सोशल मीडिया पर पिछले कुछ दिनों ने कैशबैक के नाम पर कुछ लिंक्स तेजी से वायरल हो रहे हैं। इन लिंक्स को शेयर करके यूजर्स दावा कर रहे हैं कि पोस्ट में मौजूद तस्वीर को छूने से कैशबैक मिलेगा। लेकिन जब इंडिया टीवी ने इस दावे की पड़ता की तो हमने पाया कि यह दावा पूरी तरह गलत और फर्जी है। फेक लिंक्स को यूजर के साथ धोखाधड़ी करने के मकसद से वायरल किया जा रहा है। बता दें कि हैकर्स डेटा को चोरी करने और लोगों को आर्थिक नुकसान पहुंचाने के इरादे से इस तरह के फेक पोस्ट वायरल करते हैं।
क्या हो रहा वायरल?
इसी हब नाम के फेसबुक यूजर ने 29 जून को वायरल पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, 'बधाई हो आपने जीता है कैशबैक कूपन 691।' इसके बाद ड्रीम स्वाट नाम के अकाउंट ने भी इसी मैसेज और पोस्ट को 30 जून को शेयर किया। इसी तरह इजी हब ने 30 जून को फिर इसी वायरल पोस्ट को सेम टू सेम कैप्शन के साथ शेयर किया। इसके अलावा योजना भत्ता नाम के फेसबुक आकाउंट ने 1 जुलाई 2025 को पोस्ट को शेयर करते हुए लिखा, 'अपना स्क्रैच कार्ड क्लेम करें और पाएं कैशबैक बैंक खाते में।' इसके अलावा फेसबुक यूजर जनधन योजना ने भी 1 जुलाई को वायरल पोस्ट को शेयर किया और कैप्शन में लिखा, “आपको मिला है 691 रुपये का कैशबैक। सोने के मोर को टच करें और पाएं 691 का कैशबैक!”
वायरल दावे की सच्चाई
हमने वायरल लिंक्स की सच्चाई जानने के लिए जब इसपर क्लिक किया तो सुरेश केयर डॉट कॉम नाम की एक वेबसाइट खुलकर सामने आई। इस वेबसाइट के होमपेज पर पीएम नरेंद्र मोदी की तस्वीर लगी हुई है और इसपर लिखा है, 'प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत सभी को 1999 रुपये दिये जा रहे हैं। नीचे दिये गये स्क्रैच कार्ड पर स्क्रैच करने से खाते में पैसे आ जाएंगे।' सबसे पहली बात ये कि इस वेबसाइट का लिंक सुरेश केयर डॉट कॉम है, जबकि आधिकारिक वेबसाइट का लिंक मुद्रा डॉट ओआरजी डॉट इन है। केंद्र सरकार की वेबसाइट माय स्कीम पर जाकर हमने चेक किया तो वहां मिले जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना गैर कृषि क्षेत्र में विनिर्माण, व्यापार या सेवा क्षेत्रों में लगे सूक्षम उद्यमों को 10 लाख रुपये तक का लोन उपलब्ध कराती है। इसमे कृषि क्षेत्र से जुड़ी गतिविधियां जैसे मुर्गी पालन, डेयरी, मधुमक्खी पालन इत्यादि शामिल है।
इसी तरह चौथी पोस्ट के लिंक पर हमने क्लिक किया तो मुद्रा योजना जैसी ही दिखने वाली एक वेबसाइट डेली रिवॉर्ड डॉट एक्स वाई जेड खुलकर सामने आई। लेकिन इस वेबसाइट पर मुद्रा योजना की जगह प्रधानमंत्री अनुदान योजना लिखा हुआ है। अब क्योंकि इस वेबसाइट के यूआरएल में एक्स वाई जेड है तो इसपर संदेह होना लाजमी है। क्योंकि अगर यह वेबसाइट केंद्र सरकार की होती तो यूआरएल डॉट जीओवी डॉट इन या एनआईसी डॉट इन होता। इसके अलावा पांचवी पोस्ट पर क्लिक करने पर हमारे सिस्टम ने चेतावनी दी औऱ बताया कि यह लिंक आपके सिस्टम के लिए खतरनाक हो सकता है। इसका मतलब है कि यह लिंक भी पूरी तरह फर्जी है। बता दें कि साइबर अपराधी अक्सर लालच देकर लोगों को फिशिंग का शिकार बनाते हैं। इस तरह की वेबसाइट पर हमें क्लिक करने से बचना चाहिए।