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Ishq Vishq Rebound Review: कन्फ्यूजन में उलझी 'इश्क विश्क रिबाउंड' की कहानी, बोर कर देगा प्यार का सेकेंड राउंड

 Written By: Aseem Sharma
 Published : Jun 21, 2024 10:32 am IST,  Updated : Jun 21, 2024 10:32 am IST

रोहित सराफ, पश्मीना रोशन और जिबरान खान स्टारर 'इश्क विश्क रिबाउंड' आज सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। फिल्म इन तीन अभिनेताओं के इर्द-गिर्द घूमती है, जो सबसे अच्छे दोस्त हैं, लेकिन उनकी दोस्ती 'इश्क विश्क' फैक्टर से प्रेरित होने के बाद उलझ जाती है।

ishq vishq rebound
इश्क विश्क रिबाउंड। Photo: INSTAGRAM
  • फिल्म रिव्यू: इश्क विश्क रिबाउंड
  • स्टार रेटिंग 2/5
  • पर्दे पर: 21 जून, 2024
  • डायरेक्टर: निपुन धर्माधिकारी
  • शैली: रोमांटिक कॉमेडी

फिल्म की कहानी राघव (रोहित सर्राफ) से शुरू होती है जिसे उसके बॉस (कुशा कपिला) ने 'इश्क विश्क 2.0' नाम की अपकमिंग फिल्म के लिए अच्छी कहानी नहीं लाने के लिए डांटती है। कैमरे से बात करते समय, वह फिल्म को फ्लैशबैक में ले जाता है जब वह देहरादून में था, अपने दोस्तों साहिर (जिबरान खान) और सान्या (पश्मीना रोशन)के साथ जीवन का भरपूर आनंद ले रहा था। साहिर और सान्या एक दूसरे से प्यार करते हैं। फिल्म में साहिर और सान्या के रिलेशनशिप को मॉडर्न टाइम के लवबर्ड्स के रूप में दिखाया गया है, जिसमें आए दिन ब्रेकअप और पैच-अप होता रहता है। चूंकि राघव उनका सबसे अच्छा दोस्त है और उन दोनों से भावनात्मक रूप से जुड़ा हुआ है, इसलिए वह हर बार उनके झगड़े के बाद उन्हें वापस एक साथ लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। लेकिन एक दिन, साहिर सान्या के साथ अपने रिश्ते से निराश हो जाता है और अपने सख्त पिता के दबाव में अपने करियर को आगे बढ़ाने के लिए अलग होने का फैसला करता है। इसके बाद, इन तीनों के बीच चीजें पूरी तरह से 360-डिग्री मोड़ लेती हैं और यही फिल्म का सार बनता है।

डायरेक्शन

निर्देशन की बात करें तो फिल्म में कहीं कमी महसूस होती है। निपुण धर्माधिकारी ने मुख्य चार किरदारों को दिखाने की कोशिश की है, लेकिन बड़े पर्दे पर जादू पैदा करने में असफल रहे हैं। फिल्म रनटाइम के मामले में सबसे छोटी फिल्मों में से एक होने के बावजूद, इसके कुछ हिस्से बहुत ज्यादा खिंचे हुए लगते हैं। फिल्म सिर्फ आखिरी 20 मिनट में ही थोड़ी दिलचस्प हो जाती है, बाकी शुरुआत से लेकर इंटरवल और पोस्ट इंटरवल तक यह आपको हद से ज्यादा बोर करेगी।

एक्टिंग

रोहित सराफ के अलावा, अन्य दो प्रमुख कलाकार, पश्मीना रोशन और जिबरान खान, अपनी परफॉर्मेंस से आपको निराश करेंगे। फिल्म में पश्मीना और रोहित की तुलना में जिबरान का स्क्रीन स्पेस कम है और उनके क्यूट और अच्छे लुक के अलावा आप उनसे बिल्कुल भी प्रभावित नहीं होंगे। 'इश्क विश्क रिबाउंड' का एकमात्र भाग, जो आपको कुछ समय के लिए अपनी सीटों से चिपकाए रखेगा, वह है रोहित सराफ का स्क्रीन पर नजर आना। वह फिल्म का केंद्र हैं और अभिनेता ने दोस्त, बेटे और लवर के रूप में अपने आपको बेहतर पेश किया है। पश्मीना और जिबरान, जो इश्क विश्क रिबाउंड के साथ अपने फिल्मी करियर की शुरुआत कर रहे हैं, स्पष्ट रूप से इस रोमांटिक कॉमेडी में रोहित और उनके किरदार के प्रदर्शन से पीछे रह गए।

म्यूजिक

फिल्म का म्यूजिक भी दर्शकों पर कोई असर नहीं छोड़ पाएगा। 'इश्क विश्क प्यार व्यार' और 'चोट दिल पे लगी' के रीप्राइज़िंग वर्जन को छोड़कर कोई भी गाना दर्शकों को प्रभावित करने की क्षमता नहीं रखता है। चूंकि फिल्म में दर्शकों को प्रभावित करने के लिए कोई बड़ा ट्विस्ट और दिलचस्प सीक्वेंस नहीं है, इसलिए बैकग्राउंड स्कोर भी उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका। कुल मिलाकर, म्यूजिक फिल्म के कुछ प्रमुख पात्रों की तरह ही टालने योग्य है।

फैसला

अगर आप इस वीकेंड इश्क विश्क रिबाउंड को सिनेमाघरों में देखने की योजना बना रहे हैं, तो आप इसे आसानी से टाल सकते हैं और अपने जीवन के कीमती समय के 106 मिनट बचा सकते हैं। बल्कि एक कॉलेज के बाहर बैठें और एक अच्छे 'इश्क विश्क' माहौल का आनंद लें। अगर आप रोहित सराफ के फैन हैं, तो हम आपको 2003 की फिल्म के इस सीक्वल को देखने के बजाय द स्काई इज़ पिंक और हिचकी जैसी उनकी लोकप्रिय फिल्में देखने का सुझाव देंगे। हम इसे पांच में से 2 स्टार देते हैं।

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