पटना: बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में 68.76 प्रतिशत मतदान हुआ है। जबकि इससे पहले 6 नवंबर को हुए पहले चरण के चुनाव में 65.06 प्रतिशत मतदान हुआ था। ऐसे में बिहार विधानसभा चुनाव 66.91 प्रतिशत के ऐतिहासिक उच्च मतदान के साथ संपन्न हुआ है। भारतीय चुनाव आयोग के अनुसार, 1951 के बाद से राज्य में यह अब तक का सबसे अधिक मतदान प्रतिशत है। इसके अलावा तेजस्वी यादव का बयान भी सामने आया है। उन्होंने कहा है कि इस चुनाव में हमें बेहतर फीडबैक मिला है। इस बार बदलाव होने जा रहा है। यहां जानें बिहार चुनाव से जुड़े पल-पल के अपडेट्स..
तेजस्वी यादव के बयान पर JDU नेता केसी त्यागी ने कहा, "तेजस्वी यादव अपनी संभावित पराजय को लेकर चिंतित हैं इसलिए इस तरह के वक्तव्य दे रहे हैं..। उन्होंने आगे कहा, "नीतीश कुमार के पिछले 20 वर्षों के कार्यकाल को जनता ने सराहा है...इस बार महिलाओं ने ज्यादा मतदान किया है..."
बिहार के श्रम संसाधन मंत्री संतोष सिंह ने मतदान के बाद कहा कि इस बार के चुनाव में बिहार की जनता ने यह साबित कर दिया है कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि इस चुनाव में महिलाओं की भागीदारी अद्भुत रही है। नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री जी ने जो विकास के काम किए हैं, वह हर गांव, हर घर तक पहुँचे हैं और यही जनता ने अपने वोट से दिखाया है।
बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार और बिहार मंत्री नितिन नबीन ने कहा ," जनता पर हमें विश्वास है जनता से उम्मीद है। चुनाव हमने जनता के आर्शीवाद से लड़े हैं और जनता का जनादेश उस दिशा में आता है तो निश्चित रूप से बिहार के विकास को नई रफ्तार मिलेगी।"
JDU नेता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा, "उनकी और उनके साथियों(महागठबंधन) की हार पक्की है...खुद राघोपुर सीट से भी तेजस्वी यादव चुनाव हार रहे हैं इसलिए वो मतगणना के बाद जब नतीजे आएंगे, वो उसके लिए जो बहाने ढूंढते रहे हैं, उनको वो फिर क्रमबद्ध तरीके से बताएंगे...मतदाताओं ने हम पर भरोसा इसलिए किया क्योंकि उन्होंने बिहार में काम होते हुए देखा…"
Axis My India के एग्जिट पोल में भी NDA की सरकार बनती दिख रही है। Axis My India के मुताबिक एनडीए को 130 सीटें मिल सकती हैं। जबकि महागठबंधन के खाते में 110 सीटें जाती दिख रही हैं। जनसुराज को एक सीट मिलती दिख रही है।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हनुमान मंदिर जाने के बाद आज पटना हाई कोर्ट स्थित मजार पर चादरपोशी भी की, फिर पटना साहिब स्थित गुरुद्वारा भी गए।
बिहार चुनाव 2025 के एग्जिट पोल पर राजद नेता तेजस्वी यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर भाजपा सांसद राजीव प्रताप रूडी का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा, "48 घंटे इंतजार करते हैं। मुझे लगता है कि वह बेचैन हैं। भारत भर के पत्रकारों ने एक सर्वेक्षण तैयार किया है। बहुमत एनडीए के पक्ष में है।"
मतगणना के पहले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भगवान का आशीर्वाद लिया। नीतीश कुमार पटना जंक्शन स्थित महावीर मंदिर पहुंचे थे। नीतीश कुमार के साथ उनके खास और कैबिनेट मंत्री विजय चौधरी भी मौजूद थे।
तेजस्वी यादव ने कहा कि दो चरण में चुनाव हुआ, महागठबंधन के सभी कार्यकर्ता और जनता को धन्यवाद। हमने फीडबैक लिया है, बेहद पॉजिटिव सूचना मिली है। 95 के चुनाव से भी बेहतर फीडबैक मिला है। इस बार बदलाव होने जा रहा है। 18 को शपथ होगी, हमने पहले भी कहा था, ये होने जा रहा है। लोग कतार में खड़े थे और एग्जिट पोल आ जाता है। जो अधिकारी मतगणना में लगे हुए हैं उन पर दबाव के लिए यह सर्वे लाये गए हैं। मीडिया प्रॉपगेंडा काउंटिंग के दिन के लिए दवाब बना रहे, इसके लिए किया गया है।
बिहार में मतदान प्रतिशत पर डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने कहा, "यह लोकतंत्र में लोगों की आस्था है और पूरे देश के लिए एक मिसाल है। यह चुनाव आयोग पर सवाल उठाने वालों को भी जवाब है कि उन्होंने (विपक्ष ने) जो मुद्दा उठाया था, उसका किसी ने समर्थन नहीं किया। यह दुर्भाग्यपूर्ण है और जब पढ़े-लिखे लोग आतंकवाद का समर्थन करने लगें, तो नए सिरे से सोचने का समय आ गया है। सरकार आतंकवाद, उग्रवाद, अपराध और भ्रष्टाचार पर नज़र रख रही है। विपक्ष को भी अपनी ज़िम्मेदारी समझनी चाहिए और संवेदनशील मुद्दों पर देश के साथ खड़ा होना चाहिए।"
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने एग्जिट पोल पर बयान दिया है। उन्होंने कहा, "लोकतंत्र की जननी बिहार में रहने वाले सभी लोगों का मैं आभार व्यक्त करता हूं कि उन्होंने हमें एक बार फिर प्रधानमंत्री मोदी और नीतीश कुमार की डबल इंजन सरकार द्वारा किए जा रहे विकास की गति को तेज़ करने का अवसर दिया है। जनता ने एनडीए पर भरोसा जताया है, लेकिन बिहार की जनता ने खोखली घोषणाएं करने वाले राजद-कांग्रेस के राजकुमारों को सबक सिखा दिया है। जब परिणाम आएगा तो उन्हें इसे स्वीकार करना ही होगा। वे अभी से चुनाव आयोग, ईवीएम और अधिकारियों को दोष देने के तरीके खोज रहे हैं।"
सबसे कम मतदान 57.85 प्रतिशत नवादा जिले में दर्ज किया गया।
दूसरे चरण में कटिहार जिले में सबसे अधिक 78.82 प्रतिशत मतदान हुआ, इसके बाद किशनगंज जिले में 78.13 प्रतिशत, पूर्णिया में 76.09 प्रतिशत, सुपौल में 72.56 प्रतिशत, पूर्वी चंपारण में 71.30 प्रतिशत और पश्चिम चंपारण में 70.81 प्रतिशत मतदान हुआ।
चुनाव आयोग के आंकड़ों से पता चला है कि महिला मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी रही है, जहां 71.6 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि चुनाव के दोनों चरणों में 62.8 प्रतिशत पुरुष मतदाताओं ने मतदान किया।
भारतीय चुनाव आयोग के अनुसार, 1951 के बाद से राज्य में यह अब तक का सबसे अधिक मतदान प्रतिशत है।
बिहार विधानसभा चुनाव 66.91 प्रतिशत के ऐतिहासिक उच्च मतदान के साथ संपन्न हुआ है।
पहले चरण के चुनाव में 65.06 प्रतिशत मतदान हुआ था
बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में 68.76 प्रतिशत मतदान हुआ है।
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