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मोदी का अधिक जवाबदेह और पारदर्शी कामकाज के संचालन का वादा

 Written By: Agency
 Published : Sep 27, 2015 12:34 pm IST,  Updated : Sep 27, 2015 12:34 pm IST

सिलिकन वैली: आईटी दुनिया के दिग्गजों के समक्ष अपनी महत्वाकांक्षी डिजिटल इंडिया पहल रखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कामकाज के संचालन में अधिक जवाबदेही और पारदर्शिता लाने का आज वादा किया। साथ ही उन्होंने

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मोदी का अधिक जवाबदेह और पारदर्शी कामकाज के संचालन का वादा

सिलिकन वैली: आईटी दुनिया के दिग्गजों के समक्ष अपनी महत्वाकांक्षी डिजिटल इंडिया पहल रखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कामकाज के संचालन में अधिक जवाबदेही और पारदर्शिता लाने का आज वादा किया। साथ ही उन्होंने आईटी क्षेत्र के दिग्गजों को डेटा गोपनीयता व सुरक्षा के प्रति भी आश्वस्त किया। प्रधानमंत्री ने यहां सिलिकन वैली के मुख्य कार्यकारियों को संबोधित करते हुए 500 रेलवे स्टेशनों सहित अनेक सार्वजनिक वाईफाई स्पॉट बनाने और ब्रॉडबैंड को देश के छह लाख गांवों तक पहुंचाने के लिए आक्रामक तरीके से नेशनल ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क के विस्तार की योजना की घोषणा की।

उन्होंने रात्रिभोज पर परिचर्चा के दौरान कहा कि हमारी अर्थव्यवस्था और जीवन अब और अधिक तार से जुड़ रहा है ऐसे में हम डेटा गोपनीयता और सुरक्षा, बौद्धिक संपदा अधिकार और साइबर सुरक्षा को उच्च प्राथमिकता दे रहे हैं। इस अवसर पर एडॉब के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शांतनु नारायण, माइक्रोसाफ्ट के सीईओ सत्य नडेला और क्वॉलकॉम के कार्यकारी चेयरमैन पॉल जैकब्स व गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई भी मौजूद थे।

ई-गवर्नेंस बेहतर तरीके से कामकाज के संचालन दक्ष, आर्थिक और प्रभावी का आधार

मोदी ने कहा कि ई-गवर्नेंस बेहतर तरीके से कामकाज के संचालन दक्ष, आर्थिक और प्रभावी का आधार है। हम गवर्नेंस में बदलाव लाएंगे और इसे अधिक पारदर्शी, जवाबदेह, पहुंच में और भागीदारी वाला बनाएंगे। उन्होंने कहा कि एक अरब सेलफोन के देश में मोबाइल गवर्नेंस में विकास को वास्तव में समावेशी बनाने की क्षमता है। इससे गवर्नेंस सभी की पहुंच में आ जाएगा। मोदी ने कहा कि डिजिटल इंडिया के पीछे सोच यह है कि यह संभवत: लोगों के जीवन में तेजी से बदलाव लाने का सबसे अच्छा माध्यम है। उन्होंने कहा, हम सभी स्कूलों और कॉलेजों को ब्रॉडबैंड से जोड़ेंगे। आई-वेज का निर्माण राजमार्ग के निर्माण की तरह ही महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि हम सार्वजनिक वाईफाई स्पॉट का विस्तार कर रहे हैं। हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि यह सिर्फ एयरपोर्ट लाउंज तक ही सीमित न रहे। गूगल के साथ मिलकर हम छोटे से समय में 500 रेलवे स्टेशनों को इसके दायरे में लाएंगे।उन्होंने कहा कि हम नागरिकों को प्रत्येक कार्यालय में कागजी दस्तावेजों से मुक्ति दिलाना चाहते हैं। उन्होंने कहा, हम दस्तावेजीकरण रहित कामकाज चाहते हैं। हम प्रत्येक नागरिक के लिए डिजिटल लॉकर बनाएंगे जिसमें वे अपने निजी दस्तावेज स्टोर कर सकते हैं और विभिन्न विभागों के साथ उन्हें साझा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि ईबिज पोर्ट से कारोबार के लिए मंजूरियां सुगम हुई हैं।

डिजिटल साक्षरता के लिए डिजिटल विभाजन को पाटने का आह्वान करते हुए मोदी ने कहा कि हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि प्रौद्योगिकी उचित मूल्य पर आसानी से पहुंच में हो और यह मूल्यवर्धन करे। मोदी ने कहा कि अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और इंटरनेट के इस्तेमाल के जरिये 170 ऐसे एप्लिकेशंस की पहचान की गई है जिससे कामकाज के संचालन को बेहतर किया जा सकेगा और विकास की रफ्तार बढ़ाई जा सकेगी। उन्होंने कहा कि आज प्रौद्योगिकी नागरिकों का सशक्तीकरण और लोकतंत्र को आगे बढ़ा रही है जबकि पहले इसकी ताकत संविधान था। प्रौद्योगिकी के जरिये सरकारें भारी मात्रा में डाटा से 24 घंटे नहीं 24 मिनट में निपट पा रही हैं।

गावों को स्मार्ट आर्थिक हब में बदलना लक्ष्य

प्रधानमंत्री ने कहा कि डिजिटल इंडिया के दृष्टिकोण को हासिल करने के लिए सरकार को भी कारपोरेट दुनिया की तरह सोचना शुरू करना होगा। उन्होंने मुख्य कार्यकारियों से कहा, बुनियादी ढांचे के सृजन से लेकर सेवाओं, उत्पादों के विनिर्माण से मानव संसाधन विकास, नागरिकों के लिए सुगमता को सरकार को समर्थन से डिजिटल साक्षरता बढ़ाने, डिजिटल इंडिया आपके लिए एक बड़ा अवसर है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि गांवों और कस्बों में साझा सेवा केंद्र स्थापित किए जाएं और स्मार्ट शहरों के निर्माण के लिए सूचना प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा, हम अपने गांवों को स्मार्ट आर्थिक हब में बदलना चाहते हैं और अपने किसानों को बेहतर तरीके से बाजार से जोड़ना चाहते हैं, जिससे उन पर प्रतिकूल मौसम परिस्थितियों का प्रभाव कम से कम किया जा सके। प्रधानमंत्री ने कहा कि फेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम आज नई दुनिया का पड़ोस है। यदि फेसबुक कोई देश होता है यह आबादी के मामले में तीसरे नंबर पर होता और सबसे अधिक कनेक्टिड होता।

मोदी ने कहा कि प्रौद्योगिकी की वजह से एक दूरदराज के पहाड़ी गांव में कोई मां अपने नवजात बच्चे को बचा पा रही है और बच्चे को दूरदराज के गांव में शिक्षा तक बेहतर पहुंच उपलब्ध करा पा रही है। एक छोटे किसान को बेहतर बाजार मूल्य मिल रहा है। समुद्र में मछुआरे अधिक मछलियां पकड़ पा रहे हैं। सान फ्रांसिस्को में युवा पेशेवर स्काइप के जरिये रोज अपनी बीमार दादी से बात कर पा रहा है।

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