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JEE परीक्षा के लिए ऑड-ईवन फॉर्मूला, एक कक्षा में केवल 12 छात्र

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Aug 27, 2020 10:32 am IST,  Updated : Aug 27, 2020 10:32 am IST

जेईई परीक्षा के लिए ऑड-ईवन फॉर्मूला तय किया गया है। इस फॉर्मूले के तहत परीक्षा केंद्रों में आने वाले छात्रों को दो पालियों में कंप्यूटर आवंटित किए जाएंगे। इसके साथ ही जेईई और नीट परीक्षाओं के दौरान एक परीक्षा कक्ष में अधिकतम 12 छात्र ही बैठ सकेंगे

Odd even formula for JEE exam, only 12 students in one class- India TV Hindi
Odd even formula for JEE exam, only 12 students in one class Image Source : PTI

नयी दिल्ली। जेईई परीक्षा के लिए ऑड-ईवन फॉर्मूला तय किया गया है। इस फॉर्मूले के तहत परीक्षा केंद्रों में आने वाले छात्रों को दो पालियों में कंप्यूटर आवंटित किए जाएंगे। इसके साथ ही जेईई और नीट परीक्षाओं के दौरान एक परीक्षा कक्ष में अधिकतम 12 छात्र ही बैठ सकेंगे। बुधवार को नीट परीक्षा के एडमिट कार्ड भी जारी कर दिए गए। केवल कुछ ही घंटों में साढ़े पांच लाख से अधिक छात्रों ने ऑनलाइन एडमिट कार्ड डाउनलोड किए।

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी एनटीए के महानिदेशक विनीत जोशी ने कहा, "जेईई परीक्षा कंप्यूटर पर होती है। यहां दो कंप्यूटर के बीच 1 मीटर की दूरी है, लेकिन इसके बाद भी हमने ऑड-ईवन की व्यवस्था की है। दो शिफ्ट में परीक्षा होगी। सुबह की शिफ्ट में ऑड नंबर वाले छात्र और शाम की शिफ्ट में ईवन नंबर वाले छात्र कंप्यूटर पर बैठकर परीक्षा देंगे।"

जोशी ने कहा, "जिन छात्रों को विश्वास नहीं हो पा रहा है, उन बच्चों को मैं आश्वस्त करना चाहता हूं कि परीक्षा के दौरान पूरी सावधानी बरती जाएगी। बचाव का पूरा ध्यान रखा जाएगा। निर्णय हुआ है कि एक कक्ष में 12 से अधिक छात्र नहीं होंगे। इसके लिए परीक्षा केंद्रों को बढ़ाया गया है। हालांकि किसी बड़े सेंटर को बहुत बड़ा भी नहीं कर सकते, क्योंकि भीड़ को इकट्ठा होने से भी रोकना है।"

एनटीए महानिदेशक ने कहा, " परीक्षा से पहले और परीक्षा के बाद केंद्र को सैनिटाइज किया जाएगा। केंद्र के फर्श, दीवारों, फर्नीचर, लिफ्ट, सीढ़ियां और रैम सभी को पूरी तरह से सैनिटाइज करने की व्यवस्था की गई है।"नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने ये सुनिश्चित किया कि 99 प्रतिशत से अधिक उम्मीदवारों को उनकी पसंद के परीक्षा केंद्र मिले। इन परीक्षाओं के लिए छात्रों को उनकी पसंद एवं घरों के नजदीक परीक्षा केंद्र चुनने का विकल्प दिया गया था।

छात्रों को वरीयता क्रम के हिसाब से परीक्षा केंद्रों के विकल्प को चुनना था। एनटीए के मुताबिक 99 फीसदी छात्रों को उनकी पहली पसंद के आधार पर परीक्षा केंद्र आवंटित किए गए हैं। विनीत जोशी ने परीक्षाओं के विषय में जानकारी देते हुए कहा, "जेईई परीक्षा के लिए परीक्षा केंद्रों की संख्या भी 570 से बढ़ाकर 660 कर दी गई है। वहीं नीट के लिए परीक्षा केंद्रों की संख्या 2546 से बढ़ाकर 3843 की गई है।"

जेईई (मेन) की परीक्षा 1 से 6 सितंबर के बीच होंगी। नीट की परीक्षा 13 सितंबर को होगी। जेईई एडवांस की परीक्षा 27 सितंबर को होगी। पहले जेईई की परीक्षा 18 जुलाई से 23 जुलाई के बीच और नीट की परीक्षा 26 जुलाई को होनी थी। नीट और जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में 27 लाख से अधिक छात्रों को अपनी पसंद का परीक्षा केंद्र चुनने का अवसर दिया गया है। इससे कोरोना संक्रमण के इस दौर में कई छात्रों को प्रवेश परीक्षाएं देने के लिए दूसरे शहरों में नहीं जाना पड़ेगा।

वहीं कई छात्र संगठनों ने इन परीक्षाओं का विरोध किया है। छात्र संगठनों के अलावा दिल्ली सरकार और पश्चिम बंगाल समेत कई अन्य राज्य इन परीक्षाओं को स्थगित करने की मांग कर रहे हैं।

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