1. Hindi News
  2. दिल्ली
  3. भगवा जेएनयू ! दिल्ली पुलिस ने JNU कैंपस के बाहर से पोस्टर और झंडे हटवाए

भगवा जेएनयू ! दिल्ली पुलिस ने JNU कैंपस के बाहर से पोस्टर और झंडे हटवाए

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Apr 15, 2022 09:14 am IST,  Updated : Apr 15, 2022 10:24 am IST

कैंपस के बाहर भगवा झंडे लहराने के बाद यह सवाल उठने लगे हैं कि कहीं ये जेएनयू के भगवाकरण की कोशिश तो नहीं हो रही है?

saffron flags outside JNU campus- India TV Hindi
saffron flags outside JNU campus Image Source : INDIA TV

Highlights

  • जेएनयू कैंपस के बाहर भगवा झंडे और पोस्टर लगाए गए
  • पोस्टर में भगवा जेएनयू और हिंदू सेना लिखा है

नयी दिल्ली: देश का प्रतिष्ठित जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) अक्सर विवादों के कारण सुर्खियों में रहता है। हाल में नॉनवेज को लेकर हुए बवाल के बाद अब हिंदू सेना के कार्यकर्ता ने जेएनयू के बाहर भगवा झंडे लगा दिए। बताया जा रहा है कि हिंदू सेना के नेता सुरजीत यादव ने कैंपस के बाहर ये झंडे लगवाए हैं। वहीं कैंपस के बाहर भगवा झंडे लहराने के बाद फिर यह सवाल उठने लगे हैं कि कहीं ये जेएनयू के भगवाकरण की कोशिश तो नहीं हो रही है? इस कोशिश के तहत ऐसे विवादों का सिलसिला आगे भी जारी रह सकता है? हालांकि मामला मीडिया में आते ही दिल्ली पुलिस ने तुरंत भगवा झंडे, बैनर और होर्डिंग्स को हटवा दिया ।

दरअसल, मुनिरका फ्लाई ओवर के नीचे से जेएनयू कैम्पस तक छोटे-छोटे होर्डिंग्स लगाए गए जिनमें ऊपर  'भगवा JNU' और नीचे हिंदू सेना लिखा है। यूनिवर्सिटी कैम्पस के मेन गेट को छोड़कर चारों तरफ भगवा पताका बांध दिया गया  । कैम्पस के बाहर रात में ऑटो खड़े रहते है उन सभी ऑटो में भगवा पताका बांधा गया। चूंकि होर्डिंग्स पर हिंदू सेना लिखा था इसलिए यह माना जा रहा है कि हिन्दू सेना की तरफ से जेएनयू भगवा करने की कोशिश की गई है । ऑटो ड्राइवर्स का कहना है कि सुबह में कुछ लोग उनके ऑटो में भगवा पताका बांधा है । जब सुबह घर से आए तो बंधा हुआ मिला । 

हाल ही में जेएनयू के कावेरी छात्रावास में वामपंथी छात्र संगठन और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से संबद्ध दो समूहों के बीच ‘मेस’ में रामनवमी पर कथित तौर पर मांसाहारी भोजन परोसे जाने को लेकर झड़प हो गई थी। इस झड़प में 20 स्टूडेंट घायल हो गये थे। दोनों पक्षों की ओर से मिली शिकायत के बाद पुलिस ने इस मामले में अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की थी। 

विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने दावा किया कि संघर्ष उस समय शुरू हो गया जब कुछ छात्रों ने ‘हवन’ का विरोध किया । ऐसा ही आरोप आरएसएस से संबद्ध एबीवीपी ने लगाया था। वहीं, जेएनयू प्रशासन ने परिसर में किसी भी तरह की हिंसा में लिप्त पाये जाने पर छात्रों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी थी। इस घटना के बाद जेएनयू के सैकड़ों स्टूडेंट्स ने  दिल्ली पुलिस मुख्यालय और तुगलक रोड थाने पर विरोध-प्रदर्शन किया था।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। दिल्ली से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।