बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) कुनबे में सीटों के बंटवारे पर आखिरकार मुहर लग गई। नई दिल्ली में चली लंबी मीटिंग के बाद यह तस्वीर साफ हुई कि गठबंधन के तमाम घटक दल कितनी सीटों पर अपना किस्मत आजमाएंगे। बीजेपी के बिहार चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान ने ऐलान किया कि एनडीए के तमाम साथियों ने एक सौहार्दपूर्ण माहौल में आपसी सहमति से सीटों का बंटवारा पूर्ण कर लिया है।
NDA में सीट बंटवारे की सबसे खास बात ये रही कि इस बार गठबंधन में 'बड़े भाई' और 'छोटे भाई' की भूमिका खत्म हो गई है। बीजेपी और जेडीयू दोनों 101-101 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी।
वहीं, चिराग पासवान की पार्टी लोजपा (रामविलास) को 29 सीटें दी गई हैं। इसके अलावा, RLM को 06 और HAM को भी 06 सीटें मिली हैं।
हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) को छह सीटें मिलने पर पार्टी के नेता और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा, "संसद (लोकसभा चुनाव) में हमें सिर्फ एक सीट मिली थी, तो क्या हम नाराज हुए? उसी तरह, अगर हमें सिर्फ 6 सीटें मिली हैं, तो यह हाई कमान का फैसला है। हम इसे स्वीकार करते हैं... हमें जो मिला है, हम उससे संतुष्ट हैं। मुझे कोई शिकायत नहीं है..."
वहीं, सीटों के बंटवारे पर संतोष जताते हुए लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X पर पोस्ट साझा की। उन्होंने कहा कि हम एनडीए परिवार ने सौहार्दपूर्ण माहौल में बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए सीटों का बंटवारा पूरा किया है।
बिहार की 243 सदस्यीय विधानसभा के लिए 6 और 11 नवंबर को दो चरणों में मतदान होगा। मतगणना 14 नवंबर को होगी। 2020 के विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली पार्टी जेडीयू ने 115 सीट पर और भाजपा ने 110 सीट पर चुनाव लड़ा था, जबकि पासवान की पार्टी ने अकेले चुनाव लड़ा था। यह पहली बार है कि जेडीयू किसी विधानसभा चुनाव में बीजेपी से अधिक सीट पर चुनाव नहीं लड़ रही है।
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