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UGC फैकल्टी नियुक्ति में आरक्षण पर बोले शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, विवाद के बीच स्पष्ट किया मामला

 Edited By: Amar Deep
 Published : Jan 29, 2024 07:03 am IST,  Updated : Jan 29, 2024 07:03 am IST

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने यूजीसी फैकल्टी की नियुक्ति मामले में कहा है कि किसी भी पद को अनारक्षित नहीं किया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि ऐसा करने का अधिकार किसी के पास नहीं है।

UGC फैकल्टी नियुक्ति में आरक्षण को लेकर उठे पर बोले शिक्षा मंत्री।- India TV Hindi
UGC फैकल्टी नियुक्ति में आरक्षण को लेकर उठे पर बोले शिक्षा मंत्री। Image Source : PTI

नई दिल्ली: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने यूजीसी के दिशा-निर्देशों को लेकर जवाब दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा है कि एक भी आरक्षित पद को अनारक्षित नहीं किया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि 2019 का एक्ट बनने के बाद एक भी पोस्ट फैकल्टी नियुक्ति में अनारक्षित करने की कोई गुंजाइश नहीं बचती है। आज शिक्षा मंत्रालय ने इसकी स्पष्टता दी है। 2019 के एक्ट के बाद फैकल्टी नियुक्ति में रोस्टर के साथ छेड़छाड़ करने और उसे अनारक्षित करने का अधिकार किसी के पास नहीं है। संसद से पारित विधेयक सर्वोपरि रहेगा।

आरक्षण में अस्पष्टता की कोई गुंजाइश नहीं

दरअसल, उच्च शिक्षा संस्थानों में आरक्षित पदों को भरने पर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के मसौदा दिशा-निर्देशों पर विवाद के बीच, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने रविवार को बयान दिया। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि एक भी आरक्षित पद अनारक्षित नहीं किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि केंद्रीय शैक्षणिक संस्थान (शिक्षक संवर्ग में आरक्षण) अधिनियम, 2019 के आने के बाद आरक्षण में अस्पष्टता की कोई गुंजाइश नहीं है। उन्होंने कि “एक भी आरक्षित पद अनारक्षित नहीं किया जाएगा। केंद्रीय शैक्षणिक संस्थान (शिक्षक संवर्ग में आरक्षण) अधिनियम, 2019 के बाद अस्पष्टता की कोई गुंजाइश नहीं है।"

कांग्रेस ने आरक्षण समाप्त करने के लगाए आरोप

बता दें कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के एक मसौदा दिशा-निर्देशों में प्रस्ताव किया गया है कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजातियां, अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित रिक्तियां इन श्रेणियों के पर्याप्त उम्मीदवार उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में ‘‘अनारक्षित घोषित’’ की जा सकती हैं। मसौदा दिशा-निर्देशों को आलोचना का सामना करना पड़ा है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि उच्च शिक्षा संस्थानों में पदों पर एससी, एसटी और ओबीसी को दिए गए आरक्षण को समाप्त करने की "साजिश" की जा रही और मोदी सरकार दलितों, पिछड़े वर्गों और आदिवासियों के मुद्दों पर केवल "प्रतीक की राजनीति" कर रही है। इस बीच जेएनयू छात्र संघ ने इस मुद्दे पर यूजीसी अध्यक्ष एम जगदीश कुमार के खिलाफ सोमवार को विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की है।

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