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पाक प्रधानमंत्री का भगोड़ा बेटा वतन लौटा, मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज होने के बाद छोड़ा था देश

 Edited By: Pankaj Yadav @ThePankajY
 Published : Dec 11, 2022 05:49 pm IST,  Updated : Dec 11, 2022 05:49 pm IST

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ के भगोड़े बेटे सुलेमान शहबाज़ भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना करने के लिए रविवार तड़के वतन लौट आए। वह करीब चार साल से लंदन में रह रहे थे।

पाक पीएम शहबाज शरीफ और उनका बेटा सुलेमान शहबाज- India TV Hindi
पाक पीएम शहबाज शरीफ और उनका बेटा सुलेमान शहबाज

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ के भगोड़े बेटे सुलेमान शहबाज़ भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना करने के लिए रविवार तड़के वतन लौट आए। वह करीब चार साल से लंदन में रह रहे थे। राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (NAB) ने 2018 के आम चुनाव से पहले उनके और उनके परिवार के खिलाफ मामले दर्ज किए थे, जिसके बाद से सुलेमान लंदन में रह रह थे। वह कुछ दिन तो जांच में शामिल हुए, लेकिन फिर लंदन चले गए। 

पाकिस्तान मुस्लिम लीग (एन)  ने ट्विटर पर शेयर किया वीडियो

इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने कुछ दिन पहले सुलेमान की एक याचिका पर सुनवाई के दौरान संघीय जांच एजेंसी (FIA) और NAB के धन शोधन के मामले में उन्हें गिरफ्तार करने पर रोक लगा दी थी। अदालत ने उन्हें 13 दिसंबर से पहले आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया था। पाकिस्तान मुस्लिम लीग (एन) ने अपने ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट पर सुलेमान के घर लौटने और अपने पिता से मिलने और उन्हें गले लगाने का एक वीडियो साझा किया। सुलेमान ने अपनी वापसी से पहले एक बयान में कहा था कि नई व्यवस्था बनाने में मदद करने के लिए उनके और उनके परिवार के खिलाफ ‘फर्जी’ मामले दर्ज किए जाने के बाद उन्हें अपनी सुरक्षा के लिए पाकिस्तान छोड़ने को मजबूर होना पड़ा था। उन्होंने इन मामलों को राजनीतिक तौर पर प्रताड़ित करने का सबसे बदतर उदाहरण बताया। 

पाक पीएम के दोनों बेटों पर था मुकदमा दर्ज

FIA ने शहबाज शरीफ और उनके बेटों हमजा और सुलेमान के खिलाफ नवंबर 2020 में भ्रष्टाचार निरोधक कानून और धनशोधन रोधी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। सुलेमान के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था। हालांकि, अदालत को सौंपी गई अपनी रिपोर्ट में FIA ने कहा था कि वारंट पर अमल नहीं हो सका, क्योंकि सुलेमान अपने पते पर मौजूद नहीं थे और विदेश चले गए थे। लोअर कोर्ट ने इस साल जुलाई में 16 अरब रुपए के मनी लॉन्ड्रिंग में सुलेमान और एक अन्य संदिग्ध को भगोड़ा अपराधी भी घोषित किया था। 

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