1. Hindi News
  2. विदेश
  3. एशिया
  4. Skill Development में भारत ने दुनिया के कई बड़े देशों को छोड़ा पीछे, अंतरराष्ट्रीय स्टडी में सामने आई बात

Skill Development में भारत ने दुनिया के कई बड़े देशों को छोड़ा पीछे, अंतरराष्ट्रीय स्टडी में सामने आई बात

 Published : Oct 22, 2022 06:03 pm IST,  Updated : Oct 22, 2022 06:17 pm IST

India in Skill Development: कौशल राष्ट्रीय पाठ्यक्रम में कौशल विकास को बढ़ावा देने के मामले में भारत अन्य देशों की तुलना में अग्रणी निकल गया है।युवाओं के लिए नए कौशल की एक विस्तृत श्रृंखला को शामिल करने के मद्देनजर शिक्षा के अपने राष्ट्रीय पाठ्यक्रम का विस्तार करने के मामले में भारत अन्य देशों की तुलना में बहुत आगे है।

Skill Development- India TV Hindi
Skill Development Image Source : INDIA TV

Highlights

  • पीएम मोदी के कौशल विकास योजना की दुनिया में सराहना
  • 20 देशों द्वारा तैयार रिपोर्ट में की गई भारत की तारीफ
  • कौशल विकास बना भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़

India in Skill Development: कौशल राष्ट्रीय पाठ्यक्रम में कौशल विकास को बढ़ावा देने के मामले में भारत अन्य देशों की तुलना में अग्रणी निकल गया है।

युवाओं के लिए नए कौशल की एक विस्तृत श्रृंखला को शामिल करने के मद्देनजर शिक्षा के अपने राष्ट्रीय पाठ्यक्रम का विस्तार करने के मामले में भारत अन्य देशों की तुलना में अब बहुत आगे निकल चुका है। दुनिया भर के 20 देशों के एक नए अध्ययन में यह बात कही गई है। इससे पूरी दुनिया में भारत की साख बढ़ गई है।

‘द इकोनॉमिस्ट ग्रुप’ ने जैकब्स फाउंडेशन द्वारा शामिल किए गए ‘लर्निंग इकोसिस्टम फ्रेमवर्क’ का इस्तेमाल कर यह पाया कि व्यक्तिगत तौर पर सीखने की महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के मामले में भारत सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले देशों में से एक है क्योंकि वहां शिक्षक अपने छात्रों के साथ अधिक समय बिताते हैं। शोध में यह भी पाया गया कि भारत में सर्वेक्षण के दौरान 70 प्रतिशत शिक्षकों ने कहा है कि उनके पास प्रत्येक छात्र के साथ बिताने के लिए पर्याप्त समय है, जबकि अध्ययन किए गए 20 देशों में यह औसतन केवल 50 प्रतिशत है।

सूचना प्रौद्योगिकी और डिजिटल साक्षरता में भी बढ़े कदम
भारत के कदम कौशल विकास के साथ ही साथ डिजिटिल साक्षरता और सूचना प्रौद्योगिकी में भी अब बहुत आगे निकल चुके हैं। जैकब्स फाउंडेशन के सह-मुख्य कार्यकारी अधिकारी फैबियो सेगुरा और सिमोन सोमर ने कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि यह ‘लर्निंग इकोसिस्टम फ्रेमवर्क’ देशों को यह समझने में मदद करेगा कि उनका सीखने का पारिस्थितिकी तंत्र कितना अच्छा प्रदर्शन कर रहा है और इसमें आगे सुधार करने के लिए इसका समर्थन कैसे किया जा सकता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि, ये रूपरेखा लंबी प्रक्रिया में पहला कदम है। हम सरकारों से अधिक डेटा और साक्ष्य एकत्र करने और साझा करने का आह्वान कर रहे हैं कि विभिन्न वातावरण छात्रों के सीखने और स्वास्थ्य संबंधी हितों में किस तरह योगदान देते हैं। तभी हम यह सुनिश्चित कर पाएंगे कि सभी बच्चे अपने सीखने की पूरी क्षमता का एहसास कर सकें और आगे बढ़ सकें।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Asia से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश