1. Hindi News
  2. विदेश
  3. एशिया
  4. भारत के इस पड़ोसी देश में तख्तापलट के 5 साल बाद हो रहा चुनाव, क्या फिर लौटेगा लोकतंत्र?

भारत के इस पड़ोसी देश में तख्तापलट के 5 साल बाद हो रहा चुनाव, क्या फिर लौटेगा लोकतंत्र?

 Published : Jan 25, 2026 03:02 pm IST,  Updated : Jan 25, 2026 03:02 pm IST

म्यांमार में रविवार को तीसरे और अंतिम चरण का मतदान जारी है। इसके एक हफ्ते बाद नतीजों की उम्मीद है। 2021 में आंग सान सू की के सैन्य तख्तापलट के 5 साल बाद चुनाव हो रहा है।

म्यांमार चुनाव में मतदान करते लोग। (फाइल)- India TV Hindi
म्यांमार चुनाव में मतदान करते लोग। (फाइल) Image Source : AP

यांगून: भारत के पड़ोसी देश म्यांमार में तख्तापलट के 5 साल बाद आम चुनाव जारी है। रविवार को म्यांमार में आम चुनाव के तीसरे और अंतिम चरण के लिए लोगों ने मतदान किया। देश में चुनावी प्रक्रिया लगभग एक महीने से चल रही है और अब तक के परिणामों से साफ हो चुका है कि सैन्य शासक और उनकी समर्थक पार्टी संसद में स्पष्ट बहुमत हासिल कर नई सरकार बनाएंगे। आलोचकों का आरोप है कि ये चुनाव न तो स्वतंत्र हैं और न ही निष्पक्ष है। 

आंग सान सू की का हुआ था तख्तापलट

म्यांमार की सेना ने फरवरी 2021 में आंग सान सू की की निर्वाचित सरकार को सत्ता से हटा दिया था। तब से सेना ही देश का शासन चला रही है। अब सेना इन चुनावों के जरिए अपनी सत्ता को वैधता देने की कोशिश कर रही है। सेना समर्थित यूनियन सॉलिडैरिटी एंड डेवलपमेंट पार्टी (यूएसडीपी) ने पहले दो चरणों में अधिकांश सीटें जीत ली हैं। राष्ट्रीय संसद के ऊपरी और निचले सदनों में 25 प्रतिशत सीटें पहले से ही सेना के लिए आरक्षित हैं, जो सेना और उसके सहयोगियों को विधायिका पर नियंत्रण की गारंटी देता है। 

कौन बन सकता है म्यांमार का अगला शासक

मौजूदा सैन्य शासक वरिष्ठ जनरल मिन आंग ह्लाइंग के समर्थक और विरोधी दोनों का मानना है कि नई संसद का सत्र शुरू होने पर वे ही राष्ट्रपति पद संभालेंगे। रविवार सुबह 6 बजे से छह क्षेत्रों और तीन प्रांतों के कुल 61 कस्बों में मतदान शुरू हुआ। इनमें कई ऐसे इलाके शामिल हैं जहां हाल के महीनों में सशस्त्र संघर्ष और झड़पें हुई हैं। इसी कारण चुनाव तीन चरणों में कराए जा रहे हैं। पहला चरण 28 दिसंबर और दूसरा चरण 11 जनवरी को हुआ था। संसद की सभी सीटों के अंतिम नतीजे इस सप्ताह के अंत तक घोषित होने की संभावना है।

क्या हो सकेगी लोकतंत्र की बहाली

चुनाव परिणाम आने से पहले ही सैन्य शासन पर कई तरह के आरोप लगने लगे हैं। लोगों ने इस चुनाव की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाया है। ऐसे में लोकतंत्र की बहाली की उम्मीद कम ही की जा रही है। म्यांमार में जारी सैन्य शासन और प्रतिरोध समूहों के बीच संघर्ष के बीच ये चुनाव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवादास्पद बने हुए हैं। कई देशों और संगठनों ने इन चुनावों की वैधता पर सवाल उठाए हैं और कहा है कि यह लोकतंत्र की बहाली नहीं, बल्कि सैन्य शासन की निरंतरता है।

यह भी पढ़ें

कीर स्टार्मर के तीखे हमले के बाद बैकफुट पर ट्रंप, अब अमेरिकी राष्ट्रपति ने की ब्रिटिश सैनिकों की तारीफ

नेतन्याहू के पास गाजा से जुड़ा खास संदेश लेकर पहुंचे ट्रंप के दूत, जानें क्या होगा इजरायल का अगला कदम

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Asia से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश