परमाणु ऊर्जा से जुड़े 'SHANTI बिल' को लोकसभा और राज्यसभा दोनों में पारित कर दिया गया है। विपक्ष इस बिल का विरोध कर रहा है तो वहीं, पीएम मोदी ने इस बिल के पास होने को परिवर्तनकारी क्षण करार दिया है।
Shanti Bill को सरकार ने सदन में पेश किया जिसके बाद विपक्ष ने खूब बवाल किया। दरअसल Nuclear Sector में Private Companies की एंट्री वाले इस बिल को लेकर विपक्ष ने देश की सुरक्षा के प्रति चिंता जताई। इस खास रिपोर्ट में देखिए क्या है ये बिल, क्यों देश के लिए है ये खास?
लोकसभा में पेश SHANTI बिल 2025 भारत की न्यूक्लियर नीति में ऐतिहासिक सुधार है। इससे सरकारी एकाधिकार खत्म होगा, निजी कंपनियों की एंट्री संभव होगी, और लायबिलिटी नियम आसान होंगे।
भारत की ऊर्जा नीति में एक ऐतिहासिक मोड़ आ गया है। दशकों तक पूरी तरह सरकारी नियंत्रण में रहे परमाणु ऊर्जा क्षेत्र के दरवाजे अब निजी कंपनियों के लिए भी खुलने जा रहे हैं। केंद्र सरकार ने SHANTI बिल को मंजूरी देकर न्यूक्लियर सेक्टर में बड़े सुधार का संकेत दिया है।
रूस 2030 तक दुनिया की पहली बंद ईंधन चक्र परमाणु ऊर्जा प्रणाली शुरू करेगा। इस प्रणाली से इस्तेमाल हुए ईंधन को कई बार उपयोग में लाया जा सकेगा। इससे यूरेनियम की जरूरत कम और रेडियोधर्मी कचरे की समस्या हल होगी।
अपनी रेडियोधर्मिता के कारण थोरियम परमाणु ऊर्जा उत्पादन में एक संभावित ईधन स्रोत के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है, जो परमाणु रिएक्टरों को शक्ति प्रदान कर सकता है। भारत के पास सबसे बड़ा थोरियम का भंडार है। जानिए क्या है थोरियम?
ताइवान में परमाणु ऊर्जा के बंद पड़े संयंत्र को दोबारा शुरू करने को लेकर जनमत संग्रह कराया जा रहा है। इसके साथ ही उन विपक्षी सांसदों को हटाने के लिए वोटिंग हो रही है, जो चीन के समर्थक माने जाते हैं।
अमेरिका द्वारा ईरान के न्यूक्लियर साइट पर हमला किए जाने के बाद डोनाल्ड ट्रंप विपक्षी नेताओं के सवालों के घेरे पर हैं। ये मुद्दा अब सीनेट तक पहुंच गया है। यहां से ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को चेताया है।
अमेरिका ने ईरान के तीन न्यूक्लियर साइट पर बम गिराए थे। अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया था कि उन्होंने ईरान के तीनों न्यूक्लियर साइट के ठिकानों को पूरी तरह से नष्ट कर दिया है। वहीं, इससे जुड़ी एक रिपोर्ट लीक हुई है।
ईरान और इजरायल के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। शनिवार की देर रात इजरायल ने तेहरान से लगभग 220 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित ईरान के नतांज़ परमाणु स्थल पर जोरदार हमला किया है। जानें अपडेट्स...
न्यूक्लियर एनर्जी के कानूनों में मोदी सरकार बड़ा बदलाव करने पर विचार कर रही है, इस बदलाव से सरकार प्राइवेट सेक्टर को न्यूक्लियर एनर्जी क्षेत्र में लुभाने की कोशिश कर रही है।
एसीएमई सोलर के सीईओ निखिल ढींगरा ने कहा, “हम अपनी नई क्षमताओं को राजस्व और मार्जिन बढ़ाने वाली हाइब्रिड और एफडीआरई (फर्म और डिस्पैचेबल रिन्यूएबल एनर्जी) प्रोजेक्ट्स पर फोकस करने का इरादा रखते हैं, जो हमारी व्यावसायिक रणनीति में एक महत्वपूर्ण धुरी है।”
होमी जहांगीर भाभा और लाल बहादुर शास्त्री की मौत 15 दिन के अंतराल में हुई थी। पत्रकार ग्रेगरी डगलस ने किताब 'कन्वरसेशन विद द क्रो' में दावा किया गया था कि होमी भाभा और शास्त्री की मौत में सीआईए का हाथ था। हालांकि, इसकी विश्वसनीयता पर सवाल उठते रहते हैं।
अमेरिका ने तीन भारतीय परमाणु संस्थाओं पर लगा प्रतिबंध हटा लिया है। ये तीन संस्थान भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC), इंदिरा गांधी परमाणु अनुसंधान केंद्र (IGCAR) और इंडियन रेयर अर्थ (IRE) हैं।
बिहार के गोपाल जिले में संदिग्ध पदार्थ पाए जाने के बाद पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस रेडियो एक्टिव पदार्थ को कैलिफोर्नियम माना जा रहा है। इसकी पुख्ता जांच के लिए मुंबई से भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र से टीम गोपालगंज आई हुई है।
रूस की सरकारी परमाणु ऊर्जा कंपनी रोसाटॉम ने भारत में 6 नए परमाणु ऊर्जा संयंत्र लगाने को तैयार है। ऐसा होने पर भारत परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में पूरी तरह आत्मनिर्भरता हासिल कर लेगा। कंपनी के अनुसार भारत और रूस में इसे लेकर वार्ता चल रही है।
यूक्रेन से चल रहे युद्ध के बीच भारत ने रूस के साथ एक महत्वपूर्ण परमाणु ऊर्जा समझौता करके चीन से लेकर अमेरिका तक को चकरा दिया है। भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मास्को में रूस के उप प्रधानमंत्री मंतुरोव की मौजूदगी में इन समझौतों पर हस्ताक्षर किया। इससे भारत और रूस के बीच प्राचीन संबंधों में अधिक प्रगाढ़ता आएगी।
देश से कार्बन उत्सर्जन का ग्राफ जीरो करने और जलवायु परिवर्तन को रोकने के लिए भारत सबसे ज्यादा गंभीर है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत परमाणु ऊर्जा, हाईड्रोजन ऊर्जा और सौर ऊर्जा का बड़ा केंद्र बनने वाला है। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी भी भारत के लक्ष्य की मुरीद हो गई है।
रूस से युद्ध शुरू होने के बाद से ठप पड़े यूक्रेन के जापोरिज्जिया परमाणु संयंत्र के चलते पूरे यूरोप में ऊर्जा का भारी संकट पैदा हो गया है, लेकिन अब यूरोपवासियों को नए परमाणु रिएक्टर का तोहफा मिल गया है। यह परमाणु संयंत्र फिनलैंड में शुरू हुआ है। दावा किया जा रहा है कि यह यूरोप का सबसे शक्तिशाली परमाणु संयंत्र है।
कोरोना महामारी के बाद रूस और यूक्रेन युद्ध ने दुनिया को खाद्य और ऊर्जा के गहरे संकट में डुबो दिया है। इससे पूरी दुनिया में हाहाकार मचा है। दुनिया के तमाम देश इस समस्या का समाधान खोज पाने में नाकाम साबित हो रहे हैं। विश्व पर मंडराये इस भारी संकट से अमेरिका भी परेशान है। ऐसे वक्त में भारत दुनिया की उम्मीद बन गया है।
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