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Explainer: कनाडा ने क्यों बंद कर दी विदेशी छात्रों के लिए फास्ट ट्रैक वीजा स्कीम, जानें भारतीय छात्रों पर होगा क्या असर?

Written By: Dharmendra Kumar Mishra @dharmendramedia
Published : Nov 10, 2024 01:02 pm IST, Updated : Nov 10, 2024 01:03 pm IST

कनाडा ने अचानक विदेशी छात्रों के लिए फास्ट ट्रैक वीजा स्कीम को रद्द कर दिया है। साथ ही इस साल कुल विदेशी छात्रों की संख्या में 35 फीसदी तक कटौती करने का ऐलान किया है। आइये जानते हैं कि कनाडा के इस फैसले से भारतीय छात्रों पर क्या असर होगा?

जस्टिन ट्रूडो, कनाडा के प्रधानमंत्री। - India TV Hindi
Image Source : AP जस्टिन ट्रूडो, कनाडा के प्रधानमंत्री।

Explainer (ओटावा): भारत से चल रहे तनाव के बीच कनाडा ने विदेशी छात्रों के लिए फास्ट-ट्रैक वीजा स्कीम को खत्म कर दिया है। इससे लाखों छात्रों के सपनों पर बुलडोजर चल गया है। विशेषज्ञों के अनुसार कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के इस फैसले से सबसे ज्यादा भारतीय छात्रों के प्रभावित होने की आशंका है। आखिर जस्टिन ट्रूडो ने फास्ट-ट्रैक वीजा स्कीम को अचानक रद्द करने के फैसले क्यों किया?..आइये जानते हैं। 

बता दें कि कनाडा में 2018 में छात्रों को जारी किए जाने वाले वीजा प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए ‘स्टूडेंट डायरेक्ट स्ट्रीम’ (एसडीएस) के तहत आवेदन प्रक्रिया की शुरुआत की थी। इससे छात्रों को वीजा जारी करने की प्रक्रिया में काफी कम समय लगता था। इसमें वीजा की स्वीकृति की दर भी अधिक थी। मगर कनाडा ने 8 नवंबर को इस योजना को समाप्त कर दिया है। प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो का कहना है कि, ‘‘हम इस साल अंतरराष्ट्रीय छात्रों की दी जाने वाली परमिट को 35 प्रतिशत कम कर रहे हैं। अगले साल इस संख्या में 10 प्रतिशत और कमी की जाएगी।

नई आव्रजन नीति के तहत कनाडा ने किया फैसला

कनाडा ने एक बड़ा नीतिगत फैसला करते हुए अपने लोकप्रिय त्वरित अध्ययन वीजा कार्यक्रम-एसडीएस को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया है जिसका भारत सहित कई अंतरराष्ट्रीय छात्रों पर असर पड़ने की आशंका है। कनाडा ने अपने देश में प्रवासियों की संख्या घटाने के उद्देश्य से यह फैसला किया है। ट्रूडो का कहना है कि आव्रजन हमारी अर्थव्यवस्था के लिए फायदेमंद है, लेकिन जब बुरे लोग प्रणाली का दुरुपयोग करते हैं और छात्रों का फायदा उठाते हैं, तो हम उन पर कार्रवाई करते हैं।’’ कनाडा सरकार ने कहा है कि वह अस्थायी निवासियों की संख्या कम करने पर विचार कर रही है। बता दें कि यह कदम भारत और कनाडा के बीच जारी कूटनीतिक विवाद के बीच उठाया गया है। 

कनाडा के फैसले से भारतीय छात्र होंगे सबसे ज्यादा प्रभावित

कनाडा के इस फैसला का भारतीय छात्रों पर सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ने की आशंका जाहिर की गई है। भारतीय उच्चायोग के अनुसार कनाडा में पढ़ने वाले विदेशी छात्रों में सबसे ज्यादा भारत के ही हैं। ऐसे में भारतीय छात्रों पर कनाडा के इस फैसले का असर भी ज्यादा होगा। अनुमानित रूप से कनाडा में 4,27,000 भारतीय छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। आव्रजन, शरणार्थी और नागरिकता कनाडा (आईआरसीसी) ने शुक्रवार को एक बयान में कहा, ‘‘कनाडा सभी अंतरराष्ट्रीय छात्रों को अध्ययन परमिट देने के लिए आवेदन प्रक्रिया में समान और निष्पक्ष पहुंच के लिए प्रतिबद्ध है।

क्या है एसडीएस 

यह एक तरीके से कनाडा की फास्ट ट्रैक वीजा स्कीम थी, जिसे चुनिंदा विदेशी छात्रों के लिए अध्ययन परमिट प्रक्रिया को सरल और तेज करने के लक्ष्य के साथ शुरू किया गया था और इस सुव्यवस्थित प्रक्रिया के तहत भारत, चीन और फिलीपींस जैसे देशों के पात्र आवेदकों को कई महीनों के बजाय आमतौर पर कुछ हफ्तों के भीतर कनाडा में प्रवेश की अनुमति दी गई थी। एसडीएस के तहत भारतीय छात्रों के आवेदनों पर 20 कार्य दिवसों के भीतर कार्रवाई की जाती थी और अब इसमें आठ सप्ताह तक का समय लग सकता है। साथ ही वीजा संख्या में भी कटौती होने से भारतीय छात्रों का कनाडा में पढ़ने का सपना अब पूरा नहीं हो सकेगा। 

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