नई दिल्लीः दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने गोल्डन लाइन के एक नए हिस्से पर निर्माण शुरू कर दिया है। यह फेज़‑IV की प्राथमिक कॉरिडोरों के बाद का पहला नया खंड है, जहां कार्य की शुरुआत की गई है। भूमि पूजन साकेत के पास पुष्पा भवन के पास किया गया। इस कार्यक्रम में मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. विकास कुमार सहित DMRC के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
दिल्ली मेट्रो 'गोल्डन लाइन' में होंगे 8 स्टेशन
लाजपत नगर से साकेत जी ब्लॉक तक का नया कॉरिडोर पूरी तरह से एलिवेटेड लाइन होगी जिसमें आठ स्टेशन होंगे। कोई भी मेट्रो स्टेशन भूमिगत नहीं होगा।
- लाजपत नगर
- एंड्रयूज गंज
- GK-1
- चिराग दिल्ली
- पुष्पा भवन
- साकेत डिस्ट्रिक्ट सेंटर
- पुष्प विहार
- साकेत जी ब्लॉक
इन इलाकों में रहने वालों को होगा फायदा
यह रूट ग्रेटर कैलाश-1, साकेत और पुष्प विहार जैसे घनी आबादी वाले रिहायशी इलाकों को जोड़ेगा और कई स्कूलों और सरकारी दफ्तरों तक आसान पहुंच प्रदान करेगा। एक बार कॉरिडोर चालू हो जाने के बाद इस क्षेत्र में लाखों यात्रियों के लिए रोज़ाना यात्रा तेज़ और ज़्यादा सुविधाजनक होने की उम्मीद है।
3 इंटरचेंज के ज़रिए कनेक्टिविटी
यह नई लाइन तीन प्रमुख मौजूदा मेट्रो कॉरिडोर से जुड़ेगी। यह कॉरिडोर मौजूदा मैजेंटा लाइन से चिराग दिल्ली पर और वायलेट और पिंक लाइनों से लाजपत नगर पर सहज रूप से जुड़ जाएगा। इन लिंक के साथ, लाजपत नगर दक्षिण दिल्ली का एक प्रमुख इंटरचेंज हब के रूप में उभरेगा और एक ट्रिपल इंटरचेंज स्टेशन बनेगा, जो यात्रियों को राजधानी के मेट्रो नेटवर्क में बेहतर कनेक्टिविटी और यात्रा की सुविधा प्रदान करेगा।
इस कॉरिडोर पर हर कोच को लगभग 300 यात्रियों को बैठाने के लिए डिज़ाइन किया जाएगा, जिसमें बैठने और खड़े होने दोनों की क्षमता शामिल है। कुल क्षमता प्रति यात्रा लगभग 900 यात्रियों तक पहुंच जाएगी।
लाखों लोगों को मिलेगा फायदा
बता दें कि गोल्डन लाइन कॉरिडोर दक्षिण दिल्ली में एक महत्वपूर्ण कड़ी है, जिसे कनेक्टिविटी बढ़ाने और मौजूदा मेट्रो लाइनों के साथ सहज एकीकरण प्रदान करने के उद्देश्य से तैयार किया जा रहा है। प्रथम टेस्ट पाइल इस नए मेट्रो कॉरिडोर के लिए प्रमुख सिविल कार्यों की शुरुआत का प्रतीक है। यह कॉरिडोर न केवल लाखों यात्रियों की यात्रा को आसान बनाएगा बल्कि शहर के सतत परिवहन ढांचे को भी सुदृढ़ करेगा।