अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को अपने राजनीतिक विरोधियों पर अमेरिकी खुफिया एजेंसी की मूल्यांकन रिपोर्ट लीक करने का आरोप लगाया है। इस लीक हुए रिपोर्ट में कहा गया कि अमेरिकी सैन्य हमलों में ईरानी न्यूक्लियर साइट पूरी तरह नष्ट नहीं हुए हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ (Truth) पर लिखा, 'ईरान में परमाणु स्थलों के लिए परफेक्ट फ्लाइट की जानकारी लीक करने वाले डेमोक्रेट ही हैं। उन पर मुकदमा चलाया जाना चाहिए!'
पिछले हफ्ते अमेरिका ने ईरान के खिलाफ इजरायल के हमले में शामिल होकर फोर्दो, नतांज और इस्फहान में उसके न्यूक्लियर साइट पर हमला किया। इजरायल और अमेरिका ने दावा किया कि ईरान इन न्यूक्लियर साइट का इस्तेमाल गुप्त रूप से परमाणु बम बनाने के लिए कर रहा था।
अमेरिकी बी-2 बमवर्षकों ने दो परमाणु स्थलों पर विशाल जी.बी.यू.-57 बंकर-बस्टर बमों से हमला किया, जबकि एक निर्देशित मिसाइल पनडुब्बी ने तीसरे स्थल पर टॉमहॉक क्रूज मिसाइलों से हमला किया।
तब से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि इन हमलों ने ईरान की न्यूक्लियर साइट की सुविधाओं को पूरी तरह से नष्ट कर दिया है। अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने भी कहा था कि ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाएं नष्ट हो गई हैं।
हालांकि, मीडिया में लीक हुई एक प्रारंभिक अमेरिकी खुफिया आकलन रिपोर्ट के अनुसार , इन हमलों से ईरान के परमाणु कार्यक्रम में केवल कुछ महीनों की देरी ही होगी। हमलों के आकलन से परिचित दो लोगों ने सीएनएन को बताया कि हमले में ईरान के यूरेनियम का भंडार नष्ट नहीं हुआ है।
ट्रंप प्रशासन ने इस बात पर जोर दिया है कि यह अभियान पूरी तरह सफल रहा है। उसने खुफिया आकलन पर रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकारों की आलोचना की, जिससे मिशन पर संदेह पैदा हुआ है।
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