तमिलनाडु के पेरंबलूर में पुलिस गाड़ी पर ही देसी बम से हमला किया गया है। शनिवार को चेन्नई-त्रिची राष्ट्रीय राजमार्ग पर थिरुमंधुराई टोल प्लाजा के पास अज्ञात हमलावरों ने पुलिस की सुरक्षा में चल रहे एक वाहन पर देसी बम फेंके। पुलिस ने कहा कि हमलावरों का मकसद वाहन में सवार एक आपराधिक रिकॉर्ड वाले अपराधी पर हमला करना था। विस्फोट और उसके बाद मची अफरा-तफरी में तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए।
क्रिमिनल पर 9 हत्याओं सहित 30 से अधिक केस
यह हमला मदुरै के कुख्यात आपराधिक इतिहास वाले अपराधी ‘वेल्लाई’ काली को निशाना बनाकर किया गया था, जिस पर नौ हत्याओं सहित 30 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। प्रारंभिक खबरों के अनुसार, जैसे ही पुलिस वैन पेरंबलूर जिले की सीमा के पास पहुंची, दो कारों में सवार एक गिरोह ने वाहन को रोका और कई देसी बम फेंके।
वाहनों पर गोलियां भी चलाईं
हमलावरों का मकसद पुलिस सुरक्षा घेरे को तोड़कर कर अपराधी तक पहुंचना था। पुलिसकर्मियों ने आत्मरक्षा में और कैदी को भगाने या उसकी हत्या को रोकने के लिए कथित तौर पर वाहनों पर गोलियां चलाईं, जिससे हमलावर मौके से भागने पर मजबूर हो गए।
चेन्नई की ओर भाग गए हमलावर
एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने बताया कि हमलावर चेन्नई की ओर भाग गए। घायलों को तत्काल पेरंबलूर सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए ले जाया गया। अधिकारी ने बताया कि पुलिस द्वारा सफलतापूर्वक बचाए जाने के बाद ‘वेल्लाई’ काली को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। इस घटना के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया।
सवालों के घेरे में DMK सरकार
विपक्ष के नेता पलानीस्वामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) सरकार की निंदा की। उन्होंने कहा कि जहां मुख्यमंत्री एमके स्टालिन राज्य विधानसभा में अपनी पीठ थपथपा रहे थे, वहीं राज्य का सुरक्षा तंत्र सड़कों पर चकनाचूर हो गया था। पलानीस्वामी ने आरोप लगाया कि मौजूदा प्रशासन के तहत अपराधी अब पुलिस से नहीं डरते।
कानून-व्यवस्था का उड़ाया जा रहा मजाक
उन्होंने पोस्ट में कहा, 'ऐसी स्थिति बनी हुई है, जहां अपराधों से निपटने वाली पुलिस या इस सरकार का कोई डर नहीं है। कानून-व्यवस्था का मजाक उड़ाया जा रहा है और मुझे नहीं पता कि मुख्यमंत्री स्टालिन जो लापरवाही से प्रशासन चला रहे हैं, इस घटना के लिए किसे दोषी ठहराएंगे।'