1. Hindi News
  2. विदेश
  3. अमेरिका
  4. Pfizer Moderna Vaccine: कोरोना वैक्सीन के पेटेंट को लेकर मॉडर्ना ने फाइजर पर किया केस, जानें क्या है पूरा मामला

Pfizer Moderna Vaccine: कोरोना वैक्सीन के पेटेंट को लेकर मॉडर्ना ने फाइजर पर किया केस, जानें क्या है पूरा मामला

 Published : Aug 26, 2022 08:13 pm IST,  Updated : Aug 26, 2022 11:58 pm IST

Pfizer Moderna Vaccine: कोविड-19 वैक्सीन बनाने वाली कंपनी मॉडर्ना (Moderna) ने फाइजर (Pfizer) और जर्मन दवा कंपनी बायोएनटेक (BioNTech) पर केस किया है।

Moderna sues Pfizer over the patent for Covid vaccine technique- India TV Hindi
Moderna sues Pfizer over the patent for Covid vaccine technique Image Source : FILE PHOTO

Highlights

  • मॉडर्ना ने फाइजर और बायोएनटेक पर किया मुकदमा
  • कोरोना टीका बनाने में तकनीक की नकल का लगाया आरोप
  • मॉडर्ना-फाइजर की वैक्सीन में उपयोग हुई है mRNA तकनीक

Pfizer Moderna Vaccine: कोविड-19 वैक्सीन बनाने वाली कंपनी मॉडर्ना (Moderna) ने फाइजर (Pfizer) और जर्मन दवा कंपनी बायोएनटेक (BioNTech) पर केस किया है। मॉडर्ना ने इन कंपनियों पर कोरोना का टीका (Covid-19 Vaccine) बनाने के लिए उसकी तकनीक की नकल करने का आरोप लगाया है और उनके खिलाफ मुकदमा दायर किया है। मॉडर्ना ने शुक्रवार को कहा कि फाइजर और बायोएनटेक का टीका कोमिरनटी उन पेटेंट का उल्लंघन करता है जिसके लिए मॉडर्ना ने कई साल पहले उसके एहतियाती टीके स्पाइकवैक्स की तकनीक को संरक्षित करते हुए आवेदन जमा किये थे। 

मॉडर्ना-फाइजर की वैक्सीन में  mRNA तकनीक

कंपनी ने अमेरिका की संघीय अदालत और जर्मनी की एक अदालत में मुकदमा दायर किया है। वहीं फाइजर की एक प्रवक्ता ने इस पर टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि कंपनी को मुकदमे की कॉपी नहीं मिली है। मॉडर्ना और फाइजर के कोरोना वायरस रोधी दो खुराक वाले टीकों में mRNA तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। मॉडर्ना के मुख्य कार्यकारी अधिकारी स्टीफन बांसेल ने एक बयान में कहा कि कंपनी ने इस तकनीक को इजाद किया था और इसके लिए अरबों डॉलर का निवेश किया। कंपनी ने कहा कि उसका मानना है कि प्रतिद्वंद्वी कंपनियों के टीके उन पेटेंट का उल्लंघन करते हैं जिनके लिए मॉडर्ना ने 2010 और 2016 के बीच आवेदन किया था। 

टीके में mRNA तकनीक क्यों है अहम 
मॉडर्ना ने कहा, “यह अभूतपूर्व तकनीक मॉडर्ना के अपने mRNA कोविड -19 वैक्सीन, स्पाइकवैक्स के विकास के लिए बेहद अहम थी। फाइजर और बायोएनटेक ने कॉमिरनेटी बनाने के लिए मॉडर्ना की अनुमति के बिना इस तकनीक की नकल की है।” मॉडर्ना और फाइजर-बायोएनटेक शॉट्स में उपयोग की जाने वाली mRNA तकनीक पारंपरिक टीकों से अलग होती है, जो इम्यून सिस्टम को पहचानने में मदद करती है। साथ ही ये एंटीबॉडी बनाने के लिए वायरस के कमजोर या मृत रूपों को इंजेक्ट करने पर भी मदद करती है।

एक स्टडी में यह बात सामने आई है कि फाइजर और मॉडर्ना की वैक्सीन सालों तक आपको कोरोना वायरस के खिलाफ इम्यूनिटी दे सकती है। स्टडी में कहा गया है कि फाइजर-बायोएनटेक और मॉडर्ना की कोविड-19 वैक्सीन आपको तब तक कोरोना से सुरक्षा प्रदान कर सकती है, जब तक कोरोना वायरस भयानक म्यूटेशन न कर ले। 

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। US से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश