिज की LAC पर पेंटागन की रिपोर्ट, कहा-'रणनीतिक और दीर्घकालिक परिप्रेक्ष्य'में हैं चीन-भारत के संबंध

Written By: Dharmendra Kumar Mishra @dharmendramedia
Published : Dec 26, 2025 12:33 pm IST, Updated : Dec 26, 2025 12:33 pm IST

वास्तविक नियंत्रण रेखा पर तनाव का चीन द्वारा फायदा उठाने और भारत को अमेरिका के करीब नहीं आने देने वाली पेंटागन की रिपोर्ट को बीजिंग ने खारिज कर दिया है।

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान - India TV Hindi
Image Source : X@SPOXCHN_LINJIAN चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान

बीजिंगः बीजिंग ने भारत-चीन के बीच स्थित वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर जारी पेंटागन की उस रिपोर्ट को खारिज कर दिया है, जिसमें अमेरिका ने सीमा पर तनाव का चीन को फायदा उठाने, भारत से संबंध बहाल करने का दिखावा करने और अमेरिका को भारत के करीब जानबूझकर नहीं आने देने का आरोप लगाया था। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने गुरुवार को नियमित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक रूसी मीडिया रिपोर्टर के सवाल के जवाब में कहा कि वर्तमान में चीन-भारत सीमा पर स्थिति सामान्य रूप से स्थिर है, और दोनों पक्षों के बीच संचार चैनल सुचारू रूप से खुले हुए हैं।

चीन भारत के साथ संबंधों को 'रणनीतिक और दीर्घकालिक परिप्रेक्ष्य' से देखता है

ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार लिन जियान ने कहा कि चीन भारत के साथ संबंधों को 'रणनीतिक और दीर्घकालिक परिप्रेक्ष्य'से देखता है। उन्होंने आगे कहा कि हम संबंधित देशों द्वारा इस पर किसी भी अनावश्यक टिप्पणी का विरोध करते हैं। रिपोर्टर ने पूछा था कि हाल के पेंटागन रिपोर्ट में अमेरिका के उस आरोप से क्या उद्देश्य हासिल करने की कोशिश कर रहा है, जिसमें कहा गया है कि चीन शायद भारत के साथ वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर तनाव कम होने का फायदा उठाकर अमेरिका-भारत संबंधों को गहरा होने से रोकना चाहता है-खासकर इस पृष्ठभूमि में कि चीन-भारत संबंधों में हाल की प्रगति, जैसे तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों देशों के नेताओं की तस्वीर आदि के घटनाक्रमों ने पहले अमेरिकी कांग्रेस में तीखी प्रतिक्रिया पैदा की थी।

पीएम मोदी और जिनपिंग के बीच 2 मुलाकातों के बाद संबंधों में स्थिरता

भारत और चीन के संबंधों में गत वर्ष ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान रियो डी जेनेरियो में पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुई पहली मुलाकात के बाद ही स्थिरता आने लगी थी। इसके बाद इस साल सितंबर-अक्टूबर में चीन के त्येनजिन शहर में हुए एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान भी पीएम मोदी और जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई थी। इस दौरान भारत-चीन के संबंधों में तनाव को दूर करने पर सहमति बनी थी। तब से भारत और चीन के संबंध स्थिर हुए हैं और सीमा पर सैनिकों की संख्या भी दोनों पक्षों की ओर से कम कर दी गई है। 

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